फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   Electricity cannot be disconnected due to a family dispute; the court termed it a basic necessity of life.

Panchkula News: पारिवारिक विवाद में नहीं काटी जा सकती बिजली, कोर्ट ने कहा- यह जीवन की बुनियादी जरूरत

Sat, 05 Sep 2026 01:09 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 05 Sep 2026 01:09 AM IST
विज्ञापन
Electricity cannot be disconnected due to a family dispute; the court termed it a basic necessity of life.
पारिवारिक विवाद में नहीं काटी जा सकती बिजली, कोर्ट ने कहा- यह जीवन की बुनियादी जरूरत
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। सेक्टर-12ए स्थित मकान की पहली और दूसरी मंजिल की बिजली पारिवारिक विवाद के चलते काटे जाने के मामले में पंचकूला की अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम को आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करवाकर दोनों मंजिलों की बिजली आपूर्ति तुरंत बहाल करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि बिजली कोई विलासिता नहीं, बल्कि जीवन की बुनियादी आवश्यकता है। संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत बिजली की उपलब्धता जीवन के अधिकार से जुड़ी है। इसलिए पारिवारिक विवाद के चलते किसी व्यक्ति की बिजली आपूर्ति बंद नहीं की जा सकती। मामले के अनुसार, याचिकाकर्ताओं ने अदालत को बताया कि मकान उनके दिवंगत पिता के नाम पर था और परिवार के सदस्य इसमें रह रहे हैं। याचिकाकर्ता पहली और दूसरी मंजिल पर रहते हैं, जबकि दूसरा पक्ष अपने परिजनों के साथ भूतल पर रह रहा है। आरोप था कि पारिवारिक विवाद के चलते दूसरे पक्ष ने बिजली निगम में आवेदन देकर दोनों मंजिलों की बिजली कटवा दी। सुनवाई के दौरान दूसरे पक्ष ने दावा किया कि मकान उनके नाम पर है और पहली व दूसरी मंजिल पर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। वहीं बिजली निगम के कनिष्ठ अभियंता ने अदालत को बताया कि प्रतिवादी के लिखित आवेदन के आधार पर बिजली कनेक्शन काटा गया था। अदालत ने बिजली अधिनियम का हवाला देते हुए कहा कि परिसर के कब्जेधारी को बिजली उपलब्ध कराना बिजली वितरण कंपनी की जिम्मेदारी है। कोर्ट ने निर्देश दिया कि याचिकाकर्ताओं द्वारा आवेदन, क्षतिपूर्ति बांड, कब्जे का प्रमाण और निर्धारित सुरक्षा राशि सहित जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बिजली आपूर्ति बहाल की जाए। हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि बिजली कनेक्शन बहाल होने से याचिकाकर्ताओं को संपत्ति पर कोई मालिकाना हक नहीं मिलेगा और इससे संपत्ति के स्वामित्व से जुड़े मुख्य विवाद पर कोई असर नहीं पड़ेगा। मामले की अगली सुनवाई 31 अक्टूबर 2026 को होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed