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Panchkula News: डीएसपी पांच साल से कर रहे थे दहेज उत्पीड़न की जांच, हुए सस्पेंड
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इनमें सेक्टर-5 थाना के 6, सेक्टर-14 के 3 और सेक्टर-19 सीआईए के एक जांच अधिकारी हैं शामिल
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। डीएसपी सुरेंद्र यादव को सेक्टर-5 थाने में एक पिता ने 1 मार्च 2018 को दहेज उत्पीड़न की शिकायत दी थी। डीएसपी इस मामले की जांच कर रहे थे। पांच साल से यह मामला पेंडिंग था। इस दौरान लड़की के पिता ने पुलिस द्वारा समझौता करने के लिए उन पर दबाव बनाने का भी कई बार आरोप लगाया। उन्होंने मामले में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया था। इसी तरह विभिन्न मामलों की जांच लंबे समय पेंडिंग रहने के कारण गृह मंत्री अनिल विज ने संज्ञान लिया।
डीएसपी सुरेंद्र यादव समेत एक एसएचओ और दस जांच अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। उनके केस दूसरे जांच अधिकारियों को देने के निर्देश दिए गए हैं। इनमें सेक्टर-5 थाना के 6, सेक्टर-14 के 3 और सेक्टर-19 सीआईए का एक जांच अधिकारी शामिल हैं। जिन जांच अधिकारियों को गृह मंत्री ने सस्पेंड किया है, उनके द्वारा 2021 व 2022 से जांच की जा रही है, लेकिन फाइल अभी तक पेंडिंग थी।
इन मामलों में गिरी गाज
-सेक्टर-5 पुलिस थाने में तैनात एसआई मुकेश कुमार ने 14 दिसंबर 2021 को सेक्टर-5 एसबीआई के चीफ मैनेजर द्वारा धोखाधड़ी के दर्ज करवाए मामले में एक साल से ज्यादा समय तक जांच की, लेकिन उसमें कोई कार्रवाई नहीं की
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-सेक्टर-5 थाने में तैनात पीएसआई प्रवीण ने 14 दिसंबर 2021 को कार के खरीद फरोख्त को लेकर दर्ज धोखाधड़ी के मामले और 15 जून 2022 को एनएचएम की ओर से कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर पोस्ट के लिए फर्जी सर्टिफिकेट जारी करने के दर्ज मामले में एक साल से ज्यादा समय से ज्यादा समय तक जांच किया लेकिन कार्रवाई कोई नहीं की
-सेक्टर-5 पुलिस थाने की पुलिस चौकी सेक्टर-21 में तैनात पीएसआई कमलदीप ने 14 दिसंबर 2021 को महिला द्वारा उनके बेटे के कार्यालय से चेक चोरी कर 2.90 करोड़ रुपये का रकम भरकर बैंक में लगाए जाने की शिकायत दी थी। शिकायत की जांच पीएसआई कमलदीप ने काफी समय तक की, लेकिन उसमें कोई कार्रवाई नहीं हुई।
-सेक्टर-5 पुलिस थाना में तैनात एएसआई राजेंद्र कुमार ने एनएचएम की ओर से कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर पोस्ट के लिए फर्जी सर्टिफिकेट जारी करने के दो दर्ज मामलों में एक साल से ज्यादा समय से ज्यादा समय तक जांच किया, लेकिन कार्रवाई कोई नहीं की।
-सेक्टर 19 सीआईए में तैनात एएसआई संजीव कुमार द्वारा 17 नवंबर 2021 को एफआईआर नंबर 462 व 463 की जांच में एक साल से ज्यादा समय लगाया गया
-सेक्टर 14 पुलिस थाना में तैनात एसआई राम मेहर ने 21 अगस्त 2021 को सेक्टर 12ए के शिकायतकर्ता का 30 हजार रुपये के धोखाधड़ी की शिकायत पर दर्ज किए मामले की एक साल से ज्यादा समय तक जांच के बाद भी कार्रवाई नहीं की।
-सेक्टर 14 पुलिस थाना में तैनात पीएसआई विकास कुमार ने 4 मई 2022 को सेक्टर 16 बैंक ऑफ इंडिया के अधिकारी की धोखाधड़ी की शिकायत पर दर्ज मामले में करीब एक साल से ज्यादा समय तक जांच की लेकिन कार्रवाई नहीं की।
- सेक्टर 14 पुलिस थाना अंतर्गत पड़ने वाले सेक्टर 15 पुलिस चौकी में तैनात एएसआई रोशन लाल ने सेक्टर 16 बैंक ऑफ इंडिया के अधिकारी की धोखाधड़ी की शिकायत पर दर्ज मामले में करीब एक साल से ज्यादा समय तक जांच की लेकिन कार्रवाई नहीं की
लटकी तलवार तो केस निपटाने में जुटे अधिकारी
सस्पेंड जांच अधिकारियों के नाम व्हाट्सएप ग्रुप में वायरल होते ही सभी डीएसपी, थाना व चौकी प्रभारियों ने अपने पुलिस थानों और चौकियों में पेंडिंग शिकायतों पर कार्रवाई में तेजी लानी शुरू कर दी है। इसमें पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं, ताकि उनका नाम कहीं सस्पेंडेड जांच अधिकारियों की लिस्ट में शामिल न हो जाए।
आरोपियों और शिकायकर्ता के दर्ज होने लगे बयान
अभी हाल में डीसीपी सुमेर प्रताप सिंह ने सभी थानों में पेंडिंग फाइलों की पूरी रिपोर्ट तलब की थी। उन्होंने कई थाना प्रभारियों की बैठक बुलाकर उन्हें जल्द से जल्द पेंडिंग फाइलों को क्लियर करने को कहा था। उसके बाद से पुलिस द्वारा शिकायतकर्ता व आरोपियों को बुलाकर उनके बयान भी लिए जा रहे हैं।
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माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। डीएसपी सुरेंद्र यादव को सेक्टर-5 थाने में एक पिता ने 1 मार्च 2018 को दहेज उत्पीड़न की शिकायत दी थी। डीएसपी इस मामले की जांच कर रहे थे। पांच साल से यह मामला पेंडिंग था। इस दौरान लड़की के पिता ने पुलिस द्वारा समझौता करने के लिए उन पर दबाव बनाने का भी कई बार आरोप लगाया। उन्होंने मामले में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया था। इसी तरह विभिन्न मामलों की जांच लंबे समय पेंडिंग रहने के कारण गृह मंत्री अनिल विज ने संज्ञान लिया।
डीएसपी सुरेंद्र यादव समेत एक एसएचओ और दस जांच अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। उनके केस दूसरे जांच अधिकारियों को देने के निर्देश दिए गए हैं। इनमें सेक्टर-5 थाना के 6, सेक्टर-14 के 3 और सेक्टर-19 सीआईए का एक जांच अधिकारी शामिल हैं। जिन जांच अधिकारियों को गृह मंत्री ने सस्पेंड किया है, उनके द्वारा 2021 व 2022 से जांच की जा रही है, लेकिन फाइल अभी तक पेंडिंग थी।
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इन मामलों में गिरी गाज
-सेक्टर-5 पुलिस थाने में तैनात एसआई मुकेश कुमार ने 14 दिसंबर 2021 को सेक्टर-5 एसबीआई के चीफ मैनेजर द्वारा धोखाधड़ी के दर्ज करवाए मामले में एक साल से ज्यादा समय तक जांच की, लेकिन उसमें कोई कार्रवाई नहीं की
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-सेक्टर-5 थाने में तैनात पीएसआई प्रवीण ने 14 दिसंबर 2021 को कार के खरीद फरोख्त को लेकर दर्ज धोखाधड़ी के मामले और 15 जून 2022 को एनएचएम की ओर से कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर पोस्ट के लिए फर्जी सर्टिफिकेट जारी करने के दर्ज मामले में एक साल से ज्यादा समय से ज्यादा समय तक जांच किया लेकिन कार्रवाई कोई नहीं की
-सेक्टर-5 पुलिस थाने की पुलिस चौकी सेक्टर-21 में तैनात पीएसआई कमलदीप ने 14 दिसंबर 2021 को महिला द्वारा उनके बेटे के कार्यालय से चेक चोरी कर 2.90 करोड़ रुपये का रकम भरकर बैंक में लगाए जाने की शिकायत दी थी। शिकायत की जांच पीएसआई कमलदीप ने काफी समय तक की, लेकिन उसमें कोई कार्रवाई नहीं हुई।
-सेक्टर-5 पुलिस थाना में तैनात एएसआई राजेंद्र कुमार ने एनएचएम की ओर से कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर पोस्ट के लिए फर्जी सर्टिफिकेट जारी करने के दो दर्ज मामलों में एक साल से ज्यादा समय से ज्यादा समय तक जांच किया, लेकिन कार्रवाई कोई नहीं की।
-सेक्टर 19 सीआईए में तैनात एएसआई संजीव कुमार द्वारा 17 नवंबर 2021 को एफआईआर नंबर 462 व 463 की जांच में एक साल से ज्यादा समय लगाया गया
-सेक्टर 14 पुलिस थाना में तैनात एसआई राम मेहर ने 21 अगस्त 2021 को सेक्टर 12ए के शिकायतकर्ता का 30 हजार रुपये के धोखाधड़ी की शिकायत पर दर्ज किए मामले की एक साल से ज्यादा समय तक जांच के बाद भी कार्रवाई नहीं की।
-सेक्टर 14 पुलिस थाना में तैनात पीएसआई विकास कुमार ने 4 मई 2022 को सेक्टर 16 बैंक ऑफ इंडिया के अधिकारी की धोखाधड़ी की शिकायत पर दर्ज मामले में करीब एक साल से ज्यादा समय तक जांच की लेकिन कार्रवाई नहीं की।
- सेक्टर 14 पुलिस थाना अंतर्गत पड़ने वाले सेक्टर 15 पुलिस चौकी में तैनात एएसआई रोशन लाल ने सेक्टर 16 बैंक ऑफ इंडिया के अधिकारी की धोखाधड़ी की शिकायत पर दर्ज मामले में करीब एक साल से ज्यादा समय तक जांच की लेकिन कार्रवाई नहीं की
लटकी तलवार तो केस निपटाने में जुटे अधिकारी
सस्पेंड जांच अधिकारियों के नाम व्हाट्सएप ग्रुप में वायरल होते ही सभी डीएसपी, थाना व चौकी प्रभारियों ने अपने पुलिस थानों और चौकियों में पेंडिंग शिकायतों पर कार्रवाई में तेजी लानी शुरू कर दी है। इसमें पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं, ताकि उनका नाम कहीं सस्पेंडेड जांच अधिकारियों की लिस्ट में शामिल न हो जाए।
आरोपियों और शिकायकर्ता के दर्ज होने लगे बयान
अभी हाल में डीसीपी सुमेर प्रताप सिंह ने सभी थानों में पेंडिंग फाइलों की पूरी रिपोर्ट तलब की थी। उन्होंने कई थाना प्रभारियों की बैठक बुलाकर उन्हें जल्द से जल्द पेंडिंग फाइलों को क्लियर करने को कहा था। उसके बाद से पुलिस द्वारा शिकायतकर्ता व आरोपियों को बुलाकर उनके बयान भी लिए जा रहे हैं।