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Panchkula News: जिले के अस्पतालों में डाॅक्टरों ने की हड़ताल, तीन घंटे बाद मरीजों को मिला इलाज
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मांगों को लेकर सर्जरी ओपीडी के बाहर विरोध जताते डॉक्टर।
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन ने सीधे एसएमओ की भर्ती का किया विरोध
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन की गठित एक्शन कमेटी की ओर से डॉक्टरों ने वीरवार को दो घंटे पेन डाउन स्ट्राइक की। सुबह 9 बजे से 11 बजे तक हुई हड़ताल के कारण मरीजों को करीब तीन घंटे बाद इलाज मिला। अधिक भीड़ के कारण ओपीडी और जांच में देरी के चलते एक घंटे का अतिरिक्त समय लगा। चेकअप में देरी के कारण मरीजों को टेस्ट के लिए अगले दिन बुलाया गया है। यह पेन डाउन स्ट्राइक सेक्टर -6 सिविल अस्पताल के अलावा अर्बन हेल्थ सेंटर सेक्टर -16, सेक्टर-26 पॉलीक्लीनिक सहित पीएचसी और सीएचसी सेंटरोंं में रही। वहीं कालका, पिंजौर, मोरनी, बरवाला और रायपुररानी में हड़ताल के कारण मरीज परेशान रहे। हालांकि वीरवार को पंचकूला जिले में कुल ओपीडी 4165 दर्ज की गई। बुधवार को पंचकूला में कुल ओपीडी संख्या 4398 दर्ज की गई थी। ऐसे में हड़ताल के दिन ओपीडी की संख्या में कमी दर्ज की गई है। जाहिर है कि इलाज न मिलने पर सैकड़ों मरीजों को लाैटना पड़ा।
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के राज्य प्रधान डॉ. राजेश ख्यालिया ने कहा कि सरकार की ओर से डायरेक्ट एसएमओ भर्ती की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। यह गलत तरीके से की जा रही है। इसका विरोध करते हुए पूरे जिले में तैनात 206 डॉक्टरों ने विरोध प्रदर्शन किया। डॉक्टर सुबह से ही सिविल अस्पताल के यूरोलॉजी, हड्डी ओपीडी के ग्राउंड फ्लोर पर इकट्ठा हुए। इसके बाद डॉक्टरों ने विरोध प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन के दौरान आंख, ईएनटी, गायनी, हड्डी, सर्जरी, यूरोलॉजी, स्किन, कैंसर, मनोरोग विभाग, बच्चों की ओपीडी में डॉक्टर 11 बजे के बाद बैठे। इस कारण मरीज ओपीडी के बाहर चक्कर काटते रहे। डॉक्टर ओपीडी से नदारद रहे। डॉक्टर सभी ओपीडी में करीब 11.30 बजे पहुंचे।
डाॅक्टर नहीं मिले
मेरा एक्सीडेंट हो गया है। इलाज के लिए हड्डी की ओपीडी में आई लेकिन यहां पर पेन डाउन स्ट्राइक के कारण डॉक्टर नहीं मिले। इलाज मिलने में देरी हुई।
दीपिका, मरीज निवासी ढकोली
बॉक्स-- -
सांस लेने में है समस्या
मुझे तीन महीने से सांस लेने की समस्या के साथ पेट में दर्द रहता है। स्ट्राइक के कारण डॉक्टरोंं ने नहीं देखा। इस कारण इलाज व जांच नहीं हो पाई है।
दिलीप गिरी, मरीज निवासी डेराबस्सी
बॉक्स-- -
दो दिन से बुखार है
मुझे दो दिन से बुखार है। इलाज के लिए आया हूं। पेन डाउन स्ट्राइक होने के कारण खाली पेट जांच के लिए दो दिन बाद बुलाया है। दो घंटे बाद देरी से इलाज मिलने से परेशानी हुई है।
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तापस, मरीज निवासी खड़क मंगोली
बॉक्स-- -
पत्नी की तबीयत तीन दिन से खराब है
मेरी पत्नी की तबीयत तीन दिन से खराब है। अस्पताल में टीबी सहित अन्य जांच के लिए डॉक्टरों ने लिखा था। टेस्ट देरी से होने के कारण पूरे टेस्ट नहीं हो पाए। अब इलाज के लिए शुक्रवार को आना पड़ेगा।
मोहम्मद अली निवासी बुढ़नपुर
कोट
सिविल अस्पताल में सभी ओपीडी चलाई गई। इसमें दो घंटे की देरी हुई। कई जगह निरीक्षण कर डॉक्टरों को मरीजों को देखने के लिए भेजा है। अस्पताल आने वाले मरीजों का इलाज किया गया है।
-डॉ. आरएस चौहान, पीएमओ, सिविल अस्पताल सेक्टर-6
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माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन की गठित एक्शन कमेटी की ओर से डॉक्टरों ने वीरवार को दो घंटे पेन डाउन स्ट्राइक की। सुबह 9 बजे से 11 बजे तक हुई हड़ताल के कारण मरीजों को करीब तीन घंटे बाद इलाज मिला। अधिक भीड़ के कारण ओपीडी और जांच में देरी के चलते एक घंटे का अतिरिक्त समय लगा। चेकअप में देरी के कारण मरीजों को टेस्ट के लिए अगले दिन बुलाया गया है। यह पेन डाउन स्ट्राइक सेक्टर -6 सिविल अस्पताल के अलावा अर्बन हेल्थ सेंटर सेक्टर -16, सेक्टर-26 पॉलीक्लीनिक सहित पीएचसी और सीएचसी सेंटरोंं में रही। वहीं कालका, पिंजौर, मोरनी, बरवाला और रायपुररानी में हड़ताल के कारण मरीज परेशान रहे। हालांकि वीरवार को पंचकूला जिले में कुल ओपीडी 4165 दर्ज की गई। बुधवार को पंचकूला में कुल ओपीडी संख्या 4398 दर्ज की गई थी। ऐसे में हड़ताल के दिन ओपीडी की संख्या में कमी दर्ज की गई है। जाहिर है कि इलाज न मिलने पर सैकड़ों मरीजों को लाैटना पड़ा।
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के राज्य प्रधान डॉ. राजेश ख्यालिया ने कहा कि सरकार की ओर से डायरेक्ट एसएमओ भर्ती की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। यह गलत तरीके से की जा रही है। इसका विरोध करते हुए पूरे जिले में तैनात 206 डॉक्टरों ने विरोध प्रदर्शन किया। डॉक्टर सुबह से ही सिविल अस्पताल के यूरोलॉजी, हड्डी ओपीडी के ग्राउंड फ्लोर पर इकट्ठा हुए। इसके बाद डॉक्टरों ने विरोध प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन के दौरान आंख, ईएनटी, गायनी, हड्डी, सर्जरी, यूरोलॉजी, स्किन, कैंसर, मनोरोग विभाग, बच्चों की ओपीडी में डॉक्टर 11 बजे के बाद बैठे। इस कारण मरीज ओपीडी के बाहर चक्कर काटते रहे। डॉक्टर ओपीडी से नदारद रहे। डॉक्टर सभी ओपीडी में करीब 11.30 बजे पहुंचे।
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डाॅक्टर नहीं मिले
मेरा एक्सीडेंट हो गया है। इलाज के लिए हड्डी की ओपीडी में आई लेकिन यहां पर पेन डाउन स्ट्राइक के कारण डॉक्टर नहीं मिले। इलाज मिलने में देरी हुई।
दीपिका, मरीज निवासी ढकोली
बॉक्स
सांस लेने में है समस्या
मुझे तीन महीने से सांस लेने की समस्या के साथ पेट में दर्द रहता है। स्ट्राइक के कारण डॉक्टरोंं ने नहीं देखा। इस कारण इलाज व जांच नहीं हो पाई है।
दिलीप गिरी, मरीज निवासी डेराबस्सी
बॉक्स
दो दिन से बुखार है
मुझे दो दिन से बुखार है। इलाज के लिए आया हूं। पेन डाउन स्ट्राइक होने के कारण खाली पेट जांच के लिए दो दिन बाद बुलाया है। दो घंटे बाद देरी से इलाज मिलने से परेशानी हुई है।
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तापस, मरीज निवासी खड़क मंगोली
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पत्नी की तबीयत तीन दिन से खराब है
मेरी पत्नी की तबीयत तीन दिन से खराब है। अस्पताल में टीबी सहित अन्य जांच के लिए डॉक्टरों ने लिखा था। टेस्ट देरी से होने के कारण पूरे टेस्ट नहीं हो पाए। अब इलाज के लिए शुक्रवार को आना पड़ेगा।
मोहम्मद अली निवासी बुढ़नपुर
कोट
सिविल अस्पताल में सभी ओपीडी चलाई गई। इसमें दो घंटे की देरी हुई। कई जगह निरीक्षण कर डॉक्टरों को मरीजों को देखने के लिए भेजा है। अस्पताल आने वाले मरीजों का इलाज किया गया है।
-डॉ. आरएस चौहान, पीएमओ, सिविल अस्पताल सेक्टर-6