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Panchkula News: डॉक्टरों की हड़ताल पड़ी कमजोर, 72 लौटे ड्यूटी पर, मरीजों की परेशानी जारी
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पंचकूला सेक्टर 6 अस्पताल में एक्स-रे के लिए इंतजार करते मरीज।
तीसरे दिन भी हड़ताल से ओपीडी प्रभावित, सर्जरी और हड्डी के मरीजों को सबसे अधिक दिक्कत
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। जिले भर में चल रही डॉक्टरों की हड़ताल बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रही। हालांकि सरकार के दबाव के बाद हड़ताली 190 डॉक्टरों में से 72 डॉक्टर काम पर लौट आए। दोपहर तक उन्होंने अपने-अपने विभागों में मरीजों की जांच शुरू की लेकिन मामला फिलहाल पूरी तरह सुलझा नहीं है।
रूटीन में 4000 तक होने वाली कुल ओपीडी में बुधवार को करीब 3100 मरीजों ने जांच करवाई। ऐसे में करीब 900 मरीज अस्पताल कम आए। आशंका है कि हड़ताल के कारण उन्होंने अन्य अस्पतालों जैसे पीजीआई, जीएमसीएच-32 सहित निजी अस्पतालों का रुख किया। हड़ताल के कारण सर्जरी और हड्डी के मरीजों को एक सप्ताह से लेकर दस दिन तक ऑपरेशन की नई तारीख दी गई। रूटीन की सेवाओं के तहत मुलाना मेडिकल कॉलेज के 23 डॉक्टर, 21 कंसलटेंट, 40 डीएनबी, ईएसआई के 3 डॉक्टर, डेंटल कैंप के 33 डॉक्टर और नेशनल हेल्थ मिशन के 21 डॉक्टरों ने भी सेवाएं जारी रखीं।
मरीजों को तीन घंटे तक भटकना पड़ा
हड़ताल के दौरान मरीजों को इलाज में भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। एक्सरे मशीन की खराबी और डॉक्टरों की कम उपस्थिति के कारण कई मरीजों के ब्लड टेस्ट और एक्सरे नहीं हो सके। इस वजह से हड्डी, सर्जरी और एमडी मेडिसिन के मरीजों को दोबारा अस्पताल आने की आवश्यकता पड़ी।
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इलाज के लिए आए मरीजों ने बयां किया दर्ज
खड़क मंगोली से इलाज के लिए आए कृष्ण लाल ने बताया कि सुबह 9 बजे आ गया था। अस्प्ताल में एक्सरे के लिए लिखा गया लेकिन मशीन खराब होने के कारण एक बजे तक परेशान हुआ और एक्सरे नहीं हो सका। भूण गांव से आईं मंती ने बताया कि पेट में पथरी के इलाज के लिए ऑपरेशन की डेट नहीं मिली केवल दवा दे दी गई। शहजादपुर से से आए रूलदा राम ने बताया कि हड्डी की ओपीडी में दो घंटे बाद डॉक्टर आए। इस कारण इलाज में देरी हुई। सेक्टर-14 निवासी जसवंत सिंह ने बताया कि पैर की हड्डी टूट गई है। ओपीडी में तीन घंटे के बाद जांच हुई। एक्सरे भी नहीं हो सका। पिंजौर से आए विनोद शर्मा ने बताया कि आंख के ऑपरेशन की डेट नहीं मिली। भीड़ और डॉक्टर कम होने के कारण परेशानी हुई।
अस्पताल प्रबंधन की कार्रवाई
पंचकूला सिविल अस्पताल के पीएमओ डॉ. आरएस चौहान और सीएमओ डॉ. मुक्ता कुमार ने अतिरिक्त डॉक्टरों की तैनाती कर ओपीडी चालू रखी। उन्होंने अनुपस्थित डॉक्टरों को वार्निंग लेटर जारी किया और अस्पताल में बाहर से डॉक्टर बुलाकर सेवाएं चलाने का इंतजाम किया। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज़ एसोसिएशन (एचसीएमएसए) के प्रधान डॉ. राजेश ख्यालिया ने बताया कि सरकार उनकी मांग पूरी नहीं कर रही है। डॉक्टरों को डराकर ड्यूटी पर बुलाया जा रहा है। वह अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखेंगे।
अस्पताल में इलाज की स्थिति
मरीजों की कुल ओपीडी 3100
सर्जरी हुई 15
एमएलआर 7
कुल डिलीवरी हुई 11
सिजेरियन डिलीवरी 4
डायलिसिस 30
एमएलआर 7
अल्ट्रासाउंड 22
लैब टेस्ट 1702
पोस्टमार्टम 4
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माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। जिले भर में चल रही डॉक्टरों की हड़ताल बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रही। हालांकि सरकार के दबाव के बाद हड़ताली 190 डॉक्टरों में से 72 डॉक्टर काम पर लौट आए। दोपहर तक उन्होंने अपने-अपने विभागों में मरीजों की जांच शुरू की लेकिन मामला फिलहाल पूरी तरह सुलझा नहीं है।
रूटीन में 4000 तक होने वाली कुल ओपीडी में बुधवार को करीब 3100 मरीजों ने जांच करवाई। ऐसे में करीब 900 मरीज अस्पताल कम आए। आशंका है कि हड़ताल के कारण उन्होंने अन्य अस्पतालों जैसे पीजीआई, जीएमसीएच-32 सहित निजी अस्पतालों का रुख किया। हड़ताल के कारण सर्जरी और हड्डी के मरीजों को एक सप्ताह से लेकर दस दिन तक ऑपरेशन की नई तारीख दी गई। रूटीन की सेवाओं के तहत मुलाना मेडिकल कॉलेज के 23 डॉक्टर, 21 कंसलटेंट, 40 डीएनबी, ईएसआई के 3 डॉक्टर, डेंटल कैंप के 33 डॉक्टर और नेशनल हेल्थ मिशन के 21 डॉक्टरों ने भी सेवाएं जारी रखीं।
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मरीजों को तीन घंटे तक भटकना पड़ा
हड़ताल के दौरान मरीजों को इलाज में भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। एक्सरे मशीन की खराबी और डॉक्टरों की कम उपस्थिति के कारण कई मरीजों के ब्लड टेस्ट और एक्सरे नहीं हो सके। इस वजह से हड्डी, सर्जरी और एमडी मेडिसिन के मरीजों को दोबारा अस्पताल आने की आवश्यकता पड़ी।
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इलाज के लिए आए मरीजों ने बयां किया दर्ज
खड़क मंगोली से इलाज के लिए आए कृष्ण लाल ने बताया कि सुबह 9 बजे आ गया था। अस्प्ताल में एक्सरे के लिए लिखा गया लेकिन मशीन खराब होने के कारण एक बजे तक परेशान हुआ और एक्सरे नहीं हो सका। भूण गांव से आईं मंती ने बताया कि पेट में पथरी के इलाज के लिए ऑपरेशन की डेट नहीं मिली केवल दवा दे दी गई। शहजादपुर से से आए रूलदा राम ने बताया कि हड्डी की ओपीडी में दो घंटे बाद डॉक्टर आए। इस कारण इलाज में देरी हुई। सेक्टर-14 निवासी जसवंत सिंह ने बताया कि पैर की हड्डी टूट गई है। ओपीडी में तीन घंटे के बाद जांच हुई। एक्सरे भी नहीं हो सका। पिंजौर से आए विनोद शर्मा ने बताया कि आंख के ऑपरेशन की डेट नहीं मिली। भीड़ और डॉक्टर कम होने के कारण परेशानी हुई।
अस्पताल प्रबंधन की कार्रवाई
पंचकूला सिविल अस्पताल के पीएमओ डॉ. आरएस चौहान और सीएमओ डॉ. मुक्ता कुमार ने अतिरिक्त डॉक्टरों की तैनाती कर ओपीडी चालू रखी। उन्होंने अनुपस्थित डॉक्टरों को वार्निंग लेटर जारी किया और अस्पताल में बाहर से डॉक्टर बुलाकर सेवाएं चलाने का इंतजाम किया। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज़ एसोसिएशन (एचसीएमएसए) के प्रधान डॉ. राजेश ख्यालिया ने बताया कि सरकार उनकी मांग पूरी नहीं कर रही है। डॉक्टरों को डराकर ड्यूटी पर बुलाया जा रहा है। वह अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखेंगे।
अस्पताल में इलाज की स्थिति
मरीजों की कुल ओपीडी 3100
सर्जरी हुई 15
एमएलआर 7
कुल डिलीवरी हुई 11
सिजेरियन डिलीवरी 4
डायलिसिस 30
एमएलआर 7
अल्ट्रासाउंड 22
लैब टेस्ट 1702
पोस्टमार्टम 4