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Panchkula News: नगर पंचायतें भंग करना असांविधानिक कदमः सिद्धू

Mon, 21 Aug 2023 01:21 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 21 Aug 2023 01:21 AM IST
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Dissolving Nagar Panchayats unconstitutional step: Sidhu
चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू ने प्रदेश की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार द्वारा नगर पंचायतों को कार्यकाल समाप्त होने से 6 माह पहले ही भंग कर दिए जाने के फैसले को असांविधानिक कदम बताया है। उन्होंने राज्य सरकार के फैसले को अदालत में चुनौती देने की चेतावनी दी है।
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सिद्धू ने रविवार को ट्वीट कर सरकार के उक्त फैसले पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने ट्वीट किया- आम आदमी पार्टी ने हमारे लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर कर दिया है, यह पंजाब के लोगों के साथ धोखा है, पंजाबियों के गौरव पर हमला है...। उन्होंने आगे लिखा- ‘नगर पंचायतें स्थानीय स्वशासन की जड़ें हैं और उन्हें भंग करना लोगों के अधिकारों को भंग करना है। पंजाब सरकार का यह अलोकतांत्रिक रवैया स्वीकार्य नहीं होगा!’
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सिद्धू ने आप सरकार पर निशाना साधते हुए यह भी लिखा- ‘बहुरूपियों का असली चेहरा सामने आ गया है, भारत के संविधान का हवाला देकर दिल्ली अध्यादेश पर सहानुभूति मांगने वाली पार्टी पंजाब में सांविधानिक मूल्यों की धज्जियां उड़ा रही है। सरपंचों के वित्तीय सशक्तीकरण का वादा करके सत्ता में आए मुख्यमंत्री और पंचों ने उसी संघीय ढांचे की बुनियाद का मजाक उड़ाया है। सत्ता केंद्रित राजनीति की पूर्ति के लिए पिछली सरकार द्वारा शुरू किए गए कार्यों का शिलान्यास कर लोगों को गुमराह करने का एजेंडा कभी सफल नहीं होगा। सारा विकास ठप है और ‘अखबारी’ मुख्यमंत्री के प्रचार के लिए धन जारी किया जा रहा है।’
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पंचायती राज के बारे में पिछली कांग्रेस सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का हवाला देते हुए सिद्धू ने लिखा- ‘कांग्रेस सरकार द्वारा 73वें और 74वें सांविधानिक संशोधनों में पंचायती राज को सांविधानिक शक्ति प्रदान की गई थी, साथ ही पंचायतों के अधिकारों को कानूनी सुरक्षा भी प्रदान की गई।’

उन्होंने आप सरकार के फैसले के बारे में कहा- जैसा कि संविधान के अनुच्छेद 243जी में प्रावधान है, राज्य सरकार स्थानीय स्वशासन की संस्थाओं के रूप में काम करने के बजाय, स्थानीय निकायों को ‘शक्तिहीन एजेंट’ बनाने का प्रयास कर रही है। सिद्धू ने ट्वीट में लिखा- यह लड़ाई पंजाब के 13000 से अधिक गांवों की है। हम उन सभी लोगों के साथ सड़क से अदालत तक लड़ेंगे, जो एक स्वतंत्र पंचायत राज की स्थापना के लिए खड़े हैं, सत्ताधारी दल के नामित मोहरे नहीं... विकास का रास्ता पंजाब की इन पंचायतों के सशक्तीकरण से गुजर रहा है, यह पंचायत स्तर पर आत्मनिर्भरता की लड़ाई है।
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