{"_id":"62b0d786c2a8a632e21d0c83","slug":"dispute-over-jobs-in-child-welfare-council-employees-sitting-on-dharna-panchkula-news-pkl4542504121","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाल कल्याण परिषद में नौकरियों पर विवाद, धरने पर बैठे कर्मचारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाल कल्याण परिषद में नौकरियों पर विवाद, धरने पर बैठे कर्मचारी
विज्ञापन
चंडीगढ़। हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद में बिना विज्ञापन दिए ही नौकरियों लगाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इसके विरोध में परिषद के कर्मचारियों ने कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया है। हरियाणा राज्य परिषद कर्मचारी कल्याण यूनियन के प्रधान सुखविंद्र सिंह पूरे मामले की जांच की मांग है। साथ ही सर्व कर्मचारी संघ ने भी कर्मचारियों के धरने को समर्थन देते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।
शिकायत में यूनियन ने आरोप लगाया है कि परिषद में नौकरियों को लेकर भाई-भतीजावाद हो रहा है। आरोप है कि एक माह पहले ही परिषद की महासचिव बनी रंजीता मेहता नेअपनी पंचकूला स्थित कोठी पर कार्य करने वाले दो युवकों को परिषद में नौकरी पर लगा दिया। इनमें से से एक तो जीरकपुर का रहने वाला है और दूसरा पंचकूला का। यूनियन का आरोप है कि इन दोनों को बिना प्रधान से पूर्व सूचना या अनुमति लिए, बिना कोई विज्ञापन के, बिना किसी सीट की रिकत्तता के, बिना अन्य उम्मीदवारों के इंटरव्यू दिए तुरंत जॉइनिंग लेटर दे दिए गए।
मलकियत चहल ने आरोप लगाया कि एक अधिकारी के परिवार और रिश्तेदार मित्रों की लिस्ट तो 35 का आंकड़ा पार कर चुकी है। मनमर्जी से रिश्तेदारों को नौकरियां बांटी जा रही हैं। पूर्व में कोषाध्यक्ष ने लिखित में 1 करोड़, 98 लाख रुपये को गलत तरीके से अपने हिसाब से बिना परमिशन के जिलों में वितरित करने वाले उक्त अधिकारी की लिखित में रिपोर्ट तैयार की। इसको पूर्व मानद महासचिव प्रवीण अत्री ने सही मानते हुए कार्रवाई के लिए राजभवन भेजा। अभी तक उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। जबकि इससे पहले भी आरोपी अधिकारी गड़बड़ी में सस्पेंड हो चुका है। उधर, सर्व कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्य सुभाष लांबा लांबा और महासचिव सतीश सेठी ने कहा कि कर्मचारियों की मांगें नहीं मानी गई तो आंदोलन शुरू किया जाएगा।।
विज्ञापन
सभी आरोप निराधार हैं। कुछ कर्मचारी अपने निजी हित में अन्य कर्मचारियों को भ्रमित कर रहे हैं। परिषद बच्चों को लेकर लगातार नई योजनाओं पर काम कर रही है। जहां तक ओपी मेहरा के खिलाफ जांच की बात तो पहले से उनके खिलाफ तीन जगहों से जांच हो चुकी है। - रंजीता मेहता, महासचिव, बाल कल्याण परिषद हरियाणा।
विज्ञापन
शिकायत में यूनियन ने आरोप लगाया है कि परिषद में नौकरियों को लेकर भाई-भतीजावाद हो रहा है। आरोप है कि एक माह पहले ही परिषद की महासचिव बनी रंजीता मेहता नेअपनी पंचकूला स्थित कोठी पर कार्य करने वाले दो युवकों को परिषद में नौकरी पर लगा दिया। इनमें से से एक तो जीरकपुर का रहने वाला है और दूसरा पंचकूला का। यूनियन का आरोप है कि इन दोनों को बिना प्रधान से पूर्व सूचना या अनुमति लिए, बिना कोई विज्ञापन के, बिना किसी सीट की रिकत्तता के, बिना अन्य उम्मीदवारों के इंटरव्यू दिए तुरंत जॉइनिंग लेटर दे दिए गए।
विज्ञापन
मलकियत चहल ने आरोप लगाया कि एक अधिकारी के परिवार और रिश्तेदार मित्रों की लिस्ट तो 35 का आंकड़ा पार कर चुकी है। मनमर्जी से रिश्तेदारों को नौकरियां बांटी जा रही हैं। पूर्व में कोषाध्यक्ष ने लिखित में 1 करोड़, 98 लाख रुपये को गलत तरीके से अपने हिसाब से बिना परमिशन के जिलों में वितरित करने वाले उक्त अधिकारी की लिखित में रिपोर्ट तैयार की। इसको पूर्व मानद महासचिव प्रवीण अत्री ने सही मानते हुए कार्रवाई के लिए राजभवन भेजा। अभी तक उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। जबकि इससे पहले भी आरोपी अधिकारी गड़बड़ी में सस्पेंड हो चुका है। उधर, सर्व कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्य सुभाष लांबा लांबा और महासचिव सतीश सेठी ने कहा कि कर्मचारियों की मांगें नहीं मानी गई तो आंदोलन शुरू किया जाएगा।।
विज्ञापन
सभी आरोप निराधार हैं। कुछ कर्मचारी अपने निजी हित में अन्य कर्मचारियों को भ्रमित कर रहे हैं। परिषद बच्चों को लेकर लगातार नई योजनाओं पर काम कर रही है। जहां तक ओपी मेहरा के खिलाफ जांच की बात तो पहले से उनके खिलाफ तीन जगहों से जांच हो चुकी है। - रंजीता मेहता, महासचिव, बाल कल्याण परिषद हरियाणा।