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हैंड्स अप आपको डिजिटल अरेस्ट किया जाता है: ऐसा कह पंचकूला की युवती से ठगे 10 लाख, चंडीगढ़ में भी हुआ था ऐसा
Fri, 19 Jul 2024 08:09 PM IST
अंकेश ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, पंचकूला
संवाद न्यूज एजेंसी, पंचकूला
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Fri, 19 Jul 2024 08:09 PM IST
सार
आपको डिजिटल अरेस्ट किया जाता है। यह सुनने में खोड़ा अटपटा लगे, लेकिन इससे सावधान रहने की जरूरत है। साइबर अपराधी कुछ इस तरह ही लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं।
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साइबर ठगी (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
साइबर क्रिमिनल नए-नए तरीकों से लोगों को ठग रहे हैं। ये शातिर पढ़े-लिखे लोगों को अपना शिकार बनाकर बैंक अकाउंट खाली कर देते हैं। इन दिनों डिजिटल अरेस्ट का एक नया खेल चल रहा है। इसमें लोगों को डरा-धमकाकर उन्हें फंसाया जाता है और उसके बाद ठगी का खेल शुरू हो जाता है। कुछ दिन पहले ही चंडीगढ़ की एक महिला को डिजिटल अरेस्ट कर उससे 85 लाख रुपये की ठगी हुई थी। हालांकि इस मामले में चंडीगढ़ की साइबर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, अब पंचकूला की युवती के साथ भी इसी तरह ठगी हुई है।
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पंचकूला के सेक्टर-18 निवासी एक युवती को फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर ड्रग्स में संलिप्तता का डर दिखाकर 9.90 लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस मामला दर्ज कर आगामी जांच मेंं जुट गई है। पुलिस के अनुसार, युवती ने अपनी शिकायत में बताया कि वह प्राइवेट कंपनी में नौकरी करती है। बीते तीन जुलाई को उनके मोबाइल नंबर पर अज्ञात नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने बताया कि वह मुंबई अंधेरी से मुख्य सिपाही बात कर रहा है। आपके आधार कार्ड पर करीब 25 बैंक खाते खोल कर उन पर फ्रॉड किया गया है। आप होल्ड पर रहे मैं आपकी बात साइबर क्राइम पुलिस मुंबई से करवा रहा हूं, उनकी ओर से क्लीयरेंस सर्टिफिकेट दिया जाएगा वरना आपको डिजिटल अरेस्ट किया जा रहा है।
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एप डाउनलोड करवाकर वीडियो कॉल की
इसके बाद आरोपी ने फोन पर स्काइप एप डाउनलोड कर उन्हें वीडियो कॉल करने के लिए कहा। शिकायतकर्ता ने एप डाउनलोड कर वीडियो कॉल की। इसके बाद एप की चैट के माध्यम से एक पुलिस अधिकारी के आई कार्ड की फोटो भेजी गई और कहा कि आपकी ड्रग डीलर के साथ संलिप्तता है। आपके खातों में जो बैंक ट्रांजेक्शन हुई है, वह सारा पैसा मनी लॉड्रिंग और ड्रग डीलिंग व स्मगलिंग का है। इसके बाद आरोपियों ने उसके अन्य बैंक खातों के बारे में पूछा। शिकायतकर्ता ने अपने बैंक अकाउंट के बारे में बताया दिया। फिर आरोपियों ने बताया कि आपके ये सब अकाउंट फ्रीज किए जाएंगे क्योंकि आप नवाब मलिक ड्रग डीलर की पार्टनर हैं।
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आरोपियों ने गिरफ्तारी का दिखाया डर
शिकायतकर्ता ने आरोपियों से कहा कि मैं नवाब मलिक को नहीं जानती फिर आरोपियों ने कहा कि अगर आप हमारी पुलिस इंवेस्टिगेशन में सहायता नहीं करेंगी तो आपके बैंक अकाउंट फ्रीज कर देंगे और आपको अरेस्ट कर लेंगे। इसके बाद आरोपियों ने कहा कि आप पैसे ट्रांसफर कर दो। पुलिस इंवेस्टिगेशन के बाद अगर आपका कोई कसूर नहीं निकलता है तो सारे पैसे वापस कर देंगे।
एप पर पुलिस नोटिस भेजा गया
आरोपियों की ओर से पहले आधार कार्ड मांगा गया। शिकायतकर्ता ने अपना आधार कार्ड वीडियो कॉल पर दिखाया। इसके बाद आरोपियों ने आधार कार्ड के साथ एक पुलिस नोटिस बनाकर एप पर चैट में भेजा। इसके बाद आरोपियों ने कहा कि नोटिस मे जो जुर्म बनता है, उसके लिए हम आपको गिरफ्तार कर सकते है। शिकायतकर्ता ने डर कर 3 जुलाई को अलग अलग चार ट्रांजेक्शनों में 9 लाख 90 हजार रुपये आरोपियों को दे दिए और उनका बैंक अकाउंट पूरा खाली हो गया। इसके बाद उन्होंने अपने पिता को इसकी जानकारी दी। उसके बाद साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाई गई।