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डेंगू-चिकनगुनिया : विभाग सक्रिय, कालका, पिंजौर और बरवाला का किया दौरा
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माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। डेंगू के बाद अब चिकनगुनिया की दस्तक से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप है। मच्छरों से होने वाली इन बीमारियों ने जिले मेें हो रही फॉगिंग व्यवस्था की भी पोल खोल दी है। मंगलवार को पांच मामले सामने आए हैं। एडीस मच्छर के काटने से चिकनगुनिया के मामले सामने आ रहे हैं। यह मच्छर सबसे ज्यादा कालका, पिंजौर क्षेत्र में सबसे अधिक सक्रिय है। विभाग की तरफ से इन मच्छरों के खात्मे के लिए फागिंग का शेड्यूल बनाया है। अब पंचकूला स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कालका, पिंजौर, बरवाला सहित सभी जगह का दौरा शुरू कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से काउंसलिंग की जा रही है। इसमें अभी तक एडीस मच्छरों से लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी तरह डेंगू के 20 नए मरीज मिले हैं।
पंचकूला जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सुरेश भोसले ने बताया कि हाईरिस्क जोन में एडीस मच्छर अधिक पैदा हो रहे हैं। उन्होंने अपील की है कि लोग इन मच्छरों से बचाव के लिए फुल बाजू का कपड़ा पहनें। इसके अलावा बीमार होने पर लोग तुरंत जांच करवाएं। चिकनगुनिया रोग का कारण संक्रमित मच्छरों के काटने से फैलता है। चिकनगुनिया का वायरस संक्रमित मच्छर की लार के जरिए मानव शरीर में प्रवेश करता है। जब संक्रमित मच्छर काटता है, तो वायरस मेजबान रक्तप्रवाह में प्रवेश करता है। वायरस रक्तप्रवाह में प्रवेश करने के बाद, वायरस गले, नाक और मुंह में मौजूद अनुमेय कोशिकाओं को संक्रमित करता है।इसके बाद वायरस रक्तप्रवाह में गुणा करता है और पूरे शरीर में फैल जाता है। मच्छर के काटने के दो से बारह दिन बाद लक्षण दिखाई देते हैं। चिकनगुनिया बुखार आमतौर पर जोड़ों में तेज दर्द, बुखार की अचानक शुरुआत और त्वचा पर चकत्ते की विशेषता है।
स्क्रब टाइफस के मामले आए सामने
पंचकूला सिविल अस्पताल की सीएमओ डॉ. मुक्ता कुमार ने बताया कि बुखार स्क्रब टाइफस के पांच मामले सामने आ चुके हैं। इसके अलावा मलेरिया के अब तक आठ मामले सामने आ चुके हैं। इनका इलाज किए जाने के बाद यह रिकवर कर गए हैं। प्राइवेट रूम को भी अस्पताल में खत्म किया जा चुका है। लोगों को स्किल लैब में भी बेड लगाना शुरू कर दिया गया है। इसे भी जल्द ही डेंगू वार्ड में कन्वर्ट कर दिया गया है।
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डेंगू के 20 नए मामले सामने आए
पंचकूला जिले में डेंगू के मंगलवार को 20 नए मामले सामने आए हैं। अब तक पंचकूला जिले में 260 मामले सामने आ चुके हैं। इसे लेकर पंचकूला जिला मलेरिया अधिकारी सुरेश भोसले ने बताया कि उन्होंने कौमी, हरिपुर और समलेहड़ी का दौरा किया। दौरा करने के साथ ही लोगों को डेंगू से बचाव के लिए जागरूक किया। बचाव करने के साथ ही पंचों और बीडीपीओ को फॉगिंग सही तरीके से करवाने के निर्देश दिए जिससे कि लोगों को डेंगू का खतरा कम हो। लोगों को चिकनगुनिया की बीमारी से बचाव के लिए भी जागरूक किया गया।
जिले में डेंगू और चिकनगुनिया के मामले सामने आए हैं। टीमें दौरा कर लोगों को जागरूक कर रही हैं। सभी जगहों पर जल्द ही फॉगिंग करवाई जाएगी। - डॉ. मुक्ता कुमार, सीएमओ, सिविल अस्पताल सेक्टर -6
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पंचकूला। डेंगू के बाद अब चिकनगुनिया की दस्तक से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप है। मच्छरों से होने वाली इन बीमारियों ने जिले मेें हो रही फॉगिंग व्यवस्था की भी पोल खोल दी है। मंगलवार को पांच मामले सामने आए हैं। एडीस मच्छर के काटने से चिकनगुनिया के मामले सामने आ रहे हैं। यह मच्छर सबसे ज्यादा कालका, पिंजौर क्षेत्र में सबसे अधिक सक्रिय है। विभाग की तरफ से इन मच्छरों के खात्मे के लिए फागिंग का शेड्यूल बनाया है। अब पंचकूला स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कालका, पिंजौर, बरवाला सहित सभी जगह का दौरा शुरू कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से काउंसलिंग की जा रही है। इसमें अभी तक एडीस मच्छरों से लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी तरह डेंगू के 20 नए मरीज मिले हैं।
पंचकूला जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सुरेश भोसले ने बताया कि हाईरिस्क जोन में एडीस मच्छर अधिक पैदा हो रहे हैं। उन्होंने अपील की है कि लोग इन मच्छरों से बचाव के लिए फुल बाजू का कपड़ा पहनें। इसके अलावा बीमार होने पर लोग तुरंत जांच करवाएं। चिकनगुनिया रोग का कारण संक्रमित मच्छरों के काटने से फैलता है। चिकनगुनिया का वायरस संक्रमित मच्छर की लार के जरिए मानव शरीर में प्रवेश करता है। जब संक्रमित मच्छर काटता है, तो वायरस मेजबान रक्तप्रवाह में प्रवेश करता है। वायरस रक्तप्रवाह में प्रवेश करने के बाद, वायरस गले, नाक और मुंह में मौजूद अनुमेय कोशिकाओं को संक्रमित करता है।इसके बाद वायरस रक्तप्रवाह में गुणा करता है और पूरे शरीर में फैल जाता है। मच्छर के काटने के दो से बारह दिन बाद लक्षण दिखाई देते हैं। चिकनगुनिया बुखार आमतौर पर जोड़ों में तेज दर्द, बुखार की अचानक शुरुआत और त्वचा पर चकत्ते की विशेषता है।
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स्क्रब टाइफस के मामले आए सामने
पंचकूला सिविल अस्पताल की सीएमओ डॉ. मुक्ता कुमार ने बताया कि बुखार स्क्रब टाइफस के पांच मामले सामने आ चुके हैं। इसके अलावा मलेरिया के अब तक आठ मामले सामने आ चुके हैं। इनका इलाज किए जाने के बाद यह रिकवर कर गए हैं। प्राइवेट रूम को भी अस्पताल में खत्म किया जा चुका है। लोगों को स्किल लैब में भी बेड लगाना शुरू कर दिया गया है। इसे भी जल्द ही डेंगू वार्ड में कन्वर्ट कर दिया गया है।
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डेंगू के 20 नए मामले सामने आए
पंचकूला जिले में डेंगू के मंगलवार को 20 नए मामले सामने आए हैं। अब तक पंचकूला जिले में 260 मामले सामने आ चुके हैं। इसे लेकर पंचकूला जिला मलेरिया अधिकारी सुरेश भोसले ने बताया कि उन्होंने कौमी, हरिपुर और समलेहड़ी का दौरा किया। दौरा करने के साथ ही लोगों को डेंगू से बचाव के लिए जागरूक किया। बचाव करने के साथ ही पंचों और बीडीपीओ को फॉगिंग सही तरीके से करवाने के निर्देश दिए जिससे कि लोगों को डेंगू का खतरा कम हो। लोगों को चिकनगुनिया की बीमारी से बचाव के लिए भी जागरूक किया गया।
जिले में डेंगू और चिकनगुनिया के मामले सामने आए हैं। टीमें दौरा कर लोगों को जागरूक कर रही हैं। सभी जगहों पर जल्द ही फॉगिंग करवाई जाएगी। - डॉ. मुक्ता कुमार, सीएमओ, सिविल अस्पताल सेक्टर -6