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Panchkula News: पराली से गांठें बनाने का रेट 198 रुपये प्रति क्विंटल तय करने की मांग
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अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। बेलर एसोसिएशन ने एलान किया है कि आने वाले धान के सीजन में अगर जिला प्रशासन ने गांठें बनाने का रेट 198 रुपये प्रति क्विंटल तय नहीं किया तो बेलर मालिक काम का बहिष्कार कर देंगे।
बेलर एसोसिएशन पंजाब वर्किंग कमेटी के सदस्य जोगा सिंह चप्पड़, जिला पटियाला के अध्यक्ष हरजीत सिंह लखोमाजरा व हरमिंदर सिंह जोगीपुर ने कहा कि पराली का इस्तेमाल सीएनजी, बिजली, इथेनॉल, बाइकोल, सूखा कोयला और बायो डीजल आदि बनाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में गांठें बनाने और उन्हें डंप तक भेजने की दर 185 रुपये प्रति क्विंटल थी, जो 2024 में घटकर 165 रुपये प्रति क्विंटल रह गई। दूसरी ओर बेलर मशीन मालिकों के खर्चे बढ़ गए हैं। 152 रुपये प्रति क्विंटल खर्च आ रहा है। उन्होंने कहा कि अगर इस बार रेट 165 रुपये होता है, तो मशीनरी पर 40-40 लाख रुपये खर्च करने के बावजूद बेलर मालिकों को केवल 13 रुपये प्रति क्विंटल की बचत होगी, जो बेहद घाटे का सौदा है। उन्होंने कहा कि गांठों की खरीद में जिला प्रशासन को दखल देकर रेट 198 रुपये प्रति क्विंटल तय कराने चाहिए। मौके पर जगतार सिंह लांबदीपुर, तरनजीत सिंह जोगीपुर, महल सिंह पनौड़ियां, कुलवीर सिंह कतलहड़, जगविंदर सिंह समाना, बलजिंदर सिंह सेहरा, जगवीर सिंह जोगीपुर, रविंदर सिंह रामगढ़, बलविंदर सिंह बौरा और गुरदर्शन सिंह कादराबाद भी मौजूद रहे।
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पटियाला। बेलर एसोसिएशन ने एलान किया है कि आने वाले धान के सीजन में अगर जिला प्रशासन ने गांठें बनाने का रेट 198 रुपये प्रति क्विंटल तय नहीं किया तो बेलर मालिक काम का बहिष्कार कर देंगे।
बेलर एसोसिएशन पंजाब वर्किंग कमेटी के सदस्य जोगा सिंह चप्पड़, जिला पटियाला के अध्यक्ष हरजीत सिंह लखोमाजरा व हरमिंदर सिंह जोगीपुर ने कहा कि पराली का इस्तेमाल सीएनजी, बिजली, इथेनॉल, बाइकोल, सूखा कोयला और बायो डीजल आदि बनाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में गांठें बनाने और उन्हें डंप तक भेजने की दर 185 रुपये प्रति क्विंटल थी, जो 2024 में घटकर 165 रुपये प्रति क्विंटल रह गई। दूसरी ओर बेलर मशीन मालिकों के खर्चे बढ़ गए हैं। 152 रुपये प्रति क्विंटल खर्च आ रहा है। उन्होंने कहा कि अगर इस बार रेट 165 रुपये होता है, तो मशीनरी पर 40-40 लाख रुपये खर्च करने के बावजूद बेलर मालिकों को केवल 13 रुपये प्रति क्विंटल की बचत होगी, जो बेहद घाटे का सौदा है। उन्होंने कहा कि गांठों की खरीद में जिला प्रशासन को दखल देकर रेट 198 रुपये प्रति क्विंटल तय कराने चाहिए। मौके पर जगतार सिंह लांबदीपुर, तरनजीत सिंह जोगीपुर, महल सिंह पनौड़ियां, कुलवीर सिंह कतलहड़, जगविंदर सिंह समाना, बलजिंदर सिंह सेहरा, जगवीर सिंह जोगीपुर, रविंदर सिंह रामगढ़, बलविंदर सिंह बौरा और गुरदर्शन सिंह कादराबाद भी मौजूद रहे।
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