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भूजल का स्तर नीचे जाना गंभीर समस्या, निगरानी प्रणाली करेंगे तैयार : मनोहर लाल

Mon, 14 Jun 2021 01:24 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Mon, 14 Jun 2021 01:24 AM IST
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Declining groundwater level is a serious problem.
चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रदेश में केंद्रीयकृत प्रणाली तैयार करने के आदेश दिए हैं। इस प्रणाली में ब्लाक और गांव को शामिल किया जाएगा। हरियाणा वाटर रिसोर्स अथारिटी की पहली बैठक में यह निर्णय लिया गया है। बैठक की अध्यक्षता करते हुए सीएम मनोहर लाल ने कहा है कि राज्य के विभिन्न क्षेत्रों के आधार पर योजना बनाई जाए और प्रत्येक गांव का जल उपलब्धता सूचकांक तैयार किया जाए। जिससे लोगों को उनके जलीय भविष्य की जानकारी मिल सके। उन्होंने बताया कि पिछले 5 दशक में राज्य के कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल तथा पानीपत सहित कुछ जिलों में भू-जल का स्तर 80 फुट तक नीचे चला गया है, जो कि गंभीर समस्या है। वहीं किसानों की भू-जल पर निर्भरता और दोहन लगातार बढ़ा है। इसके साथ ही पानी के तर्कसंगत उपयोग और अभाव वाले क्षेत्रों में पानी पहुंचाने के लिए वैज्ञानिक तरीकों को अपनाना होगा।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि गत सरकारों ने कृषि के उपयोग के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ाने पर कोई विशेष ध्यान नहीं दिया और लोगों की भू-जल पर निर्भरता बढ़ती गई। इससे ट्यूबवेल इत्यादि लगाने पर होने वाले खर्च से किसानों की माली हालत और कृषि अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। इसलिए किसान सूक्ष्म सिंचाई व्यवस्था को प्राथमिकता दें।
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भू-जल की निर्भरता कम करनी होगी
सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव देवेेद्र सिंह ने बताया कि हरियाणा के 22 जिलों में से 14 जिलों में भू-जल दोहन से उत्पन्न समस्या ने विकराल रूप ले लिया है। इसके साथ ही 7 जिलों में जल भराव और जलीय लवणता की समस्या है। उन्होंने कहा कि भू-जल दोहने के कारण वर्ष 2004 में राज्य के 114 ब्लॉक में से 55 ब्लॉक रेड कैटेगरी में आ चुके थे, जोकि करीब 48 फीसदी थे। लेकिन 2020 में 141 ब्लॉक में से 85 ब्लॉक लाल श्रेणी में पहुंच गए हैं। जो कि 60 प्रतिशत है। इसलिए किसानों को चाहिए कि वे भू-जल की निर्भरता कम करें और फसल की विविधता को प्राथमिकता दें।
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