वारदात: साढ़े पांच लाख रुपये के लिए ली दोस्त की जान, शव खाई में फेंका, पुलिसवालों को भी कुचलने का प्रयास
राजीव एक फैक्टरी में काम करता था, लेकिन कोरोना के चलते फैक्टरी बंद हो गई थी। अब वह कनाडा जाना चाहता था। गुरविंदर ने कनाडा भेजने के लिए अपने एजेंट दोस्त मनीष से राजीव को मिलवाया था, जिसे उसने साढ़े तीन लाख रुपये दिए थे।
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डेराबस्सी के युवक की हत्या कर दो आरोपियों ने उसका शव मोरनी रोड पर गहरी खाई में फेंक दिया। फरार होते समय आरोपियों ने वहां पहुंची पीसीआर टीम पर भी कार चढ़ाने की कोशिश की। मृतक की पहचान डेराबस्सी के गांव सैदापुर निवासी राजीव सैनी (34) के रूप में हुई है। हत्या के पीछे साढ़े पांच लाख रुपये का लेनदेन बताया जा रहा है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
एएसआई प्रदीप कुमार ने बयान में बताया है कि सोमवार रात वह टीम के साथ गश्त कर रहे थे। जब वह नाडा साहिब से मोरनी रोड पर गए तो उन्हें एक कार नजर आई। जब कार के पास पहुंचे तो दो युवक दिखे। पूछने पर दोनों ने बताया कि वह घूमने आए हैं। इसी दौरान टीम के साथी महावीर ने मोबाइल से कार की फोटो खींच ली। इसके बाद दोनों युवक कार में बैठ गए और बैक करके होमगार्ड महावीर को कुचलने की कोशिश की।
इसके बाद कार को आगे बढ़ाकर उनके ऊपर चढ़ाने का प्रयास किया, लेकिन दोनों बाल-बाल बच गए। उनके फरार होने के बाद पुलिसकर्मियों ने टॉर्च की रोशनी में देखा तो खून के धब्बे नजर आए। आगे बढ़े तो खाई में एक युवक का शव पड़ा मिला। उन्होंने चंडीमंदिर थाना प्रभारी को सूचना दी। चंडीमंदिर पुलिस ने शव कब्जे में लेकर सेक्टर-6 स्थित सामान्य अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। चंडीमंदिर थाना पुलिस ने पेट्रोलिंग टीम में तैनात एएसआई प्रदीप कुमार के बयान पर हत्या और हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। मंगलवार शाम को पुलिस ने दोनों हत्यारोपियों गुरविंदर और जसपाल को गिरफ्तार कर लिया।
भागते समय हादसे का शिकार हुई आरोपियों की कार
वारदात स्थल से भागे आरोपियों की कार आगे जाकर अनियंत्रित हो गई और खाई में गिरने से बचाने के लिए चालक ने दूसरी दिशा में मोड़ दी, जिससे वह पहाड़ी से टकराकर बंद हो गई। इसके बाद आरोपी कार को वहीं छोड़कर भाग निकले। हादसे की सूचना पर चंडीमंदिर पुलिस ने नंबर की जांच की तो दोनों एक ही निकले।
कनाडा जाना चाहता था राजीव, एजेंट को दिए थे साढ़े तीन लाख
मृतक की मां माया देवी ने बताया कि वह अपने बेटे राजीव के साथ रहती थी जबकि बड़ा बेटा अलग रहता है। राजीव के दोस्त गुरविंदर ने पांच-छह महीने पहले मकान बनाने के लिए ब्याज पर दो लाख रुपये लिए थे। राजीव गुरविंदर से लगातार पैसे मांग रहा था। माया देवी ने बताया कि राजीव एक फैक्टरी में काम करता था, लेकिन कोरोना के चलते फैक्टरी बंद हो गई थी। अब वह कनाडा जाना चाहता था। गुरविंदर ने कनाडा भेजने के लिए अपने एजेंट दोस्त मनीष से राजीव को मिलवाया था, जिसे उसने साढ़े तीन लाख रुपये दिए थे। उन्हें शक है कि हत्या के पीछे इन्हीं लोगों का हाथ है।
फोन आया और घर से बाहर चला गया राजीव
माया देवी ने बताया कि सोमवार रात करीब आठ-नौ बजे राजीव को फोन आया और वह घर से बाहर चला गया। इसके बाद उन्होंने दो-तीन बार फोन किया तो राजीव ने जवाब दिया कि वह जल्द घर लौट आएगा। इसके बाद देर रात चंडीमंदिर थाने से फोन आया कि राजीव का एक्सीडेंट हो गया है। पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती करा दिया है। घबराने की बात नहीं है। मंगलवार सुबह जब वह सेक्टर-6 सामान्य अस्पताल में पहुंची तो पता चला कि बेटा उन्हें छोड़कर हमेशा के लिए चला गया है।
आरोपियों ने राजीव के सिर पर किए गई वार
आरोपियों ने राजीव के सिर और शरीर पर कई जगह किसी भारी चीज से कई वार किए। इसके चलते उसके सिर का कुछ हिस्सा और खून वारदात स्थल पर बिखर गया। जब राजीव ने दम तोड़ दिया तो आरोपियों ने शव उठाकर खाई में फेंक दिया। इसके बाद भी वह कुछ देर तक यह देखने के लिए वहीं रुके रहे कि कोई हरकत तो नहीं हो रही। इसी दौरान वहां पेट्रोलिंग टीम पहुंच गई और भाग निकले।
दोनों हत्यारोपी गिरफ्तार
चंडीमंदिर थाना पुलिस प्रभारी का कहना है कि पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है। उनके भी बयान दर्ज कर लिए गए हैं। उन्होंने कुछ लोगों पर हत्या करने का शक जाहिर किया था, जिसके आधार पर गुरविंदर और जसपाल को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की तो उन्होंने अपराध स्वीकार कर लिया। दोनों आरोपियों को बुधवार को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा।