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आतंकी हमले का अंदेशा, फर्जी पहचान से इमिग्रेशन का काम कर रहे दो आरोपी गिरफ्तार
Updated Thu, 22 Nov 2018 01:52 AM IST
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जम्मू के ध्यानार्थ...........
आतंकी हमले का अंदेशा, फर्जी आईडेंटिटी से इमिग्रेशन का काम करते दो गिरफ्तार
-सेक्टर-34 थाना पुलिस की सक्रियता पर सवाल, क्राइम ब्रांच ने किया पर्दाफाश
2016 से जम्मू के राजौरी के दो लोग सेक्टर-34 में इमिग्रेशन का काम कर रहे थे
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब-दिल्ली समेत अन्य जगहों पर आतंकी हमले का अंदेशा बरकरार है, लेकिन शहर की थाना पुलिस अब तक सक्रियता से ड्यूटी करने में फिसड्डी रही है। 2016 में जम्मू के राजौरी से दो लोग चंडीगढ़ पहुंचे। दोनों वर्तमान में सेक्टर-34 में फर्जी पहचान बताकर इमिग्रेशन का काम करते रहे, लेकिन सेक्टर-34 थाना पुलिस इनका पता नहीं लगा सकी। क्राइम ब्रांच ने गुप्त सूचना के आधार पर डीएसपी क्राइम पवन के सुपरविजन में आरोपियों को सेक्टर-44 के लक्ष्मी नारायण मंदिर के पास से गिरफ्तार किया। आरोपी जम्मू के राजौरी निवासी जफर इकबाल और मोहम्मद इलियास हैं। क्राइम ब्रांच टीम ने उनके कब्जे से उन दस्तावेजों को बरामद किया है, जिनसे आरोपी फर्जी आईडेंटिटी दर्शाते रहे। पुलिसकर्मी आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने के प्रयास में है कि दोनों आरोपी फर्जी पहचान से अपने कारोबार को किस तरह करते रहे। इसके अलावा आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज किन-किन जगहों पर इस्तेमाल किए हैं। विस्तृत पूछताछ के लिए पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश कर चार दिन का रिमांड लिया है ताकि पता लग सके कि वे 2016 में शहर में आने के बाद कहां-कहां रहे और किन जगहों पर उनकी तरफ से फर्जी दस्तावेज जमा कराए गए। आरोपी मौजूदा समय में चंडीगढ़ के सेक्टर-20 में ठहरे हुए थे।
सवालों के घेरे में थाना पुलिस की कार्यशैली
पुलिस विभाग ने सेक्टर-34 थाना अंतर्गत क्षेत्र में झपटमारी समेत अन्य वारदात अधिक होने से बीते समय एसएचओ का तबादला किया। इंस्पेक्टर बलदेव कुमार को थाना एसएचओ की जिम्मेदारी सौंपी गई, लेकिन झपटमारी की वारदात थाना क्षेत्र में अभी भी नहीं रुकी हैं। आतंकी हमले के अंदेशे पर भी थाना पुलिस रूटीन चेकिंग में आरोपियों की फर्जी पहचान का पता नहीं लगा सकी।
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आतंकी हमले का अंदेशा, फर्जी आईडेंटिटी से इमिग्रेशन का काम करते दो गिरफ्तार
-सेक्टर-34 थाना पुलिस की सक्रियता पर सवाल, क्राइम ब्रांच ने किया पर्दाफाश
2016 से जम्मू के राजौरी के दो लोग सेक्टर-34 में इमिग्रेशन का काम कर रहे थे
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब-दिल्ली समेत अन्य जगहों पर आतंकी हमले का अंदेशा बरकरार है, लेकिन शहर की थाना पुलिस अब तक सक्रियता से ड्यूटी करने में फिसड्डी रही है। 2016 में जम्मू के राजौरी से दो लोग चंडीगढ़ पहुंचे। दोनों वर्तमान में सेक्टर-34 में फर्जी पहचान बताकर इमिग्रेशन का काम करते रहे, लेकिन सेक्टर-34 थाना पुलिस इनका पता नहीं लगा सकी। क्राइम ब्रांच ने गुप्त सूचना के आधार पर डीएसपी क्राइम पवन के सुपरविजन में आरोपियों को सेक्टर-44 के लक्ष्मी नारायण मंदिर के पास से गिरफ्तार किया। आरोपी जम्मू के राजौरी निवासी जफर इकबाल और मोहम्मद इलियास हैं। क्राइम ब्रांच टीम ने उनके कब्जे से उन दस्तावेजों को बरामद किया है, जिनसे आरोपी फर्जी आईडेंटिटी दर्शाते रहे। पुलिसकर्मी आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने के प्रयास में है कि दोनों आरोपी फर्जी पहचान से अपने कारोबार को किस तरह करते रहे। इसके अलावा आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज किन-किन जगहों पर इस्तेमाल किए हैं। विस्तृत पूछताछ के लिए पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश कर चार दिन का रिमांड लिया है ताकि पता लग सके कि वे 2016 में शहर में आने के बाद कहां-कहां रहे और किन जगहों पर उनकी तरफ से फर्जी दस्तावेज जमा कराए गए। आरोपी मौजूदा समय में चंडीगढ़ के सेक्टर-20 में ठहरे हुए थे।
सवालों के घेरे में थाना पुलिस की कार्यशैली
पुलिस विभाग ने सेक्टर-34 थाना अंतर्गत क्षेत्र में झपटमारी समेत अन्य वारदात अधिक होने से बीते समय एसएचओ का तबादला किया। इंस्पेक्टर बलदेव कुमार को थाना एसएचओ की जिम्मेदारी सौंपी गई, लेकिन झपटमारी की वारदात थाना क्षेत्र में अभी भी नहीं रुकी हैं। आतंकी हमले के अंदेशे पर भी थाना पुलिस रूटीन चेकिंग में आरोपियों की फर्जी पहचान का पता नहीं लगा सकी।
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