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बी क्लास सुविधाएं मांगी
Updated Thu, 15 Jun 2017 01:43 AM IST
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तिलकराज ने जेल में मांगी ‘बी’ क्लास सुविधाएं
सीबीआई ने किया याचिका का विरोध, 16 जून को अदालत सुनाएगी फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
5 लाख रुपये रिश्वत लेते सीबीआई के हत्थे चढ़े हिमाचल उद्योग विभाग के संयुक्त निदेशक (निलंबित) तिलकराज शर्मा ने जिला अदालत में दायर याचिका में उन्हें जेल में ‘बी’ क्लास सुविधाएं देने की मांग की है। हालांकि सीबीआई ने उनकी याचिका का विरोध करते हुए इसे खारिज करने की अपील की है। फिलहाल अदालत इस पर 16 जून को सुनवाई करेगी।
तिलकराज की ओर से दायर याचिका में जेल प्रशासन को आदेश देने की अपील थी कि उसे केस के ट्रायल के दौरान जेल में ‘बी’ क्लास सुविधाएं दी जाएं। इसके लिए उसने कहा था कि वह ग्रेजुएट हैं। ऐसे में एजुकेशन के आधार पर वह जेल में ‘बी’ क्लास सुविधाओं का हकदार है। साथ ही कहा था कि वह उक्त सुविधा के लिए तब तक हकदार है, जब तक कि उसके केस का कोई फैसला नहीं आ जाता।
वहीं सीबीआई ने बुधवार को याचिका पर जवाब दाखिल किया। इसमें जांच एजेंसी ने कहा कि आरोपी बड़े पद पर रहा है, लेकिन वह भ्रष्टाचार के मामले में मुख्य आरोपी है। ऐसे में उसे ‘बी’ क्लास सुविधाएं न दी जाएं। फिलहाल अदालत ने मामले में आदेश के लिए 16 जून की तारीख तय की है। उस दिन याचिका पर दोनों पक्षों में बहस के बाद अदालत फैसला सुनाएगी।
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सीबीआई ने किया याचिका का विरोध, 16 जून को अदालत सुनाएगी फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
5 लाख रुपये रिश्वत लेते सीबीआई के हत्थे चढ़े हिमाचल उद्योग विभाग के संयुक्त निदेशक (निलंबित) तिलकराज शर्मा ने जिला अदालत में दायर याचिका में उन्हें जेल में ‘बी’ क्लास सुविधाएं देने की मांग की है। हालांकि सीबीआई ने उनकी याचिका का विरोध करते हुए इसे खारिज करने की अपील की है। फिलहाल अदालत इस पर 16 जून को सुनवाई करेगी।
तिलकराज की ओर से दायर याचिका में जेल प्रशासन को आदेश देने की अपील थी कि उसे केस के ट्रायल के दौरान जेल में ‘बी’ क्लास सुविधाएं दी जाएं। इसके लिए उसने कहा था कि वह ग्रेजुएट हैं। ऐसे में एजुकेशन के आधार पर वह जेल में ‘बी’ क्लास सुविधाओं का हकदार है। साथ ही कहा था कि वह उक्त सुविधा के लिए तब तक हकदार है, जब तक कि उसके केस का कोई फैसला नहीं आ जाता।
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वहीं सीबीआई ने बुधवार को याचिका पर जवाब दाखिल किया। इसमें जांच एजेंसी ने कहा कि आरोपी बड़े पद पर रहा है, लेकिन वह भ्रष्टाचार के मामले में मुख्य आरोपी है। ऐसे में उसे ‘बी’ क्लास सुविधाएं न दी जाएं। फिलहाल अदालत ने मामले में आदेश के लिए 16 जून की तारीख तय की है। उस दिन याचिका पर दोनों पक्षों में बहस के बाद अदालत फैसला सुनाएगी।
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