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कार की टक्कर से आए छह फ्रेक्चर, 7.28 लाख मुआवजा देने के आदेश
Updated Thu, 03 Aug 2017 08:34 PM IST
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कार की टक्कर से छह फ्रेक्चर, देना होगा 7.28 लाख का मुआवजा
- मोटर व्हीकल एक्सीडेंट ट्रिब्यूनल ने कार मालिक और इंश्योरेंस कंपनी को दिए मुआवजा देने के आदेश
- मुआवजे पर 6 फीसदी सालाना की दर से ब्याज देने को भी कहा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
तेज रफ्तार और लापरवाही से कार चलाते हुए एक व्यक्ति को टक्कर मार छह फ्रेक्चर करने के मामले में मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (एमएसीटी) ने पीड़ित के लिए 7.28 लाख रुपये का मुआवजा मंजूर किया है। ट्रिब्यूनल ने यह मुआवजा संयुक्त रूप से देने के लिए कार मालिक सेक्टर-7 निवासी हरसिमरन जीत सिंह और न्यू इंडिया एंश्योरेंस कंपनी को आदेश दिए हैं।
मुआवजा क्लेम याचिका मलोया कॉलोनी निवासी मुरुगन (45 वर्ष) ने दाखिल की थी। याचिका के अनुसार 8 दिसंबर 2015 को सुबह 11:30 बजे वह चंडीगढ़ से कजौली वाटर वर्क्स के पास मोरिंडा जा रहे थे। जैसे ही वह भागोमाजर गांव स्थित चंडीगढ़ ढाबे के पास पहुंचे तभी चंडीगढ़ नंबर की एक कार को तेज स्पीड और रैश ड्राइविंग करते हुए चालक आया और उनकी कार को टक्कर मार दी। इससे उनकी कार में सवार सभी लोग गंभीर घायल हो गए। सभी को पीजीआई लाया गया। मामले में कार चालक हरसिमरनजीत सिंह के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराया था।
याचिकाकर्ता के अनुसार हादसे के बाद उन्हें शरीर में छह जगह फ्रेक्चर आया था। 8 दिसंबर को हुए हादसे के बाद वह पांच जनवरी को डिस्चार्ज हुए थे। इसके बाद दो बार और वह अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती हुए और केस दायर करने के दौरान भी वह पीजीआई से इलाज करवा रहे हैं। प्रतिवादी पक्ष के जवाब के बाद ट्रिब्यूनल ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं और याचिकाकर्ता के लिए 7,28,270 रुपये का मुआवजा मंजूर किया। साथ ही प्रतिवादी पक्ष को यह मुआवजा तीन महीने में 6 फीसदी ब्याज के साथ देने के आदेश दिए हैं।
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- मोटर व्हीकल एक्सीडेंट ट्रिब्यूनल ने कार मालिक और इंश्योरेंस कंपनी को दिए मुआवजा देने के आदेश
- मुआवजे पर 6 फीसदी सालाना की दर से ब्याज देने को भी कहा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
तेज रफ्तार और लापरवाही से कार चलाते हुए एक व्यक्ति को टक्कर मार छह फ्रेक्चर करने के मामले में मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (एमएसीटी) ने पीड़ित के लिए 7.28 लाख रुपये का मुआवजा मंजूर किया है। ट्रिब्यूनल ने यह मुआवजा संयुक्त रूप से देने के लिए कार मालिक सेक्टर-7 निवासी हरसिमरन जीत सिंह और न्यू इंडिया एंश्योरेंस कंपनी को आदेश दिए हैं।
मुआवजा क्लेम याचिका मलोया कॉलोनी निवासी मुरुगन (45 वर्ष) ने दाखिल की थी। याचिका के अनुसार 8 दिसंबर 2015 को सुबह 11:30 बजे वह चंडीगढ़ से कजौली वाटर वर्क्स के पास मोरिंडा जा रहे थे। जैसे ही वह भागोमाजर गांव स्थित चंडीगढ़ ढाबे के पास पहुंचे तभी चंडीगढ़ नंबर की एक कार को तेज स्पीड और रैश ड्राइविंग करते हुए चालक आया और उनकी कार को टक्कर मार दी। इससे उनकी कार में सवार सभी लोग गंभीर घायल हो गए। सभी को पीजीआई लाया गया। मामले में कार चालक हरसिमरनजीत सिंह के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराया था।
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याचिकाकर्ता के अनुसार हादसे के बाद उन्हें शरीर में छह जगह फ्रेक्चर आया था। 8 दिसंबर को हुए हादसे के बाद वह पांच जनवरी को डिस्चार्ज हुए थे। इसके बाद दो बार और वह अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती हुए और केस दायर करने के दौरान भी वह पीजीआई से इलाज करवा रहे हैं। प्रतिवादी पक्ष के जवाब के बाद ट्रिब्यूनल ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं और याचिकाकर्ता के लिए 7,28,270 रुपये का मुआवजा मंजूर किया। साथ ही प्रतिवादी पक्ष को यह मुआवजा तीन महीने में 6 फीसदी ब्याज के साथ देने के आदेश दिए हैं।
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