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चेक बाउंस में दुकानदार को जेल
Updated Sun, 23 Jul 2017 02:10 AM IST
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चेक बाउंस मामले में सेक्टर-22 के दुकानदार को कैद
- अदालत ने एक साल जेल और 3.5 लाख रुपये जुर्माना लगाया
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
चेक बाउंस के मामले में जिला अदालत ने सेक्टर-22 शास्त्री मार्केट में दुकान चलाने वाले सेक्टर-22सी निवासी संदीप सिंह को एक साल जेल की सजा सुनाई है। साथ ही उन्हें 3.50 लाख रुपये बतौर मुआवजा शिकायतकर्ता को देने के आदेश दिए हैं।
संदीप के खिलाफ सेक्टर-47सी निवासी जसबीर सिंह ने एनआई एक्ट 1887 की धारा 138 के तहत अदालत में वाद दायर किया था। दायर वाद के अनुसार, 2014 में जसबीर सिंह सेक्टर-22 की शास्त्री मार्केट गए थे। वहां उनकी मुलाकात कपड़ा विक्रेता संदीप से हुई थी। इसके बाद दोनों में दोस्ती हो गई। कुछ समय बाद संदीप ने जसबीर को कपड़ों का बिजनेस करने की सलाह दी।
जसबीर और संदीप में 5-5 लाख रुपये की साझेदारी कर खुद की दुकान शुरू करने पर सहमति बनी। शिकायतकर्ता के अनुसार, 29 जुलाई 2014 को उन्होंने संदीप को 3.50 लाख रुपये कैश दिया। इसके बदले में संदीप ने उन्हें उक्त राशि का एक चेक दिया। कैश देने के काफी समय बाद तक संदीप ने बिजनेस को लेकर कोई पहल नहीं की। इसके बाद उन्होंने उससे अपने पैसे मांगे तो वह मुकरने लगा। इस पर जसबीर सिंह ने उसे 27 अक्तूबर 2014 को लीगल नोटिस भेजा। इसका जवाब न देने पर उन्होंने अदालत में केस दायर किया। केस की सुनवाई के बाद अदालत ने संदीप को दोषी पाते हुए एक साल की सजा सुनाई। साथ ही 3.50 लाख रुपये बतौर मुआवजा राशि देने के आदेश दिए।
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- अदालत ने एक साल जेल और 3.5 लाख रुपये जुर्माना लगाया
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
चेक बाउंस के मामले में जिला अदालत ने सेक्टर-22 शास्त्री मार्केट में दुकान चलाने वाले सेक्टर-22सी निवासी संदीप सिंह को एक साल जेल की सजा सुनाई है। साथ ही उन्हें 3.50 लाख रुपये बतौर मुआवजा शिकायतकर्ता को देने के आदेश दिए हैं।
संदीप के खिलाफ सेक्टर-47सी निवासी जसबीर सिंह ने एनआई एक्ट 1887 की धारा 138 के तहत अदालत में वाद दायर किया था। दायर वाद के अनुसार, 2014 में जसबीर सिंह सेक्टर-22 की शास्त्री मार्केट गए थे। वहां उनकी मुलाकात कपड़ा विक्रेता संदीप से हुई थी। इसके बाद दोनों में दोस्ती हो गई। कुछ समय बाद संदीप ने जसबीर को कपड़ों का बिजनेस करने की सलाह दी।
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जसबीर और संदीप में 5-5 लाख रुपये की साझेदारी कर खुद की दुकान शुरू करने पर सहमति बनी। शिकायतकर्ता के अनुसार, 29 जुलाई 2014 को उन्होंने संदीप को 3.50 लाख रुपये कैश दिया। इसके बदले में संदीप ने उन्हें उक्त राशि का एक चेक दिया। कैश देने के काफी समय बाद तक संदीप ने बिजनेस को लेकर कोई पहल नहीं की। इसके बाद उन्होंने उससे अपने पैसे मांगे तो वह मुकरने लगा। इस पर जसबीर सिंह ने उसे 27 अक्तूबर 2014 को लीगल नोटिस भेजा। इसका जवाब न देने पर उन्होंने अदालत में केस दायर किया। केस की सुनवाई के बाद अदालत ने संदीप को दोषी पाते हुए एक साल की सजा सुनाई। साथ ही 3.50 लाख रुपये बतौर मुआवजा राशि देने के आदेश दिए।
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