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उद्योगपति ने जमानत याचिका दायर की
Updated Thu, 22 Jun 2017 10:15 PM IST
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रिश्वत प्रकरण : बद्दी के उद्योगपति राणा ने दायर की जमानत याचिका
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
पांच लाख रुपये रिश्वत लेने के आरोप में हिमाचल उद्योग विभाग के संयुक्त निदेशक तिलकराज के साथ गिरफ्तार किए गए उद्योगपति अशोक राणा ने जिला अदालत में जमानत याचिका दायर की है। जिला अदालत में वैकेशन बेंच ने याचिका पर सीबीआई को नोटिस जारी कर 29 जून को जवाब दाखिल करने को कहा है।
राणा के वकील आरके हांडा की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि उसे केस में झूठा फंसाया गया है। उसका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। वह एक उद्योगपति है और सरकारी अधिकारियों से उनका कोई लेना-देना नहीं है। अपना बचाव करते हुए राणा ने कहा है कि उसने न तो रिश्वत की डिमांड की और न ही पैसे लिए। साथ ही वह तीन जून से जेल में है। ऐसे में सीबीआई को उससे अब कोई रिकवरी भी नहीं करनी है। इसलिए उसे जमानत का लाभ दिया जाए।
सेक्टर-8 में पार्किंग से काबू किया था
सीबीआई ने 30 मई को हिमाचल उद्योग विभाग के संयुक्त निदेशक तिलकराज शर्मा और उद्योगपति अशोक राणा को चंडीगढ़ सेक्टर-8 स्थित पार्किंग एरिया से पांच लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। दोनों पर सब्सिडी के 50 लाख रुपये जारी करने की एवज में 10 लाख रुपये मांगने का आरोप था। मामले में शिकायतकर्ता कंपनी के सीए थे। इसकी पहली किश्त की अदायगी के तौर पर 5 लाख रुपये देने की बात तय हुई थी। इसी रिश्वत की रकम को लेते हुए सीबीआई ने दोनों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया था।
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- अदालत ने सीबीआई को किया नोटिस जारी, 29 जून को जवाब दाखिल करने के आदेश
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
पांच लाख रुपये रिश्वत लेने के आरोप में हिमाचल उद्योग विभाग के संयुक्त निदेशक तिलकराज के साथ गिरफ्तार किए गए उद्योगपति अशोक राणा ने जिला अदालत में जमानत याचिका दायर की है। जिला अदालत में वैकेशन बेंच ने याचिका पर सीबीआई को नोटिस जारी कर 29 जून को जवाब दाखिल करने को कहा है।
राणा के वकील आरके हांडा की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि उसे केस में झूठा फंसाया गया है। उसका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। वह एक उद्योगपति है और सरकारी अधिकारियों से उनका कोई लेना-देना नहीं है। अपना बचाव करते हुए राणा ने कहा है कि उसने न तो रिश्वत की डिमांड की और न ही पैसे लिए। साथ ही वह तीन जून से जेल में है। ऐसे में सीबीआई को उससे अब कोई रिकवरी भी नहीं करनी है। इसलिए उसे जमानत का लाभ दिया जाए।
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सेक्टर-8 में पार्किंग से काबू किया था
सीबीआई ने 30 मई को हिमाचल उद्योग विभाग के संयुक्त निदेशक तिलकराज शर्मा और उद्योगपति अशोक राणा को चंडीगढ़ सेक्टर-8 स्थित पार्किंग एरिया से पांच लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। दोनों पर सब्सिडी के 50 लाख रुपये जारी करने की एवज में 10 लाख रुपये मांगने का आरोप था। मामले में शिकायतकर्ता कंपनी के सीए थे। इसकी पहली किश्त की अदायगी के तौर पर 5 लाख रुपये देने की बात तय हुई थी। इसी रिश्वत की रकम को लेते हुए सीबीआई ने दोनों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया था।
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- अदालत ने सीबीआई को किया नोटिस जारी, 29 जून को जवाब दाखिल करने के आदेश