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फ्लाइट पहुंची लेट, अगली मिस, एयर इंडिया को देना होगा मुआवजा
Updated Fri, 09 Jun 2017 09:07 PM IST
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फ्लाइट पहुंची लेट, अगली मिस, एयर इंडिया को देना होगा मुआवजा
नई दिल्ली से चंडीगढ़ की फ्लाइट का किराया लौटानी होगा
चंडीगढ़।
फ्लाइट लेट होने पर नई दिल्ली से चंडीगढ़ के लिए फ्लाइट छूट जाने पर कोई वैकल्पिक व्यवस्था न करना एयर इंडिया को महंगा पड़ गया। इसके लिए उपभोक्ता फोरम ने एयर इंडिया को सेवा में कोताही का दोषी करार दिया है।
उपभोक्ता फोरम ने एयर इंडिया का निर्देश दिया है कि वह शिकायतकर्ता को नई दिल्ली से चंडीगढ़ की फ्लाइट का किराया लौटाए। मानसिक तौर पर परेशानी और सेवा में कोताही के लिए 10 हजार रुपये मुआवजे के अलावा छह हजार पांच सौ रुपये टैक्सी का किराया और पांच हजार रुपये मुकदमा खर्च अदा करना होगा। यह आदेश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम-2 चंडीगढ़ ने सुनवाई के बाद दिया है।
शिकायतकर्ता रंजीत सिंह, उनकी पत्नी शविंदर कौर और बेटा रैवथजीत सिंह निवासी सेक्टर-22 बी चंडीगढ़ ने सेक्टर-34 ए स्थित एयर इंडिया के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में शिकायत दी थी। शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता फोरम को दी शिकायत में कहा कि उन्होंने 26 जनवरी 2016 को मिलान से चंडीगढ़ के लिए तीन एयर टिकट खरीदे।
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शिकायतकर्ता 26 को फ्लाइट पकड़ी और 27 जनवरी को नई दिल्ली पहुंचे। वह फ्लाइट पांच घंटे लेट थी। इसके कारण नई दिल्ली से चंडीगढ़ की एयर इंडिया की फ्लाइट मिस हो गई। शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता फोरम को बताया कि फ्लाइट मिस होने के बाद एयर इंडिया ने कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की। उनके छोटे बच्चे को 27 जनवरी 2016 को तेज बुखार भी था। एयर इंडिया ने कोई मेडिकल एड की सुविधा नहीं दिलवाई।
शिकायतकर्ता ने एयर इंडिया से कहा कि वे कोई दूसरी एयरलाइंस से चंडीगढ़ जाने की व्यवस्था कर दें। लेकिन कोई व्यवस्था नहीं कराई और न ही फ्लाइट के पैसे लौटाए। अंत में शिकायतकर्ता नई दिल्ली से चंडीगढ़ टैक्सी से पहुंचे। इस पर उनके छह हजार पांच सौ रुपये खर्च हुए।
उधर, एयर इंडिया ने उपभोक्ता फोरम में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि फ्लाइट लेट होने पर उन्हें अगले दिन यात्रा करने का आप्शन दिया। साथ ही नाइट स्टे के लिए भी आग्रह किया लेकिन शिकायतकर्ता ने स्वीकार नहीं किया। एयर इंडिया ने सेवा में कोताही नहीं की है।
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नई दिल्ली से चंडीगढ़ की फ्लाइट का किराया लौटानी होगा
चंडीगढ़।
फ्लाइट लेट होने पर नई दिल्ली से चंडीगढ़ के लिए फ्लाइट छूट जाने पर कोई वैकल्पिक व्यवस्था न करना एयर इंडिया को महंगा पड़ गया। इसके लिए उपभोक्ता फोरम ने एयर इंडिया को सेवा में कोताही का दोषी करार दिया है।
उपभोक्ता फोरम ने एयर इंडिया का निर्देश दिया है कि वह शिकायतकर्ता को नई दिल्ली से चंडीगढ़ की फ्लाइट का किराया लौटाए। मानसिक तौर पर परेशानी और सेवा में कोताही के लिए 10 हजार रुपये मुआवजे के अलावा छह हजार पांच सौ रुपये टैक्सी का किराया और पांच हजार रुपये मुकदमा खर्च अदा करना होगा। यह आदेश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम-2 चंडीगढ़ ने सुनवाई के बाद दिया है।
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शिकायतकर्ता रंजीत सिंह, उनकी पत्नी शविंदर कौर और बेटा रैवथजीत सिंह निवासी सेक्टर-22 बी चंडीगढ़ ने सेक्टर-34 ए स्थित एयर इंडिया के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में शिकायत दी थी। शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता फोरम को दी शिकायत में कहा कि उन्होंने 26 जनवरी 2016 को मिलान से चंडीगढ़ के लिए तीन एयर टिकट खरीदे।
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शिकायतकर्ता 26 को फ्लाइट पकड़ी और 27 जनवरी को नई दिल्ली पहुंचे। वह फ्लाइट पांच घंटे लेट थी। इसके कारण नई दिल्ली से चंडीगढ़ की एयर इंडिया की फ्लाइट मिस हो गई। शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता फोरम को बताया कि फ्लाइट मिस होने के बाद एयर इंडिया ने कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की। उनके छोटे बच्चे को 27 जनवरी 2016 को तेज बुखार भी था। एयर इंडिया ने कोई मेडिकल एड की सुविधा नहीं दिलवाई।
शिकायतकर्ता ने एयर इंडिया से कहा कि वे कोई दूसरी एयरलाइंस से चंडीगढ़ जाने की व्यवस्था कर दें। लेकिन कोई व्यवस्था नहीं कराई और न ही फ्लाइट के पैसे लौटाए। अंत में शिकायतकर्ता नई दिल्ली से चंडीगढ़ टैक्सी से पहुंचे। इस पर उनके छह हजार पांच सौ रुपये खर्च हुए।
उधर, एयर इंडिया ने उपभोक्ता फोरम में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि फ्लाइट लेट होने पर उन्हें अगले दिन यात्रा करने का आप्शन दिया। साथ ही नाइट स्टे के लिए भी आग्रह किया लेकिन शिकायतकर्ता ने स्वीकार नहीं किया। एयर इंडिया ने सेवा में कोताही नहीं की है।