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जाली कागजात बनाकर बैंक से निकले पौने दस लाख रुपये
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चंडीगढ़। फर्जी कागजात तैयार कर एक्सिस बैंक से 9.48 लाख रुपये की सिक्योरिटी मनी निकालने का मामला सामने आया है। आरोप है कि मनीमाजरा के सनराइज फैसिलेटर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के अधिकारियाें ने बैंक कर्मचारियों के साथ मिलकर फर्जी कागजात के सहारे एक्सिस बैंक से 9.48 लाख रुपये की सिक्योरिटी निकाल ली। सेक्टर 9 स्थित एक्सिस बैंक के डिप्टी जनरल मैनेजर कंचन मलिक की शिकायत पर सेक्टर-3 थाना पुलिस ने कंपनी के अधिकारी और सेक्टर 9 स्थित एक्सिस बैंक के कर्मचारियों पर मामला दर्ज किया है।
सनराइज फैसिलेटर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी चंडीगढ़ में आर्डिनेंस केबल फैक्टरी को मैन पावर सप्लाई करती है। आर्डिनेंस केबल फैक्टरी की शर्तों के अनुसार कंपनी ने मैन पावर सप्लाई करने से पहले आर्डिनेंस केबल फैक्टरी के पास छह लाख 32 हजार 500, दो लाख दस हजार 330 और एक लाख 5 हजार 200 की तीन एफडीआर बतौर सिक्योरिटी बैंक में जमा करवाई थी। कंपनी की तीनों असली एफडीआर आर्डिनेंस फैक्टरी के पास जमा थी। सेक्टर 30 स्थित एसबीआई ने आर्डिनेंस केबल फैक्टरी के अधिकारियों को बताया कि सनराइज फैसिलेटर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने तीनों एफडीआर सेक्टर 9 स्थित एक्सिस बैंक से कैश करवा ली गई है। इसके बाद केबल फैक्टरी के अधिकारियों ने तुरंत एक्सिस बैंक से अधिकारियों से संपर्क किया और बताया कि तीनों असली एफडीआर उनके पास हैं। इसके बावजूद बैंक ने कैसे तीनों एफडीआर कंपनी को कैश कर दी।
एक्सिस बैंक ने बताया कि सात जुलाई 2017 को सनराइज कंपनी ने आर्डिनेंस केबल फैक्टरी की डब्लूएम अनुभवा अग्रवाल और डब्लूएम विकास के जाली हस्ताक्षर वाला लेटर एक्सिस बैंक को जमा करवाया है। केबल फैक्टरी के अधिकारियों ने आरोप लगाया कि एक्सिस बैंक के कर्मचारियों ने बिना वेरीफाई किए फर्जी लेटर पर तीनों एफडीआर कंपनी को कैश कर दी। लाखों रुपये गबन पर एक्सिस बैंक के डिप्टी जनरल मैनेजर कंचन मलिक ने मामले की जांच की। पता चला कि बैंक के स्टाफ ने सनराइज कंपनी के अधिकारियों के साथ मिलकर तीनों एफडीआर कैश करवाई है।
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सनराइज फैसिलेटर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी चंडीगढ़ में आर्डिनेंस केबल फैक्टरी को मैन पावर सप्लाई करती है। आर्डिनेंस केबल फैक्टरी की शर्तों के अनुसार कंपनी ने मैन पावर सप्लाई करने से पहले आर्डिनेंस केबल फैक्टरी के पास छह लाख 32 हजार 500, दो लाख दस हजार 330 और एक लाख 5 हजार 200 की तीन एफडीआर बतौर सिक्योरिटी बैंक में जमा करवाई थी। कंपनी की तीनों असली एफडीआर आर्डिनेंस फैक्टरी के पास जमा थी। सेक्टर 30 स्थित एसबीआई ने आर्डिनेंस केबल फैक्टरी के अधिकारियों को बताया कि सनराइज फैसिलेटर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने तीनों एफडीआर सेक्टर 9 स्थित एक्सिस बैंक से कैश करवा ली गई है। इसके बाद केबल फैक्टरी के अधिकारियों ने तुरंत एक्सिस बैंक से अधिकारियों से संपर्क किया और बताया कि तीनों असली एफडीआर उनके पास हैं। इसके बावजूद बैंक ने कैसे तीनों एफडीआर कंपनी को कैश कर दी।
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एक्सिस बैंक ने बताया कि सात जुलाई 2017 को सनराइज कंपनी ने आर्डिनेंस केबल फैक्टरी की डब्लूएम अनुभवा अग्रवाल और डब्लूएम विकास के जाली हस्ताक्षर वाला लेटर एक्सिस बैंक को जमा करवाया है। केबल फैक्टरी के अधिकारियों ने आरोप लगाया कि एक्सिस बैंक के कर्मचारियों ने बिना वेरीफाई किए फर्जी लेटर पर तीनों एफडीआर कंपनी को कैश कर दी। लाखों रुपये गबन पर एक्सिस बैंक के डिप्टी जनरल मैनेजर कंचन मलिक ने मामले की जांच की। पता चला कि बैंक के स्टाफ ने सनराइज कंपनी के अधिकारियों के साथ मिलकर तीनों एफडीआर कैश करवाई है।
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