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शोशल मीडिया पर वायरल खुल्ली चिट्ठी को लेकर सीएम कैप्टन ने दिखाई गंभीरता, जांच करवाई शुरु।
Updated Sat, 24 Nov 2018 10:15 PM IST
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सोशल मीडिया पर खुली चिट्ठी वायरल, जांच शुरू
चार विद्यार्थियों को इंसाफ दिलाने के लिए समाजसेवी ने सीएम के नाम लिखा था पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
बरनाला। राज्य के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के नाम कुछ समय पहले एक समाजसेवी भाई परमजीत सिंह कैरे की ओर से सोशल मीडिया में वायरल खुली चिट्ठी में एक संदेश मुख्यमंत्री ने गंभीरता दिखाई है। इसके आधार पर तथ्यों की पड़ताल करने के लिए जिला पुलिस से रिपोर्ट मांगी है। पुलिस ने भाई कैरे के बयान कलमबंद कर लिए हैं। गौरतलब हो कि समाजसेवी ने सीएम कार्यालय से पुलिस को प्राप्त हुए पत्र का नंबर भी सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है। समाजसेवी भाई परमजीत सिंह कैरे, यूनाइटेड सिक्ख पार्टी के जिला प्रधान और बाबा जीवन सिंह स्टूडेंट लीग (पंजाब) संगठन के सरप्रस्त हैं। जिसने पुलिस को दर्ज कराए बयान में बताया कि उसने कालेज प्रशासन व प्रबंधकीय समिति के खिलाफ किसी लालच से भूख हड़ताल शुरू नहीं की, बल्कि कालेज प्रशासन के अड़ियल रवैये ने मरण व्रत शुरू करने पर विवश किया था। लोकल मीडिया पर दबाव होने के कारण उसने विद्यार्थी संघर्ष की आवाज मुख्यमंत्री के कानों तक पहुंचाने को सोशल मीडिया का सहारा लिया था। बता दें कि 2018 का सेशन शुरू होने के वक्त एसडी कालेज के प्रबंधकों एवं दलित समाज के विद्यार्थियों के बीच दाखिला फीसें लेने को लेकर विवाद हुआ था। विद्यार्थी सड़कों पर प्रदर्शन करने को मजबूर हुए थे। मामला गंभीर होते देख कालेज प्रबंधकीय समिति द्वारा प्रदर्शनकारी छात्रों की फीसें तो माफ कर दी थी, लेकिन उन चार विद्यार्थियों को निशाने पर ले लिया था, जिन्होंने विद्यार्थियों को एससी/एसटी एक्ट के अंतर्गत अधिकार दिलाने के लिए प्रदर्शन का नेतृत्व किया था।
चार विद्यार्थियों को इंसाफ दिलाने के लिए समाजसेवी ने सीएम के नाम लिखा था पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
बरनाला। राज्य के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के नाम कुछ समय पहले एक समाजसेवी भाई परमजीत सिंह कैरे की ओर से सोशल मीडिया में वायरल खुली चिट्ठी में एक संदेश मुख्यमंत्री ने गंभीरता दिखाई है। इसके आधार पर तथ्यों की पड़ताल करने के लिए जिला पुलिस से रिपोर्ट मांगी है। पुलिस ने भाई कैरे के बयान कलमबंद कर लिए हैं। गौरतलब हो कि समाजसेवी ने सीएम कार्यालय से पुलिस को प्राप्त हुए पत्र का नंबर भी सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है। समाजसेवी भाई परमजीत सिंह कैरे, यूनाइटेड सिक्ख पार्टी के जिला प्रधान और बाबा जीवन सिंह स्टूडेंट लीग (पंजाब) संगठन के सरप्रस्त हैं। जिसने पुलिस को दर्ज कराए बयान में बताया कि उसने कालेज प्रशासन व प्रबंधकीय समिति के खिलाफ किसी लालच से भूख हड़ताल शुरू नहीं की, बल्कि कालेज प्रशासन के अड़ियल रवैये ने मरण व्रत शुरू करने पर विवश किया था। लोकल मीडिया पर दबाव होने के कारण उसने विद्यार्थी संघर्ष की आवाज मुख्यमंत्री के कानों तक पहुंचाने को सोशल मीडिया का सहारा लिया था। बता दें कि 2018 का सेशन शुरू होने के वक्त एसडी कालेज के प्रबंधकों एवं दलित समाज के विद्यार्थियों के बीच दाखिला फीसें लेने को लेकर विवाद हुआ था। विद्यार्थी सड़कों पर प्रदर्शन करने को मजबूर हुए थे। मामला गंभीर होते देख कालेज प्रबंधकीय समिति द्वारा प्रदर्शनकारी छात्रों की फीसें तो माफ कर दी थी, लेकिन उन चार विद्यार्थियों को निशाने पर ले लिया था, जिन्होंने विद्यार्थियों को एससी/एसटी एक्ट के अंतर्गत अधिकार दिलाने के लिए प्रदर्शन का नेतृत्व किया था।