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मोगा अदालत की ओर से गर्मख्याली भाई हवारा आरोप मुक्त
Updated Tue, 07 Aug 2018 10:29 PM IST
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जानलेवा हमले में गर्मख्याली हवारा आरोप मुक्त
वीडियो कान्फ्रेंस से भुगती पेशी, कांस्टेबल पर हमले का था आरोप
निजी तौर पर कोर्ट में पेश करने से पुलिस करती रही टाल मटोल
अमर उजाला ब्यूरो
मोगा। दो वर्ष पहले तरनतारन में सरबत खालसा की ओर से स्थापित किए श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार गर्मख्याली जगतार सिंह हवारा को एडिशनल जिला एवं सेशन जज तरसेम मंगला की अदालत ने साढ़े 13 वर्ष पहले थाना बधनी कलां की पुलिस चौकी, लोपो में तैनात कांस्टेबल जसवीर सिंह पर जानलेवा हमला करने के केस में आरोप मुक्त करने का फैसला सुनाया है।
इस मौके दिल्ली में तिहाड़ जेल में बंद गर्मख्याली जगतार सिंह हवारा ने वीडियो कान्फ्रेंस से पेशी भुगती और सबूतों के अभाव में उसके खिलाफ आरोप तय नहीं हो सके। गर्मख्याली जगतार सिंह हवारा केस की पैरवी वकील जसपाल सिंह मंझपुर ने की। पुलिस सुरक्षा प्रबंधों के मद्देनजर भाई जगतार सिंह हवारा को दिल्ली की तिहाड़ जेल से निजी तौर पर पेश करने से टाल मटोल कर रही थी। जब तक कोई भी आरोपी अदालत में निजी तौर पर पेश नहीं होता, तब तक आरोपी के खिलाफ आरोप तय नहीं हो सकते। इसका भी हवारा को फायदा हुआ। क्योंकि पुलिस ने सुरक्षा कारणों से उसे कोर्ट में पेश नहीं किया। इस केस में नामजद अन्य आरोपी पहले ही सबूतों के अभाव में बरी हो चुके हैं।
बता दें कि 16 फरवरी 2005 को पुलिस चौकी लोपो के मुंशी/कांस्टेबल जसवीर सिंह को गोली मार दी थी। इस केस में 19 जनवरी 2010 को एडिशनल जिला एवं सेशन जज अदालत ने सबूतों के अभाव में केस में नाजमद आरोपियों को बरी कर दिया था। हवारा की गिरफ्तारी नहीं हुई। केस की दबी फाइल पुलिस ने तब खोली जब हवारा ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में अर्जी दायर कर दिल्ली की तिहाड़ जेल से पंजाब की किसी जेल में उसे शिफ्ट करने की मांग की। इसके बाद उसके खिलाफ दर्ज मामलों की जांच में वर्षों से दबी फाइल भी खुल गई थी। हवारा ने पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में दी अर्जी में कहा था कि तिहाड़ जेल के रिकॉर्ड मुताबिक उसके खिलाफ पंजाब-हरियाणा में अलग स्थानों पर 36 आपराधिक केस दर्ज हैं लेकिन उसे प्रोडक्शन वारंट पर किसी भी अदालत में पेश नहीं किया जाता। अर्जी में यह भी जिक्र किया था कि वास्तव में उसके खिलाफ करीब 5/6 केस हैं लेकिन पंजाब और दिल्ली सरकार के कम्यूनिकेशन गैप के कारण उसके खिलाफ 36 केस दिखाए जा रहे हैं।
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फाइल फोटो कैप्शन - जगतार सिंह हवारा की फाइल फोटो
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वीडियो कान्फ्रेंस से भुगती पेशी, कांस्टेबल पर हमले का था आरोप
निजी तौर पर कोर्ट में पेश करने से पुलिस करती रही टाल मटोल
अमर उजाला ब्यूरो
मोगा। दो वर्ष पहले तरनतारन में सरबत खालसा की ओर से स्थापित किए श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार गर्मख्याली जगतार सिंह हवारा को एडिशनल जिला एवं सेशन जज तरसेम मंगला की अदालत ने साढ़े 13 वर्ष पहले थाना बधनी कलां की पुलिस चौकी, लोपो में तैनात कांस्टेबल जसवीर सिंह पर जानलेवा हमला करने के केस में आरोप मुक्त करने का फैसला सुनाया है।
इस मौके दिल्ली में तिहाड़ जेल में बंद गर्मख्याली जगतार सिंह हवारा ने वीडियो कान्फ्रेंस से पेशी भुगती और सबूतों के अभाव में उसके खिलाफ आरोप तय नहीं हो सके। गर्मख्याली जगतार सिंह हवारा केस की पैरवी वकील जसपाल सिंह मंझपुर ने की। पुलिस सुरक्षा प्रबंधों के मद्देनजर भाई जगतार सिंह हवारा को दिल्ली की तिहाड़ जेल से निजी तौर पर पेश करने से टाल मटोल कर रही थी। जब तक कोई भी आरोपी अदालत में निजी तौर पर पेश नहीं होता, तब तक आरोपी के खिलाफ आरोप तय नहीं हो सकते। इसका भी हवारा को फायदा हुआ। क्योंकि पुलिस ने सुरक्षा कारणों से उसे कोर्ट में पेश नहीं किया। इस केस में नामजद अन्य आरोपी पहले ही सबूतों के अभाव में बरी हो चुके हैं।
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बता दें कि 16 फरवरी 2005 को पुलिस चौकी लोपो के मुंशी/कांस्टेबल जसवीर सिंह को गोली मार दी थी। इस केस में 19 जनवरी 2010 को एडिशनल जिला एवं सेशन जज अदालत ने सबूतों के अभाव में केस में नाजमद आरोपियों को बरी कर दिया था। हवारा की गिरफ्तारी नहीं हुई। केस की दबी फाइल पुलिस ने तब खोली जब हवारा ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में अर्जी दायर कर दिल्ली की तिहाड़ जेल से पंजाब की किसी जेल में उसे शिफ्ट करने की मांग की। इसके बाद उसके खिलाफ दर्ज मामलों की जांच में वर्षों से दबी फाइल भी खुल गई थी। हवारा ने पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में दी अर्जी में कहा था कि तिहाड़ जेल के रिकॉर्ड मुताबिक उसके खिलाफ पंजाब-हरियाणा में अलग स्थानों पर 36 आपराधिक केस दर्ज हैं लेकिन उसे प्रोडक्शन वारंट पर किसी भी अदालत में पेश नहीं किया जाता। अर्जी में यह भी जिक्र किया था कि वास्तव में उसके खिलाफ करीब 5/6 केस हैं लेकिन पंजाब और दिल्ली सरकार के कम्यूनिकेशन गैप के कारण उसके खिलाफ 36 केस दिखाए जा रहे हैं।
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फाइल फोटो कैप्शन - जगतार सिंह हवारा की फाइल फोटो