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शराब ठेकेदार हिमांशू के कातिल गिरफ्तार।
Updated Sat, 04 Aug 2018 10:34 PM IST
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शराब ठेकेदार की हत्या का मामला, सभी केंद्र
हिमांशु ने देख लिया चेहरा, इसलिए की हत्या, दो गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों में एक गैंगस्टर काला का है साथी, दर्ज हैं 12 केस, 15 दिन साथ कर चुका था काम
एक माह में 1500 लोगों से पूछताछ, 58 से ज्यादा सीसीटीवी से फुटेज चेक किए
पिछले आठ महीनों में जेल से बाहर आए अपराधियों की लोकेशन भी जांची, हत्या से पहले आरोपियों ने पांच बार रेकी की
प्रेसवार्ता में बिलखकर रोई हिमांशु की मां, बोली-हत्यारों को हो मौत के बदले मौत की सजा
अमर उजाला ब्यूरो
बरनाला। 5 जुलाई को रात शहर के मुख्य बस स्टैंड के सामने शराब ठेकेदार हिमांशु दानिया के दोनों हत्यारों को पुलिस ने एक माह बाद गिरफ्तार किया है। दोनों ने हत्या से पहले पांच बार रेकी की थी। जब हिमांशु दानिया की हत्या की तब हिमांशु दानिया ने चेहरे से परना गिरने के बाद एक आरोपी को पहचान लिया था। पकड़ने जाने के डर से उसने हिमांशु को गोली मार दी थी। आरोपियों की पहचान सुखपाल सिंह पुत्र दल सिंह और कर्मजीत सिंह उर्फ करमा पुत्र हरबंस सिंह दोनों निवासी धनौला के तौर पर हुई है। पुलिस ने उसके पास से वारदात में इस्तेमाल देसी रिवाल्वर-32 बोर, तीन जिंदा कारतूस और लूटी गई राशि में से करीब सवा लाख रुपये की नकदी भी बरामद कर ली है। दोनों अभियुक्तों के खिलाफ कत्ल की धारा 302/397/506 आईपीसी और असला एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। एसएसपी हरजीत सिंह की प्रेसवार्ता में एसपी (इन्वेस्टिगेशन) सुखदेव सिंह विर्क, डीएसपी राजेश छिब्बर, सीआईए स्टाफ इंचार्ज बलजीत सिंह भी थे। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है, दोनों को रविवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा।
जिला पुलिस मुखी हरजीत सिंह ने प्रेसवार्ता में बताया कि पुलिस ने हत्याकांड की अगली सुबह से ही हिमांशु के कातिलों को ढूंढना शुरू कर दिया था। पुलिस ने शक के आधार पर 1500 से अधिक लोगों से पूछताछ की। जिनमें शराब कारोबारी ठेकेदार व उनके कारिंदे, सात-आठ महीने के दौरान जेलों से बाहर आए आपराधिक प्रवृति के लोगों की लोकेशनें तक चेक की। 58 से ज्यादा सीसीटीवी से फुटेज लिए गए। जिसके बाद पुलिस की नजर दो नौजवानों पर टिकी। जिनके फुटेज वारदात स्थल से लेकर धनौला तक पाए गए। इनकी पहचान सुखपाल सिंह पुत्र दल सिंह तथा कर्मजीत सिंह उर्फ करमा पुत्र हरबंस सिंह दोनों निवासी धनौला के तौर पर हुई। दोनों को गिरफ्त में लेकर पूछताछ की गई। इनका आपराधिक रिकार्ड पाया गया। सुखपाल सिंह गैंगस्टर गुरमीत सिंह उर्फ काला धनौला का साथी रहा है। जांच में सुखपाल ने हिमांशु की हत्या कबूली है। उसने माना कि उसने ठेकेदारों से लूट के लिए वारदात से पहले पांच बार रेकी भी की थी। हत्याकांड में इस्तेमाल रिवाल्वर उसने जेल में साथी रहे हनुमानगढ़ के एक साथी से ली थी।
बुआ के लड़के ने हटा दिया था आरोपी को नौकरी से
एसएसपी हरजीत सिंह ने बताया कि हिमांशु दानिया के पार्टनर जो कि उसके बुआ के लड़के हैं के पास इसी वर्ष में अलॉट हुए ठेके के बाद 15 दिन तक हत्यारोपी सुखपाल सिंह ने काम भी किया था। लेकिन उसके चाल चलन को देखते हिमांशु के बुआ के लड़के संजीव ने सुखपाल को नौकरी से बाहर कर दिया था।
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हिमांशु ने पहचान लिया था, इसलिए मारी गोली
सुखपाल सिंह जब वह हिमांशु से रुपये लूटने पहुंचा तो किसी को शक न हो इसलिए उसने पहले अपने बंद मोबाइल को कान पर लगाया और बात करने का ड्रामा करने लगा। उसने चेहरे को परने से ढका हुआ था। जैसे ही हिमांशु दानिया को उसने देखा वह तुरंत पांच लाख रुपये से भरा बैग छीनने लगा। इस छीना झपटी में उसके चेहरे से परना गिर गया और हिमांशु ने सुखपाल को देख लिया। चेहरा देखे जाने पर सुखपाल डर गया। खुद के पकड़े जाने के डर से हिमांशु दानिया पर उसने गोली चला दी। वहीं कर्मजीत सिंह पहले से बाइक को स्टार्ट रखे हुए था। गोली मारने के बाद पांच लाख रुपये लेकर दोनों फरार हो गए।
दोनों की पृष्ठभूमि आपराधिक
सुखपाल सिंह पुत्र दल सिंह के खिलाफ खनौरी, बरनाला, धनौला, शेरपुर थानों में मारपीट, लूटपाट, शराब तस्करी, कुल 12 मुकद्दमे दर्ज हैं। जबकि कर्मजीत सिंह उर्फ करमा पुत्र हरबंस सिंह के खिलाफ शराब तस्करी से संबंधित थाना धनौला में तीन मामले दर्ज हैं।
संघर्ष के एलान के बाद पुलिस हुई सतर्क
गौर हो कि ठेकेदार हिमांशु दानिया की हत्या के अगले दिन 6 जुलाई से लेकर 3 अगस्त तक पुलिस ने शंका के आधार पर 1500 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की थी। जिनमें शराब के कारोबारियों के ठेकेदारों व उनके कारिंदों सात-आठ महीने के दौरान जेलों से बाहर आए क्राइम पेशा प्रवृति के लोगों की लोकेशन तक चेक की थीं। इसमें पुलिस के हाथ पूरी तरह से खाली थे।
मौत की सजा दिलाने की मांग
हिमांशु दानिया की मां नीरज बाला दानिया ने प्रेस कांफ्रेंस में रोते हुए पुलिस अधिकारियों के सामने कहा कि उसके बेटे के हत्यारों को मौत की सजा हो तभी उसकी आत्मा को शांति मिलेगी। वह अपने परिवार और सजा दिलाने के गठित संघर्ष समिति सदस्यों के साथ प्रेसवार्ता में पहुंची थीं।
नोट : संबंधित चार फोटो कुछ देर बाद समेत कैप्शन भेजी जा रही हैं।
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हिमांशु ने देख लिया चेहरा, इसलिए की हत्या, दो गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों में एक गैंगस्टर काला का है साथी, दर्ज हैं 12 केस, 15 दिन साथ कर चुका था काम
एक माह में 1500 लोगों से पूछताछ, 58 से ज्यादा सीसीटीवी से फुटेज चेक किए
पिछले आठ महीनों में जेल से बाहर आए अपराधियों की लोकेशन भी जांची, हत्या से पहले आरोपियों ने पांच बार रेकी की
प्रेसवार्ता में बिलखकर रोई हिमांशु की मां, बोली-हत्यारों को हो मौत के बदले मौत की सजा
अमर उजाला ब्यूरो
बरनाला। 5 जुलाई को रात शहर के मुख्य बस स्टैंड के सामने शराब ठेकेदार हिमांशु दानिया के दोनों हत्यारों को पुलिस ने एक माह बाद गिरफ्तार किया है। दोनों ने हत्या से पहले पांच बार रेकी की थी। जब हिमांशु दानिया की हत्या की तब हिमांशु दानिया ने चेहरे से परना गिरने के बाद एक आरोपी को पहचान लिया था। पकड़ने जाने के डर से उसने हिमांशु को गोली मार दी थी। आरोपियों की पहचान सुखपाल सिंह पुत्र दल सिंह और कर्मजीत सिंह उर्फ करमा पुत्र हरबंस सिंह दोनों निवासी धनौला के तौर पर हुई है। पुलिस ने उसके पास से वारदात में इस्तेमाल देसी रिवाल्वर-32 बोर, तीन जिंदा कारतूस और लूटी गई राशि में से करीब सवा लाख रुपये की नकदी भी बरामद कर ली है। दोनों अभियुक्तों के खिलाफ कत्ल की धारा 302/397/506 आईपीसी और असला एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। एसएसपी हरजीत सिंह की प्रेसवार्ता में एसपी (इन्वेस्टिगेशन) सुखदेव सिंह विर्क, डीएसपी राजेश छिब्बर, सीआईए स्टाफ इंचार्ज बलजीत सिंह भी थे। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है, दोनों को रविवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा।
जिला पुलिस मुखी हरजीत सिंह ने प्रेसवार्ता में बताया कि पुलिस ने हत्याकांड की अगली सुबह से ही हिमांशु के कातिलों को ढूंढना शुरू कर दिया था। पुलिस ने शक के आधार पर 1500 से अधिक लोगों से पूछताछ की। जिनमें शराब कारोबारी ठेकेदार व उनके कारिंदे, सात-आठ महीने के दौरान जेलों से बाहर आए आपराधिक प्रवृति के लोगों की लोकेशनें तक चेक की। 58 से ज्यादा सीसीटीवी से फुटेज लिए गए। जिसके बाद पुलिस की नजर दो नौजवानों पर टिकी। जिनके फुटेज वारदात स्थल से लेकर धनौला तक पाए गए। इनकी पहचान सुखपाल सिंह पुत्र दल सिंह तथा कर्मजीत सिंह उर्फ करमा पुत्र हरबंस सिंह दोनों निवासी धनौला के तौर पर हुई। दोनों को गिरफ्त में लेकर पूछताछ की गई। इनका आपराधिक रिकार्ड पाया गया। सुखपाल सिंह गैंगस्टर गुरमीत सिंह उर्फ काला धनौला का साथी रहा है। जांच में सुखपाल ने हिमांशु की हत्या कबूली है। उसने माना कि उसने ठेकेदारों से लूट के लिए वारदात से पहले पांच बार रेकी भी की थी। हत्याकांड में इस्तेमाल रिवाल्वर उसने जेल में साथी रहे हनुमानगढ़ के एक साथी से ली थी।
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बुआ के लड़के ने हटा दिया था आरोपी को नौकरी से
एसएसपी हरजीत सिंह ने बताया कि हिमांशु दानिया के पार्टनर जो कि उसके बुआ के लड़के हैं के पास इसी वर्ष में अलॉट हुए ठेके के बाद 15 दिन तक हत्यारोपी सुखपाल सिंह ने काम भी किया था। लेकिन उसके चाल चलन को देखते हिमांशु के बुआ के लड़के संजीव ने सुखपाल को नौकरी से बाहर कर दिया था।
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हिमांशु ने पहचान लिया था, इसलिए मारी गोली
सुखपाल सिंह जब वह हिमांशु से रुपये लूटने पहुंचा तो किसी को शक न हो इसलिए उसने पहले अपने बंद मोबाइल को कान पर लगाया और बात करने का ड्रामा करने लगा। उसने चेहरे को परने से ढका हुआ था। जैसे ही हिमांशु दानिया को उसने देखा वह तुरंत पांच लाख रुपये से भरा बैग छीनने लगा। इस छीना झपटी में उसके चेहरे से परना गिर गया और हिमांशु ने सुखपाल को देख लिया। चेहरा देखे जाने पर सुखपाल डर गया। खुद के पकड़े जाने के डर से हिमांशु दानिया पर उसने गोली चला दी। वहीं कर्मजीत सिंह पहले से बाइक को स्टार्ट रखे हुए था। गोली मारने के बाद पांच लाख रुपये लेकर दोनों फरार हो गए।
दोनों की पृष्ठभूमि आपराधिक
सुखपाल सिंह पुत्र दल सिंह के खिलाफ खनौरी, बरनाला, धनौला, शेरपुर थानों में मारपीट, लूटपाट, शराब तस्करी, कुल 12 मुकद्दमे दर्ज हैं। जबकि कर्मजीत सिंह उर्फ करमा पुत्र हरबंस सिंह के खिलाफ शराब तस्करी से संबंधित थाना धनौला में तीन मामले दर्ज हैं।
संघर्ष के एलान के बाद पुलिस हुई सतर्क
गौर हो कि ठेकेदार हिमांशु दानिया की हत्या के अगले दिन 6 जुलाई से लेकर 3 अगस्त तक पुलिस ने शंका के आधार पर 1500 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की थी। जिनमें शराब के कारोबारियों के ठेकेदारों व उनके कारिंदों सात-आठ महीने के दौरान जेलों से बाहर आए क्राइम पेशा प्रवृति के लोगों की लोकेशन तक चेक की थीं। इसमें पुलिस के हाथ पूरी तरह से खाली थे।
मौत की सजा दिलाने की मांग
हिमांशु दानिया की मां नीरज बाला दानिया ने प्रेस कांफ्रेंस में रोते हुए पुलिस अधिकारियों के सामने कहा कि उसके बेटे के हत्यारों को मौत की सजा हो तभी उसकी आत्मा को शांति मिलेगी। वह अपने परिवार और सजा दिलाने के गठित संघर्ष समिति सदस्यों के साथ प्रेसवार्ता में पहुंची थीं।
नोट : संबंधित चार फोटो कुछ देर बाद समेत कैप्शन भेजी जा रही हैं।