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दूसरे दिन भी मां के नही रूके आंसू
Updated Sat, 07 Jul 2018 10:28 PM IST
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तुहानूं पंज लख चाहीदा सी लै जांदें, मेरा मुंडा क्यों मारिया तुसी
नहीं थम रहे मां के आंसू और पुलिस को नहीं लगा बदमाशों का सुराग
अमर उजाला ब्यूरो
बरनाला। पंज लख खातिर तुसी मेरा मुंडा मारता ओ, तुसी तां मेरा घर ही पट्ट के रख दित्ता, हुण मैं अपने पुत्तर बिना कित्थे जावांगी। तुहानूं पंज लख चाहीदा सी लै जांदें, मेरा मुंडा क्यों मारिया तुसी। हिमांशु दानिया की मां रंजना दानिया को बेटे की याद रह रहकर सता रही है। हत्या के दूसरे दिन भी उनकी आंखों से आंसू नहीं थम रहे हैं। वह बेटे के लिए लगातार कह रह रही हैं कि उसका बेटा मरा नहीं है, वह जरूर लौटकर आएगा। मां के पांव में प्लास्टर होने के कारण वह चल फिर नहीं पा रही थी। लेकिन उसकी हालत किसी से नहीं देखी जा रही है। केसी रोड बरनाला निवासी स्व. डिप्टी डीईओ स्वतंत्र दानिया के पुत्र 27 वर्षीय युवक हिमांशु दानिया की वीरवार को देर रात अज्ञात बदमाशों ने हत्या कर पांच लाख रुपये लूट लिए थे।
पिछले जख्म भी नहीं भरे थे अभी
शनिवार को घर में परिवार को सांत्वना देने वालों का तांता लगा था। घर में मौजूद हर शख्स की आंखें नम थीं। रंजना दानिया के पति की पिछले साल सड़क हादसे में मौत होने के कारण रंजना दानिया के जख्म भरे नहीं थे कि पुत्र की मौत होने के बाद उस पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बता दें कि 6 जुलाई 2017 की शाम को मृतक हिमांशु दानिया के पिता डिप्टी डीईओ स्वतंत्र दानिया व मां सरकारी अध्यापिका रंजना दानिया चंडीगढ़ से अपने घर लौट रहे थे कि कस्बा धनौला के पास एक सड़क हादसे में पिता स्वतंत्र दानिया की मौत हो गई थी और रंजना दानियां गंभीर रूप से घायल हो गईं थीं। उस हादसे के बाद उनके पांव पर अब भी प्लास्टर लगा है। वह बिना सहारे चल नहीं सकती हैं।
एक साल में ही सब खत्म हो गया
मां के अकेले होने के कारण कंप्यूटर इंजीनियर हिमांशु दानिया बंगलूरू से से नौकरी छोड़कर अपनी मां के पास बरनाला आकर रहने लगा था। हिमांशु की शादी के लिए भी बातचीत चल रही थी। इसी अप्रैल में उसने शराब के ठेकेदारों के साथ कारोबार में हिस्सा डाला व शराब का कारोबार करने लगा। अभी तीन माह ही हुए थे कि 5 जुलाई को देर रात उसकी हत्या कर दी। अपनी पति की मौत के एक वर्ष बाद मां को इकलौते बेटे की मौत के बाद घर में मातम छा गया है व शहर में शोक की लहर है। इस तरह एक ही वर्ष में घर बिखर गया। अब घर में केवल अपाहिज हालात में माता रंजना दानियां ही रह गई हैं।
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लोगों में खौफ का माहौल
5 जुलाई को देर रात करीब 10:42 बजे बस स्टैंड स्थित पुलिस चौकी के सामने बस स्टैंड रोड पर 15 शराब के ठेकों से कैश एकत्र करके आफस जा रहे शराब के ठेकेदार हिमांशु दानियां को बाइक सवार बदमाशों ने मुंह पर गोली मारकर हत्या कर दी थी। बदमाश उससे पांच लाख रुपये कैश लूटकर फरार हो गए। पुलिस सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही हैं। लेकिन शहर में भय का माहौल बन हुआ है। लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। शनिवार तक पुलिस किसी नतीजे पर नही पहुंच सकी। बस पुलिस अधिकारियों से एक ही जवाब मिलता है कि जांच जारी है और आरोपी जल्द पकड़ लिए जाएंगें।
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नहीं थम रहे मां के आंसू और पुलिस को नहीं लगा बदमाशों का सुराग
अमर उजाला ब्यूरो
बरनाला। पंज लख खातिर तुसी मेरा मुंडा मारता ओ, तुसी तां मेरा घर ही पट्ट के रख दित्ता, हुण मैं अपने पुत्तर बिना कित्थे जावांगी। तुहानूं पंज लख चाहीदा सी लै जांदें, मेरा मुंडा क्यों मारिया तुसी। हिमांशु दानिया की मां रंजना दानिया को बेटे की याद रह रहकर सता रही है। हत्या के दूसरे दिन भी उनकी आंखों से आंसू नहीं थम रहे हैं। वह बेटे के लिए लगातार कह रह रही हैं कि उसका बेटा मरा नहीं है, वह जरूर लौटकर आएगा। मां के पांव में प्लास्टर होने के कारण वह चल फिर नहीं पा रही थी। लेकिन उसकी हालत किसी से नहीं देखी जा रही है। केसी रोड बरनाला निवासी स्व. डिप्टी डीईओ स्वतंत्र दानिया के पुत्र 27 वर्षीय युवक हिमांशु दानिया की वीरवार को देर रात अज्ञात बदमाशों ने हत्या कर पांच लाख रुपये लूट लिए थे।
पिछले जख्म भी नहीं भरे थे अभी
शनिवार को घर में परिवार को सांत्वना देने वालों का तांता लगा था। घर में मौजूद हर शख्स की आंखें नम थीं। रंजना दानिया के पति की पिछले साल सड़क हादसे में मौत होने के कारण रंजना दानिया के जख्म भरे नहीं थे कि पुत्र की मौत होने के बाद उस पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बता दें कि 6 जुलाई 2017 की शाम को मृतक हिमांशु दानिया के पिता डिप्टी डीईओ स्वतंत्र दानिया व मां सरकारी अध्यापिका रंजना दानिया चंडीगढ़ से अपने घर लौट रहे थे कि कस्बा धनौला के पास एक सड़क हादसे में पिता स्वतंत्र दानिया की मौत हो गई थी और रंजना दानियां गंभीर रूप से घायल हो गईं थीं। उस हादसे के बाद उनके पांव पर अब भी प्लास्टर लगा है। वह बिना सहारे चल नहीं सकती हैं।
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एक साल में ही सब खत्म हो गया
मां के अकेले होने के कारण कंप्यूटर इंजीनियर हिमांशु दानिया बंगलूरू से से नौकरी छोड़कर अपनी मां के पास बरनाला आकर रहने लगा था। हिमांशु की शादी के लिए भी बातचीत चल रही थी। इसी अप्रैल में उसने शराब के ठेकेदारों के साथ कारोबार में हिस्सा डाला व शराब का कारोबार करने लगा। अभी तीन माह ही हुए थे कि 5 जुलाई को देर रात उसकी हत्या कर दी। अपनी पति की मौत के एक वर्ष बाद मां को इकलौते बेटे की मौत के बाद घर में मातम छा गया है व शहर में शोक की लहर है। इस तरह एक ही वर्ष में घर बिखर गया। अब घर में केवल अपाहिज हालात में माता रंजना दानियां ही रह गई हैं।
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लोगों में खौफ का माहौल
5 जुलाई को देर रात करीब 10:42 बजे बस स्टैंड स्थित पुलिस चौकी के सामने बस स्टैंड रोड पर 15 शराब के ठेकों से कैश एकत्र करके आफस जा रहे शराब के ठेकेदार हिमांशु दानियां को बाइक सवार बदमाशों ने मुंह पर गोली मारकर हत्या कर दी थी। बदमाश उससे पांच लाख रुपये कैश लूटकर फरार हो गए। पुलिस सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही हैं। लेकिन शहर में भय का माहौल बन हुआ है। लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। शनिवार तक पुलिस किसी नतीजे पर नही पहुंच सकी। बस पुलिस अधिकारियों से एक ही जवाब मिलता है कि जांच जारी है और आरोपी जल्द पकड़ लिए जाएंगें।