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मार्किट रेट से अधिक इंटरेस्ट वसूलने पर 1.15 लाख रूपये लौटाने के आदेश
Updated Sat, 29 Sep 2018 02:08 AM IST
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अधिक ब्याज वसूला, लौटाने होंगे 1.15 लाख
उपभोक्ता फोरम ने कंपनी को दिया आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। मार्किट रेट से लोन पर अधिक ब्याज वसूलने पर उपभोक्ता फोरम ने सेक्टर-22 स्थित एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड को 1.15 लाख रुपये उपभोक्ता को लौटाने को कहा है। इसके अलावा उपभोक्ता द्वारा कंपनी से लिए गए लोन पर रेट ऑफ इंटरेस्ट के नाम पर चार्ज किए गए एक्सेस अमाउंट को वापस किए जाने के भी आदेश जारी किए हैं।
मोहाली फेस-3 ए निवासी हरभजन सिंह मिनहास और हरजीत कौर मिनहास ने एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड कंपनी से हाउसिंग लोन लिया था। कंपनी ने उपभोक्ता को 31 दिसंबर 2003 को 10 लाख रुपये का हाउसिंग लोन 7.75 प्रतिशत प्रति वर्ष के फ्लोटिंग इंटरेस्ट रेट पर दिया था। वहीं कंपनी ने 31 अक्टूबर 2005 को उपभोक्ता को दूसरा लोन सात लाख रुपये 7.25 प्रतिशत प्रति वर्ष के हिसाब से दिया। उपभोक्ता ने कंपनी को 31 सितंबर 2016 तक पहले लोन की एवज में 18,15,314 रुपये और दूसरे लोन की एवज में 11,57,942 रुपये दिए थे। उपभोक्ताओं ने एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड के खिलाफ कंज्यूमर कोर्ट में याचिका दायर कर शिकायत दी थी कि कंपनी ने उनसे लिए गए लोन की एवज में 2.75 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज शुल्क वसूल किया था। जबकि लोन लेते समय इस पारी में कंपनी ने उपभोक्ता को किसी भी प्रकार की जानकारी नहीं दी थी। उपभोक्ता ने कंज्यूमर कोर्ट को शिकायत देते हुए कहा था कि कंपनी ने उनसे लिए गए लोन के एवज में मार्केट रेट से अधिक लोन पर ब्याज वसूल किया है। उपभोक्ता ने कंपनी को 24 अप्रैल 2016 को नोटिस जारी कर कंपनी से जवाब मांगा था। जब कंपनी ने नोटिस का जवाब नहीं दिया तो उपभोक्ता ने कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट 1986 के सेक्शन 12 के तहत कंपनी पर अनफेयर ट्रेड और डेफिशिएंसी इन सर्विस के तहत केस दायर किया था। इस पर कंज्यूमर फोरम ने हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड कंपनी को उपभोक्ता को एक लाख रुपये हर्जाना और 15 हजार रुपये मुकदमा राशि देने को कहा है। वहीं कंपनी को उपभोक्ता द्वारा लिए गए लोन पर चार्ज किए गए एक्सेस अमाउंट वापस लौटने को कहा है।
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उपभोक्ता फोरम ने कंपनी को दिया आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। मार्किट रेट से लोन पर अधिक ब्याज वसूलने पर उपभोक्ता फोरम ने सेक्टर-22 स्थित एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड को 1.15 लाख रुपये उपभोक्ता को लौटाने को कहा है। इसके अलावा उपभोक्ता द्वारा कंपनी से लिए गए लोन पर रेट ऑफ इंटरेस्ट के नाम पर चार्ज किए गए एक्सेस अमाउंट को वापस किए जाने के भी आदेश जारी किए हैं।
मोहाली फेस-3 ए निवासी हरभजन सिंह मिनहास और हरजीत कौर मिनहास ने एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड कंपनी से हाउसिंग लोन लिया था। कंपनी ने उपभोक्ता को 31 दिसंबर 2003 को 10 लाख रुपये का हाउसिंग लोन 7.75 प्रतिशत प्रति वर्ष के फ्लोटिंग इंटरेस्ट रेट पर दिया था। वहीं कंपनी ने 31 अक्टूबर 2005 को उपभोक्ता को दूसरा लोन सात लाख रुपये 7.25 प्रतिशत प्रति वर्ष के हिसाब से दिया। उपभोक्ता ने कंपनी को 31 सितंबर 2016 तक पहले लोन की एवज में 18,15,314 रुपये और दूसरे लोन की एवज में 11,57,942 रुपये दिए थे। उपभोक्ताओं ने एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड के खिलाफ कंज्यूमर कोर्ट में याचिका दायर कर शिकायत दी थी कि कंपनी ने उनसे लिए गए लोन की एवज में 2.75 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज शुल्क वसूल किया था। जबकि लोन लेते समय इस पारी में कंपनी ने उपभोक्ता को किसी भी प्रकार की जानकारी नहीं दी थी। उपभोक्ता ने कंज्यूमर कोर्ट को शिकायत देते हुए कहा था कि कंपनी ने उनसे लिए गए लोन के एवज में मार्केट रेट से अधिक लोन पर ब्याज वसूल किया है। उपभोक्ता ने कंपनी को 24 अप्रैल 2016 को नोटिस जारी कर कंपनी से जवाब मांगा था। जब कंपनी ने नोटिस का जवाब नहीं दिया तो उपभोक्ता ने कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट 1986 के सेक्शन 12 के तहत कंपनी पर अनफेयर ट्रेड और डेफिशिएंसी इन सर्विस के तहत केस दायर किया था। इस पर कंज्यूमर फोरम ने हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड कंपनी को उपभोक्ता को एक लाख रुपये हर्जाना और 15 हजार रुपये मुकदमा राशि देने को कहा है। वहीं कंपनी को उपभोक्ता द्वारा लिए गए लोन पर चार्ज किए गए एक्सेस अमाउंट वापस लौटने को कहा है।
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