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जमीनी विवाद में हुई थी एनआरआई बलकरण भुल्लर की हत्या
Updated Sat, 04 Nov 2017 10:38 PM IST
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दो आरोपी गिरफ्तार, रिमांड पर लेकर होगी पूछताछ
जमीनी विवाद में हुई थी एनआरआई बलकरण भुल्लर की हत्या
-दो आरोपी गिरफ्तार, रिमांड पर लेकर होगी पूछताछ
अबोहर।
दीवाली वाले दिन 19 अक्टूबर को सुबह करीब साढ़े 9 बजे ढाणी ठाकर सिंह निवासी एनआरआई बलकरन सिंह भुल्लर की हत्या जमीनी विवाद के कारण हुई है। क्योंकि भुल्लर अपने खेत पड़ोसियों को न तो निकलने के लिए रास्ता देता था और न ही उन्हें पानी की बारी का हिस्सा। इतना ही नहीं इस 16 किल्ले विवादित जमीन का अदालती फैसला भी बलकरण के हक में हो गया था। जो उसकी हत्या का कारण बना। यह बात फिरोजपुर रेंज के डीआईजी राजिंद्र सिंह ने शनिवार को काबू किए गए दो आरोपियों से आंशिक पूछताछ के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही।
डीआईजी ने बताया कि इस हत्याकांड के बाद पुलिस की कई टीमें गठित की गई और दोषियों की सरगर्मी से तलाश की जा रही थी। इसी दौरान शनिवार को सदर थाना प्रभारी व एएसआई रंजीत सिंह को सूचना मिली कि बलकरण भुल्लर हत्याकांड के आरोपी गांव गोबिंदगढ़ नहर के पुल के समीप मौजूद हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी करते हुए दो आरोपियों को काबू कर लिया। जिनकी पहचान पर्चे में नामजद कुलवीर सिंह पुत्र हरबीर सिंह व एक अन्य दर्शन सिंह लाहौरिया निवासी हिंदूमल कोट रोड़ के रूप में हुई है। डीआईजी ने बताया कि तलाशी लेने पर दर्शन सिंह के पास से 315 बोर की देसी पिस्तौल व तीन जिंदा कारतूस बरामद हुए।
डीआईजी के अनुसार पुलिस द्वारा पूछताछ में आरोपी कुलबीर सिंह ने बताया कि बलकरण सिंह भुल्लर के साथ पिछले करीब 15 वर्षों से जमीनी विवाद चल रहा था। जिसके चलते बलकरण उसे न तो अपनी जमीन तक जाने के लिए रास्ता देता था और न ही पानी की बारी में हिस्सा। जिससे उनकी जमीन बंजर हो गई और इसी जमीन संबंधी चल रहे अदालती मामले में माननीय अदालत ने 25 सिंतबर को बलकरण भुल्लर के हक में फैसला दे दिया। इसी कारण उसने अपने साथियों के साथ मिलकर दीवाली वाले दिन बलकरण की हत्या कर दी। कुलबीर ने माना कि उसने पहले भी कई बार बलकरण की हत्या करने की साजिश रची लेकिन कामयाब नहीं हुआ। डीआईजी ने बताया कि दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी कि इस मामले में कितने और लोग शामिल हैं। वही पूरे मामले की रैकी करने वाले, सूचना देने वाले, असलहा व स्विफ्ट कार उपलब्ध कराने वालों का भी पता लगाया जाएगा। इस मौके पर डीआईजी के साथ जिला पुलिस प्रमुख केतन बलिराम पाटिल, एसपी अमरजीत सिंह मटवानी, डीएसपी राहुल भारद्वाज, थाना सदर के प्रभारी बरजिंद्र सिंह तथा एएसआई रंजीत सिंह भी उपस्थित थे।
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ज्ञात हो कि दीवाली वाली सुबह कनैडा निवासी अप्रवासी भारतीय बलकरण सिंह भुल्लर की सैर करते समय कार पर सवार होकर आए कुछ लोगों ने कई फायर करते हुए हत्या कर दी थी और जाते हुए बलकरण सिंह का रिवाल्वर भी साथ ले गए। पुलिस ने इस मामले में बलकरण सिंह के बड़े भाई बलजीत सिंह भुल्लर के बयान के आधार पर समरवीर सिंह उर्फ सैमी, उसके भाई कुलवीर सिंह, हरनेक सिंह उर्फ रिंपी तथा उसके बेटे गुरतेसर सिंह सहित कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ भादंस की धारा 302, 148, 149 तथा असलहा अधिनियम की धारा 25, 54, 59 के तहत मामला दर्ज किया था।
इस समाचार की फोटो एबीआर 6 भेजी जा रही है।
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जमीनी विवाद में हुई थी एनआरआई बलकरण भुल्लर की हत्या
-दो आरोपी गिरफ्तार, रिमांड पर लेकर होगी पूछताछ
अबोहर।
दीवाली वाले दिन 19 अक्टूबर को सुबह करीब साढ़े 9 बजे ढाणी ठाकर सिंह निवासी एनआरआई बलकरन सिंह भुल्लर की हत्या जमीनी विवाद के कारण हुई है। क्योंकि भुल्लर अपने खेत पड़ोसियों को न तो निकलने के लिए रास्ता देता था और न ही उन्हें पानी की बारी का हिस्सा। इतना ही नहीं इस 16 किल्ले विवादित जमीन का अदालती फैसला भी बलकरण के हक में हो गया था। जो उसकी हत्या का कारण बना। यह बात फिरोजपुर रेंज के डीआईजी राजिंद्र सिंह ने शनिवार को काबू किए गए दो आरोपियों से आंशिक पूछताछ के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही।
डीआईजी ने बताया कि इस हत्याकांड के बाद पुलिस की कई टीमें गठित की गई और दोषियों की सरगर्मी से तलाश की जा रही थी। इसी दौरान शनिवार को सदर थाना प्रभारी व एएसआई रंजीत सिंह को सूचना मिली कि बलकरण भुल्लर हत्याकांड के आरोपी गांव गोबिंदगढ़ नहर के पुल के समीप मौजूद हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी करते हुए दो आरोपियों को काबू कर लिया। जिनकी पहचान पर्चे में नामजद कुलवीर सिंह पुत्र हरबीर सिंह व एक अन्य दर्शन सिंह लाहौरिया निवासी हिंदूमल कोट रोड़ के रूप में हुई है। डीआईजी ने बताया कि तलाशी लेने पर दर्शन सिंह के पास से 315 बोर की देसी पिस्तौल व तीन जिंदा कारतूस बरामद हुए।
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डीआईजी के अनुसार पुलिस द्वारा पूछताछ में आरोपी कुलबीर सिंह ने बताया कि बलकरण सिंह भुल्लर के साथ पिछले करीब 15 वर्षों से जमीनी विवाद चल रहा था। जिसके चलते बलकरण उसे न तो अपनी जमीन तक जाने के लिए रास्ता देता था और न ही पानी की बारी में हिस्सा। जिससे उनकी जमीन बंजर हो गई और इसी जमीन संबंधी चल रहे अदालती मामले में माननीय अदालत ने 25 सिंतबर को बलकरण भुल्लर के हक में फैसला दे दिया। इसी कारण उसने अपने साथियों के साथ मिलकर दीवाली वाले दिन बलकरण की हत्या कर दी। कुलबीर ने माना कि उसने पहले भी कई बार बलकरण की हत्या करने की साजिश रची लेकिन कामयाब नहीं हुआ। डीआईजी ने बताया कि दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी कि इस मामले में कितने और लोग शामिल हैं। वही पूरे मामले की रैकी करने वाले, सूचना देने वाले, असलहा व स्विफ्ट कार उपलब्ध कराने वालों का भी पता लगाया जाएगा। इस मौके पर डीआईजी के साथ जिला पुलिस प्रमुख केतन बलिराम पाटिल, एसपी अमरजीत सिंह मटवानी, डीएसपी राहुल भारद्वाज, थाना सदर के प्रभारी बरजिंद्र सिंह तथा एएसआई रंजीत सिंह भी उपस्थित थे।
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ज्ञात हो कि दीवाली वाली सुबह कनैडा निवासी अप्रवासी भारतीय बलकरण सिंह भुल्लर की सैर करते समय कार पर सवार होकर आए कुछ लोगों ने कई फायर करते हुए हत्या कर दी थी और जाते हुए बलकरण सिंह का रिवाल्वर भी साथ ले गए। पुलिस ने इस मामले में बलकरण सिंह के बड़े भाई बलजीत सिंह भुल्लर के बयान के आधार पर समरवीर सिंह उर्फ सैमी, उसके भाई कुलवीर सिंह, हरनेक सिंह उर्फ रिंपी तथा उसके बेटे गुरतेसर सिंह सहित कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ भादंस की धारा 302, 148, 149 तथा असलहा अधिनियम की धारा 25, 54, 59 के तहत मामला दर्ज किया था।
इस समाचार की फोटो एबीआर 6 भेजी जा रही है।