{"_id":"620eabd1991768602c16833a","slug":"crime-terror-of-drug-addicts-across-ghaggar-breaks-hands-in-the-evening-breaks-head-pkl-office-news-pkl44235059","type":"story","status":"publish","title_hn":"अपराध : घग्गर पार नशेड़ियों का आतंक, शाम को तोड़ते हैं हाथ, फोड़ते हैं सिर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अपराध : घग्गर पार नशेड़ियों का आतंक, शाम को तोड़ते हैं हाथ, फोड़ते हैं सिर
विज्ञापन
पंचकूला। रात नौ बजे के बाद घग्गर पार के सेक्टर-27 और 28 में जरा संभलकर जाएं। शाम होते ही यहां की सड़कों पर नशेड़ियों का कब्जा हो जाता है। पुलिस की गश्त जीरो होने के कारण नशेड़ी ही रात को स्वयं को यहां का मालिक समझने लगते हैं। सड़क पर गुट बनाकर नशा करना हो या नशा करके बाइक पर स्टंट करना इन लोगों का रोज का काम है। इस बीच यदि कोई इनके आसपास से भी निकल जाए तो समझो उसकी सामत आ गई। डेढ़ माह में दो मामलों में पीड़ित अस्पताल में भर्ती हैं। इसमें एक वृद्धा का हाथ टूट गया जबकि बुधवार रात को एक गर्भवती और उसके पति को जमकर पीटा। पति के सिर में 25 टांके लगे हैं।
इसके अलावा कई छोटे-मोटे मामले पुलिस तक भी नहीं पहुंचे हैं। जो लोग इन नशेड़ियों से परिचित हैं दूर से ही देखकर रास्ता बदल लेते हैं, लेकिन अनजान लोग इनके चंगुल में फंस जाते हैं। रात को यहां से गुजरने वाले लोगों को सलाह है कि नशेड़ियों को देखकर रास्ता बदल लीजिए, गलती से पास से गुजर गए तो आप पर हमला होना तय है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कानून व्यवस्था मजबूत होने का लाख दावा पुलिस अफसर कर ले, लेकिन हकीकत कुछ और है। रात हो या फिर दिन घग्गर पार के सेक्टरों में नशेड़ियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि बेखौफ हमला करने से नहीं हिचकते।
केस नंबर एक
कोच और उसके पति पर हमला, पति को लगे बीस टांके
बुधवार की रात करीब नौ बजे सेक्टर-27 से 28 अपने घर लौट रहे विकास और उनकी गर्भवती पत्नी मीना पर कुछ नशेड़ियों ने हमला कर दिया। उसे इतनी बुरी तरह से पीटा कि उसके सिर में 20 टांगे लगे हैं। वहीं उसकी पत्नी को भी बीच बचाव में चोटें आई हैं। उसकी अंगुलियां सूज गई हैं। विकास ने बताया कि सेक्टर-27 स्थित दुकान से पनीर खरीदकर रात को अपनी पत्नी के साथ घर लौट रहा था। बीच रास्ते में मेन सड़क पर करीब 15 से 20 लोग नशा कर रहे थे, जब रास्ता मांगा तो वे बदतमीजी करने लगे।
विज्ञापन
विकास ने तेज आवाज में कहा कि सभी अपने घर जाओ, इतनी रात यहां क्या कर रहे हो। इतने में चार नशेड़ियों ने विकास के दोनों हाथ पकड़ लिए, अन्य ने उसके सिर पर डंडे से ताबड़तोड़ वार करना शुरू कर दिया। पति को बचाने के लिए बीच में आईं गर्भवती मीना पर भी नशेड़ियों ने हमला किया। करीब दस से पंद्रह मिनट तक नशेड़ी दोनों को पीटते रहे। इस बीच वाहन की रोशनी देख नशेड़ी विकास और उसकी पत्नी मीना को मौके पर छोड़कर फरार हो गए। मीना ताऊ देवी लाल स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में हॉकी की कोच हैं।
केस नंबर दो
एक माह से बिस्तर पर हैं पड़ी
सेक्टर-28 निवासी 60 वर्षीय प्रोमिला कौशिक ने बताया कि 1 जनवरी की शाम पार्क से टहलकर लौट रही थीं, तभी नशे में धुत नशेड़ियों ने सड़कों पर स्टंट करना शुरू कर दिया। इतने में एक नशेड़ी तेज बाइक चलाकर आया। इसके बाद वह टक्कर मारकर फरार हो गया। बाइक की टक्कर से जमीन पर गिरते ही मेरा हाथ टूट गया।
प्रोमिला के पति चमनलाल कौशिक ने बताया कि यहां पार्कों और सड़कों पर दिन और रात के समय अक्सर नशेड़ी घूमते रहते हैं। यहां अलग-अलग सेक्टरों में कई ऐसे प्लॉट हैं जो खाली पड़े हैं। इनमें किसी भी तरह की कंस्ट्रक्शन नहीं की जा रही। इनकी आड़ में शाम को लोग शराब भी पीते हैं। यहां पर पुलिस की पेट्रोलिंग जीरो है। एक माह से मेरी पत्नी बिस्तर पर पड़ी है। हाथ तो टूटा ही था, अंदरूनी चोटें भी काफी आई हैं।
26 गांव, दो सेक्टर एक पीसीआर के भरोसे
रामगढ़ पुलिस के पास सेक्टर-27 और 28 सहित 26 गांवों की पेट्रोलिंग का काम है, जबकि महज एक पीसीआर है। पहले हमारे पास तीन पीसीआर थीं। अभी 17 और 18 नंबर पीसीआर रामगढ़ पुलिस के पास नहीं है। एक पीसीआर से हम पूरे एरिया में गश्त करते हैं। -राजबीर एसआई, रामगढ़ पुलिस चौकी इंचार्ज
करीब पांच माह पहले चाकू दिखाकर एक मकान से 80 सेटरिंग प्लेटें नशेड़ियों ने चोरी कर लिए थे। इसका आजतक पुलिस पता नहीं लगा पाई है। यहां की पुलिस की पेट्रोलिंग जीरो हो गई है। इस बाबत रामगढ़ पुलिस चौकी को तीन बार अवगत कराया जा चुके हैं, वहां पुलिस के पास पेट्रोलिंग के लिए महज एक पीसीआर है। कई गांवों सहित उस पर दो सेक्टरों की जिम्मेदारी है। जो संभव नहीं है। - मोहिंदर बल्हारा, आरडब्ल्यूए प्रधान सेक्टर-28 पंचकूला।
विज्ञापन
इसके अलावा कई छोटे-मोटे मामले पुलिस तक भी नहीं पहुंचे हैं। जो लोग इन नशेड़ियों से परिचित हैं दूर से ही देखकर रास्ता बदल लेते हैं, लेकिन अनजान लोग इनके चंगुल में फंस जाते हैं। रात को यहां से गुजरने वाले लोगों को सलाह है कि नशेड़ियों को देखकर रास्ता बदल लीजिए, गलती से पास से गुजर गए तो आप पर हमला होना तय है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कानून व्यवस्था मजबूत होने का लाख दावा पुलिस अफसर कर ले, लेकिन हकीकत कुछ और है। रात हो या फिर दिन घग्गर पार के सेक्टरों में नशेड़ियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि बेखौफ हमला करने से नहीं हिचकते।
विज्ञापन
केस नंबर एक
कोच और उसके पति पर हमला, पति को लगे बीस टांके
बुधवार की रात करीब नौ बजे सेक्टर-27 से 28 अपने घर लौट रहे विकास और उनकी गर्भवती पत्नी मीना पर कुछ नशेड़ियों ने हमला कर दिया। उसे इतनी बुरी तरह से पीटा कि उसके सिर में 20 टांगे लगे हैं। वहीं उसकी पत्नी को भी बीच बचाव में चोटें आई हैं। उसकी अंगुलियां सूज गई हैं। विकास ने बताया कि सेक्टर-27 स्थित दुकान से पनीर खरीदकर रात को अपनी पत्नी के साथ घर लौट रहा था। बीच रास्ते में मेन सड़क पर करीब 15 से 20 लोग नशा कर रहे थे, जब रास्ता मांगा तो वे बदतमीजी करने लगे।
विज्ञापन
विकास ने तेज आवाज में कहा कि सभी अपने घर जाओ, इतनी रात यहां क्या कर रहे हो। इतने में चार नशेड़ियों ने विकास के दोनों हाथ पकड़ लिए, अन्य ने उसके सिर पर डंडे से ताबड़तोड़ वार करना शुरू कर दिया। पति को बचाने के लिए बीच में आईं गर्भवती मीना पर भी नशेड़ियों ने हमला किया। करीब दस से पंद्रह मिनट तक नशेड़ी दोनों को पीटते रहे। इस बीच वाहन की रोशनी देख नशेड़ी विकास और उसकी पत्नी मीना को मौके पर छोड़कर फरार हो गए। मीना ताऊ देवी लाल स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में हॉकी की कोच हैं।
केस नंबर दो
एक माह से बिस्तर पर हैं पड़ी
सेक्टर-28 निवासी 60 वर्षीय प्रोमिला कौशिक ने बताया कि 1 जनवरी की शाम पार्क से टहलकर लौट रही थीं, तभी नशे में धुत नशेड़ियों ने सड़कों पर स्टंट करना शुरू कर दिया। इतने में एक नशेड़ी तेज बाइक चलाकर आया। इसके बाद वह टक्कर मारकर फरार हो गया। बाइक की टक्कर से जमीन पर गिरते ही मेरा हाथ टूट गया।
प्रोमिला के पति चमनलाल कौशिक ने बताया कि यहां पार्कों और सड़कों पर दिन और रात के समय अक्सर नशेड़ी घूमते रहते हैं। यहां अलग-अलग सेक्टरों में कई ऐसे प्लॉट हैं जो खाली पड़े हैं। इनमें किसी भी तरह की कंस्ट्रक्शन नहीं की जा रही। इनकी आड़ में शाम को लोग शराब भी पीते हैं। यहां पर पुलिस की पेट्रोलिंग जीरो है। एक माह से मेरी पत्नी बिस्तर पर पड़ी है। हाथ तो टूटा ही था, अंदरूनी चोटें भी काफी आई हैं।
26 गांव, दो सेक्टर एक पीसीआर के भरोसे
रामगढ़ पुलिस के पास सेक्टर-27 और 28 सहित 26 गांवों की पेट्रोलिंग का काम है, जबकि महज एक पीसीआर है। पहले हमारे पास तीन पीसीआर थीं। अभी 17 और 18 नंबर पीसीआर रामगढ़ पुलिस के पास नहीं है। एक पीसीआर से हम पूरे एरिया में गश्त करते हैं। -राजबीर एसआई, रामगढ़ पुलिस चौकी इंचार्ज
करीब पांच माह पहले चाकू दिखाकर एक मकान से 80 सेटरिंग प्लेटें नशेड़ियों ने चोरी कर लिए थे। इसका आजतक पुलिस पता नहीं लगा पाई है। यहां की पुलिस की पेट्रोलिंग जीरो हो गई है। इस बाबत रामगढ़ पुलिस चौकी को तीन बार अवगत कराया जा चुके हैं, वहां पुलिस के पास पेट्रोलिंग के लिए महज एक पीसीआर है। कई गांवों सहित उस पर दो सेक्टरों की जिम्मेदारी है। जो संभव नहीं है। - मोहिंदर बल्हारा, आरडब्ल्यूए प्रधान सेक्टर-28 पंचकूला।