नहीं थम रहा कुत्तों का आंतक...पांच को काटा, इस साल 4300 लोग बन चुके शिकार
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शहरी क्षेत्र में शनिवार को पांच लोगों को लावारिस कुत्तों ने निशाना बनाया है। पहला केस ओल्ड पंचकूला का है। यहां की स्थानीय निवासी कन्यावती जैसे ही घर से बाहर निकली, मेन सड़क पर जा रहे लावारिस कुत्ते ने दौड़कर काट लिया। उसके पैर पर लावारिस कुत्ते ने दो जगह घाव बनाए हैं।
वहीं दूसरा केस सेक्टर-15 का है। 17 वर्षीय अजय ने बताया कि वह घर से बाहर निकला और आगे गली की तरफ बढ़ा तभी बीच रास्ते में खड़े छह लावारिस कुत्तों ने उसको दौड़ा लिया। उसे कई जगह काटा। वहां मौजूद लोगों ने बीच बचाव किया तो कुत्ते वहां से भागे। इसी तरह पंचकूला सेक्टर- 8 निवासी 35 वर्षीय बालकृष्ण को भी लावारिस कुत्तों ने काटा है।
पंचकूला सेक्टर-12ए निवासी 31 वर्षीय विपुल और पंचकूला सेक्टर-21 निवासी सोहनलाल को भी टहलते समय लावारिस कुत्तों ने दौड़ा लिया। उनके पांव और हाथ में काट लिया। गौरतलब है कि इस साल अब तक कुल 4300 लोगों को लावारिस कुत्तों ने निशाना बनाया है। ये सभी लोग पंचकूला सेक्टर- 6 के इमरजेंसी में उपचार के लिए आए थे। इन्हें रेबीज का पहला डोज दिया गया है। बाकी इन्हें बाहर से लगवाने पड़ेंगे।
दूसरे तीसरा व चौथा डोज नहीं
पंचकूला सेक्टर- 6 के जनरल अस्पताल के मेडिसिन स्टॉक में एंटी रेबीज का इंजेक्शन खत्म हो गया है। पंचकूला के सिविल अस्पताल के ओपीडी में रेबीज का इंजेक्शन लगवाने आने वाले मरीजों को लौटाया जा रहा है। दरअसल दूसरा, तीसरा और चौथा डोज अस्पताल के स्टोर में नहीं है। ऐसी स्थिति में मरीजों को चंडीगढ़ और निजी अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
इस साल का आंकड़ा
माह संख्या
जनवरी- 448
फरवरी- 446
मार्च- 545
अप्रैल- 446
मई- 432
जून - 345
जुलाई- 237
अगस्त- 301
सितंबर- 340
अक्तूबर- 355
नवंबर- 190
दिसंबर- 140 अब तक
कैनल हाउस भी तैयार नहीं
नगर निगम सुखदर्शनपुर में 4.5 एकड़ एरिया में कैनल हाउस बनवा रहा है। इसका निर्माण कार्य कब पूरा होगा इसका कोई पता नहीं है। हालांकि निगम अधिकारियों ने तीन दिसंबर 2018 को शिलान्यास के दौरान दावा किया था कि निर्माण कार्य को एक साल के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। लेकिन निर्माण कार्य की गति बहुत धीमी होने के कारण छह माह बाद भी ज्यादा कार्य नहीं हुआ है। अभी सेक्टर-3 में पेट एनिमल सेंटर है। यहां बीमार कुत्तों का इलाज और गली मोहल्लों से पकड़े जाने वाले कुत्तों का स्टरलाइजेशन किया जाता है।
रोजाना 15 से 20 केस का आंकड़ा
- सन 2016-17 में आए थे 1500 से 1700 केस
- 2018 में आए थे 4000 डॉग बाइट्स के केस
- 15 से 20 लोग प्रतिदिन पहुंच रहे सामान्य अस्पताल
- 7816 कुत्तों से ज्यादा का निगम करवा चुका है स्टरलाइजेशन
- 37338 कुत्ते और 4083 फीमेल डॉग की है शहर में संख्या