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अपराध : पैसे कमाने का झांसा देकर लाखों रुपये ठगे, कालका निवासी ने लगाया आरोप, पुलिस ने मामला दर्ज कर मामले की जांच शुरू की
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पंचकूला। नगर निगम को जनता की सेहत का कोई ख्याल नहीं है। उसे केवल शुल्क से मतलब है। यही कारण है कि सेक्टर-20 के रिहाइशी इलाके में निगम अधिकारी एक मोबाइल कंपनी का टावर लगवा रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने मोबाइल टावर लगाने के मामले की शिकायत सेक्टर-20 आरडब्ल्यूए से की तो उन्होंने कड़ा विरोध जताया। आरडब्ल्यूए के मोबाइल टावर के निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से रोकने की मांग की है।
आरडब्ल्यूए सेक्टर-20 के वरिष्ठ उपप्रधान योगेंद्र क्वात्रा, उपप्रधान अविनाश मलिक ने मोबाइल टावर स्थल का निरीक्षण किया। क्वात्रा ने बताया कि इस मामले को लेकर उन्होंने नगर निगम मेयर कुलभूषण गोयल और आयुक्त धर्मवीर सिंह को पत्र लिखा है। उन्होंने बताया कि सेक्टर-20 में जीएच-38 के प्रधान ने शिकायत में बताया कि सनसिटी वाली रोड पर एक एक मोबाइल कंपनी का टावर लगाया जा रहा। उन्होंने जब मौके पर जाकर देखा तो एक सॉलिड कंक्रीट का बेस बनाया गया है। उसके ऊपर टावर की मशीन भी खड़ी है। किसी भी रिहाइशी क्षेत्र में मोबाइल टावर लगाना लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करना है।
जब इसकी खोज की गई तो पता चला कि 2019 में कंपनी को परमिशन मिली थी। मोबाइल कंपनी ने कुछ समय पहले टावर लगाने के लिए 20 लाख रुपये की राशि जमा करवाई है। नगर निगम के जेई ने ही आकर टावर लगाने के लिए जगह चिह्नित की है। स्थानीय लोगों ने मेयर कुलभूषण गोयल और नगर निगम आयुक्त से इस टावर को दूसरी जगह लगवाने की मांग की है।
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आरडब्ल्यूए सेक्टर-20 के वरिष्ठ उपप्रधान योगेंद्र क्वात्रा, उपप्रधान अविनाश मलिक ने मोबाइल टावर स्थल का निरीक्षण किया। क्वात्रा ने बताया कि इस मामले को लेकर उन्होंने नगर निगम मेयर कुलभूषण गोयल और आयुक्त धर्मवीर सिंह को पत्र लिखा है। उन्होंने बताया कि सेक्टर-20 में जीएच-38 के प्रधान ने शिकायत में बताया कि सनसिटी वाली रोड पर एक एक मोबाइल कंपनी का टावर लगाया जा रहा। उन्होंने जब मौके पर जाकर देखा तो एक सॉलिड कंक्रीट का बेस बनाया गया है। उसके ऊपर टावर की मशीन भी खड़ी है। किसी भी रिहाइशी क्षेत्र में मोबाइल टावर लगाना लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करना है।
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जब इसकी खोज की गई तो पता चला कि 2019 में कंपनी को परमिशन मिली थी। मोबाइल कंपनी ने कुछ समय पहले टावर लगाने के लिए 20 लाख रुपये की राशि जमा करवाई है। नगर निगम के जेई ने ही आकर टावर लगाने के लिए जगह चिह्नित की है। स्थानीय लोगों ने मेयर कुलभूषण गोयल और नगर निगम आयुक्त से इस टावर को दूसरी जगह लगवाने की मांग की है।
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