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अदालत : मधुबन थाने में व्यक्ति को जिंदा जलाने पर सब इंस्पेक्टर को उम्रकैद, इंस्पेक्टर को तीन साल की सजा, सीबीआई की विशेष अदालत ने सुनाई सजा
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पंचकूला। करनाल के कलराम गांव निवासी भुवन दत्त को मुधबन थाने के अंदर जलाने के मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने शुक्रवार को सब इंस्पेक्टर पवन कुमार को उम्रकैद और इंस्पेक्टर रणबीर सिंह को तीन साल की सजा सुनाई है। सब इंस्पेक्टर पवन कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाने के साथ ही उन पर 61 हजार का जुर्माना और इंस्पेक्टर रणबीर सिंह पर 31 हजार का जुर्माना भी लगाया है। पुलिस ने भुवन दत्त को सितंबर 2007 में करनाल के राजिंदर की हत्या के आरोप में पकड़ा था। भुवन दत्त के भाई गोबिंद ने तत्कालीन एसएचओ रणबीर सिंह सहित अन्य के खिलाफ शिकायत दी थी।
करनाल के जिला एवं सत्र न्यायाधीश रविकुमार सोंधी ने हाईकोर्ट को पत्र लिखकर अनुरोध किया था कि भुवन दत्त को थाने में जलने के मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए। इस पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने मामले की जांच कराने की सहमति दी गई थी। सहमति मिलने के बाद इस मामले की जांच सीबीआई ने करने के बाद सीबीआई की विशेष अदालत में चार्जशीट फाइल की थी। मामले की जांच के बाद सीबीआई की विशेष अदालत ने यह फैसला सुनाया है।
यह है मामला
मामला करनाल के कलराम गांव के निवासी भुवन दत्त की हिरासत में मौत का है। आरोप है कि 1 सितंबर 2007 को मधुबन थाने के अंदर इंस्पेक्टर रणबीर सिंह और सब इंस्पेक्टर पवन कुमार ने भुवन दत्त को जिंदा जला दिया था। मधुबन थाना पुलिस ने भुवन दत्त को राजिंदर नाम के व्यक्ति के हत्या के मामले में बतौर संदिग्ध उठाया था। 24 जुलाई 2007 को करनाल में राजिंदर की हत्या के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। 1 सितंबर 2007 को भुवन को मुधबन थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उसे थाने के अंदर जिंदा जला दिया गया था। अपनी मौत से पहले भुवन ने न्यायिक मजिस्ट्रेट को बयान दिया था। मृतक भुवन दत्त के भाई गोबिंद ने बाद में तत्कालीन एसएचओ रणबीर सिंह सहित पुलिस के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया था कि एसएचओ ने उनके पिता से 50,000 रुपये की भी मांग की थी। पैसे नहीं देने पर उसकेेे भाई को आग लगाकर जला दिया।
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करनाल के जिला एवं सत्र न्यायाधीश रविकुमार सोंधी ने हाईकोर्ट को पत्र लिखकर अनुरोध किया था कि भुवन दत्त को थाने में जलने के मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए। इस पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने मामले की जांच कराने की सहमति दी गई थी। सहमति मिलने के बाद इस मामले की जांच सीबीआई ने करने के बाद सीबीआई की विशेष अदालत में चार्जशीट फाइल की थी। मामले की जांच के बाद सीबीआई की विशेष अदालत ने यह फैसला सुनाया है।
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यह है मामला
मामला करनाल के कलराम गांव के निवासी भुवन दत्त की हिरासत में मौत का है। आरोप है कि 1 सितंबर 2007 को मधुबन थाने के अंदर इंस्पेक्टर रणबीर सिंह और सब इंस्पेक्टर पवन कुमार ने भुवन दत्त को जिंदा जला दिया था। मधुबन थाना पुलिस ने भुवन दत्त को राजिंदर नाम के व्यक्ति के हत्या के मामले में बतौर संदिग्ध उठाया था। 24 जुलाई 2007 को करनाल में राजिंदर की हत्या के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। 1 सितंबर 2007 को भुवन को मुधबन थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उसे थाने के अंदर जिंदा जला दिया गया था। अपनी मौत से पहले भुवन ने न्यायिक मजिस्ट्रेट को बयान दिया था। मृतक भुवन दत्त के भाई गोबिंद ने बाद में तत्कालीन एसएचओ रणबीर सिंह सहित पुलिस के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया था कि एसएचओ ने उनके पिता से 50,000 रुपये की भी मांग की थी। पैसे नहीं देने पर उसकेेे भाई को आग लगाकर जला दिया।
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