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Panchkula News: 5.54 करोड़ की बैंक धोखाधड़ी में दंपती को सजा

Wed, 05 Aug 2026 01:50 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 05 Aug 2026 01:50 AM IST
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Couple sentenced for Rs 5.54 crore bank fraud
13 साल पुराने मामले में पति को डेढ़ साल और पत्नी को एक साल का कारावास, जांच में खामियों पर अदालत की टिप्पणी
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। करीब 13 वर्ष पुराने 5.54 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने दंपती को दोषी ठहराते हुए कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने सिद्धार्थ चंद्र को डेढ़ वर्ष तथा उनकी पत्नी पूजा चंद्र को एक वर्ष के कारावास की सजा दी है। साथ ही उनकी कंपनी एम/एस इंटरकान इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड पर भी जुर्माना लगाया गया है।
विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीबीआई) ने सिद्धार्थ चंद्र को भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी और 420 के तहत डेढ़-डेढ़ वर्ष के कारावास तथा कुल 40 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं पूजा चंद्र को दोनों धाराओं में एक-एक वर्ष के कारावास और 40 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया गया। अदालत ने दोनों सजाओं को साथ-साथ चलाने के आदेश दिए। कंपनी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया, जिसे अदालत में जमा करा दिया गया।
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नरमी की अपील, अदालत ने किया उल्लेख
सजा सुनाए जाने के दौरान दोनों दोषियों ने अदालत से नरमी बरतने की अपील की। उन्होंने बताया कि उनके परिवार में 21 वर्षीय बेटा और 76 वर्षीय बुजुर्ग मां हैं, जिनकी देखभाल की जिम्मेदारी उन पर है। अदालत ने यह भी माना कि दोनों पहली बार किसी अपराध में दोषी पाए गए हैं।
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जांच में खामियों पर अदालत की टिप्पणी
फैसले में अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि वर्ष 2013 में दर्ज मामले की जांच पूरी करने में सीबीआई को लगभग आठ वर्ष का समय लगा। अदालत ने जांच प्रक्रिया पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त नहीं किए गए, जिससे कथित जालसाजी से जुड़े पहलुओं की प्रभावी जांच नहीं हो सकी। अदालत ने माना कि फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल के संकेत मिले थे, लेकिन पर्याप्त साक्ष्य और समुचित जांच के अभाव में आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 471 के आरोप में संदेह का लाभ देना पड़ा। मामले की प्रति सीबीआई निदेशक को भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि जांच में रही खामियों की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
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