{"_id":"6716ecc3e4cbb45862002ac7","slug":"corporations-bjp-government-in-minority-how-will-it-sail-through-pkl-office-news-c-290-1-pkl1067-11720-2024-10-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panchkula News: अल्पमत में निगम की भाजपा सरकार, कैसे होगी नैया पार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panchkula News: अल्पमत में निगम की भाजपा सरकार, कैसे होगी नैया पार
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। नगर निगम पंचकूला के सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव 4 नवंबर को होगा। पंचकूला के महापौर कुलभूषण गोयल ने नगर निगम के कमिश्नर को सुबह 11 बजे चुनाव कराने के लिए पत्र लिखा है। सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव तिथि घोषित होते ही पार्टियों में घमासान शुरू हो गया है। नगर निगम में अल्पमत में आई भाजपा की नैया कैसे होगी पार इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं। पौने चार साल बाद भी पंचकूला में सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव नहीं करवाया गया है।
इन दोनों पदों का चुनाव नगर निगम चुनाव समाप्त होने की अधिसूचना जारी होने की 60 दिन के भीतर करवाया जाना था, लेकिन करीब पौने चार साल का समय बीत चुका है, अब तक चुनाव नहीं करवाया गया है। इस चुनाव को लेकर कांग्रेस और भाजपा दोनों में ही घमासान की स्थिति है। विधानसभा चुनाव में भाजपा के दो पार्षद तोड़कर नगर निगम में कांग्रेस बहुमत में आ गई है। कांग्रेस को उम्मीद थी कि प्रदेश में उसकी सरकार बनेगी, तो आसानी से सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का पद वह जीत लेगी, लेकिन प्रदेश में एक बार फिर भाजपा सरकार बनने के बाद कांग्रेस के लिए पार्षदों को संभालना मुश्किल नजर आ रहा है।
भाजपा कांग्रेस में गए पार्षदों के साथ-साथ उसके दूसरे पार्षदों पर भी डोरे डालने लगी है। भाजपा प्रयास कर रही है कि चुनाव से पहले उसके पास तीन से चार पार्षद आ जाएं, ताकि इन दोनों पदों के चुनाव में उसे किरकिरी का सामना न करना पड़े।
विज्ञापन
अभी क्या है स्थिति
वर्तमान में 21 पार्षदों की नगर निगम में महापौर कुलभूषण गोयल के अतिरिक्त इस समय भाजपा के 8, कांग्रेस के 10 और जननायक जनता पार्टी के दो पार्षद हैं। विधानसभा चुनाव से पहले नगर निगम में भाजपा के पास मेयर सहित 11 सदस्य थे, लेकिन विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के पक्ष में लहर चलती देख पार्षद सुनीत सिंगला, निर्दलीय पार्षद ओमवती पूनिया और परमजीत कौर कांग्रेस में शामिल हो गए थे। इसके बाद कांग्रेस पार्षदों की संख्या 7 से बढ़कर 10 हो गई। भाजपा बहुमत से नीचे आ गई। अब भाजपा कांग्रेस और जननायक जनता पार्टी के पार्षदों से संपर्क साधने में जुटी हुई है, ताकि उसे दोबारा से नगर निगम में बहुमत मिल जाए।
याचिका के बाद दोबारा प्रयास शुरू किया
कांग्रेस के पार्षद अक्षयदीप चौधरी ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर दी थी। इसके बाद हाईकोर्ट द्वारा 25 सितंबर 2024 तक चुनाव करवाने की निर्देश दिए गए थे, लेकिन नगर निगम अधिकारियों द्वारा चुनाव आचार संहिता का हवाला देकर इस चुनाव को 25 अक्टूबर तक टलवा लिया गया था। अब यह चुनाव टलने की संभावनाएं कम नजर आ रही है। इसलिए दोनों ही पार्टियां चुनाव को लेकर सक्रिय हो गई हैं।
विज्ञापन
पंचकूला। नगर निगम पंचकूला के सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव 4 नवंबर को होगा। पंचकूला के महापौर कुलभूषण गोयल ने नगर निगम के कमिश्नर को सुबह 11 बजे चुनाव कराने के लिए पत्र लिखा है। सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव तिथि घोषित होते ही पार्टियों में घमासान शुरू हो गया है। नगर निगम में अल्पमत में आई भाजपा की नैया कैसे होगी पार इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं। पौने चार साल बाद भी पंचकूला में सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव नहीं करवाया गया है।
इन दोनों पदों का चुनाव नगर निगम चुनाव समाप्त होने की अधिसूचना जारी होने की 60 दिन के भीतर करवाया जाना था, लेकिन करीब पौने चार साल का समय बीत चुका है, अब तक चुनाव नहीं करवाया गया है। इस चुनाव को लेकर कांग्रेस और भाजपा दोनों में ही घमासान की स्थिति है। विधानसभा चुनाव में भाजपा के दो पार्षद तोड़कर नगर निगम में कांग्रेस बहुमत में आ गई है। कांग्रेस को उम्मीद थी कि प्रदेश में उसकी सरकार बनेगी, तो आसानी से सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का पद वह जीत लेगी, लेकिन प्रदेश में एक बार फिर भाजपा सरकार बनने के बाद कांग्रेस के लिए पार्षदों को संभालना मुश्किल नजर आ रहा है।
विज्ञापन
भाजपा कांग्रेस में गए पार्षदों के साथ-साथ उसके दूसरे पार्षदों पर भी डोरे डालने लगी है। भाजपा प्रयास कर रही है कि चुनाव से पहले उसके पास तीन से चार पार्षद आ जाएं, ताकि इन दोनों पदों के चुनाव में उसे किरकिरी का सामना न करना पड़े।
विज्ञापन
अभी क्या है स्थिति
वर्तमान में 21 पार्षदों की नगर निगम में महापौर कुलभूषण गोयल के अतिरिक्त इस समय भाजपा के 8, कांग्रेस के 10 और जननायक जनता पार्टी के दो पार्षद हैं। विधानसभा चुनाव से पहले नगर निगम में भाजपा के पास मेयर सहित 11 सदस्य थे, लेकिन विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के पक्ष में लहर चलती देख पार्षद सुनीत सिंगला, निर्दलीय पार्षद ओमवती पूनिया और परमजीत कौर कांग्रेस में शामिल हो गए थे। इसके बाद कांग्रेस पार्षदों की संख्या 7 से बढ़कर 10 हो गई। भाजपा बहुमत से नीचे आ गई। अब भाजपा कांग्रेस और जननायक जनता पार्टी के पार्षदों से संपर्क साधने में जुटी हुई है, ताकि उसे दोबारा से नगर निगम में बहुमत मिल जाए।
याचिका के बाद दोबारा प्रयास शुरू किया
कांग्रेस के पार्षद अक्षयदीप चौधरी ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर दी थी। इसके बाद हाईकोर्ट द्वारा 25 सितंबर 2024 तक चुनाव करवाने की निर्देश दिए गए थे, लेकिन नगर निगम अधिकारियों द्वारा चुनाव आचार संहिता का हवाला देकर इस चुनाव को 25 अक्टूबर तक टलवा लिया गया था। अब यह चुनाव टलने की संभावनाएं कम नजर आ रही है। इसलिए दोनों ही पार्टियां चुनाव को लेकर सक्रिय हो गई हैं।