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कोरोना से जंग में कारपोरेट घराने साथ आये
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चंडीगढ़। हरियाणा में कोविड 19 वैश्विक महामारी के खिलाफ लड़ाई में राज्य सरकार के साथ कॉरपोरेट सेक्टर पूरी तरह तत्पर नजर आ रहा है। प्रदेश में स्थापित बहुराष्ट्रीय कंपनियों, बड़े व्यावसायिक व औद्योगिक समूहों ने कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) गतिविधियों के तहत राज्य सरकार का हाथ थाम लिया है। कॉरपोरेट कंपनियों ने स्वास्थ्य केंद्रों तक ऑक्सीजन पहुंचाना, कोविड केयर सेंटर व मेक शिफ्ट अस्पतालों का निर्माण, मरीजों के लिए वेंटीलेटर, ऑक्सीजन सिलिंडर व एंबुलेंस वाहन, चिकित्सकों व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के लिए पीपीई किट उपलब्ध करवाने, सैनिटाइजर, मास्क, दवाएं व अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध करवाते हुए प्रदेशवासियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की।
ऐसे ही एक प्रयास के तहत मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को गुरुग्राम के कॉरपोरेट सेक्टर से मिली मदद से हरियाणा सरकार न केवल अपने ध्येय वचन ‘सबका साथ-सबका विकास’ को साकार कर सकी, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने में सफल रही। सरकार का दावा है सीएसआर फंड के समन्वय के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल के बीते दो वर्षों में किए गए प्रयास भी आपदा के इस दौर में सफलता से फलीभूत नजर आए।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में सुधार से बढ़ी हरियाणा की लोकप्रियता:
हरियाणा सरकार के मुताबिक तीन सरकारी अस्पतालों में चार ऑक्सीजन उत्पादन प्लांटों का वर्चुअली उद्घाटन किया गया। मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के सहयोग से गुरुग्राम में सिविल अस्पताल सेक्टर 10 में एक टन और आधे टन क्षमता के दो प्लांट से 100 से 150 बेड पर ऑक्सीजन की सप्लाई हो सकेगी। वहीं ईएसआई अस्पताल सेक्टर 9 ए में एक टन क्षमता और ईएसआई अस्पताल सेक्टर 3 मानेसर में एक टन क्षमता के प्लांट लगाए गए हैं। वहीं रायथोन टेक्नॉलॉजी की मदद से हरियाणा को सीएसआर एडवाइजरी बोर्ड के माध्यम से चार ऑक्सीट्रक भी मिले हैं। जर्मनी से आयातित इन ऑक्सीट्रक्स का इस्तेमाल सेना दुर्गम व संकटग्रस्त क्षेत्रों में अपने जवानों के लिए इस्तेमाल करती है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के प्रयासों से ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के मामले में तेजी से बढ़ते हरियाणा की आज इंडस्ट्री फ्रेंडली नीति दुनिया भर में पॉपुलर साबित हो रही है। सीएसआर गतिविधियों में तत्परता इसी नीति का परिणाम है।
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सीएम की अध्यक्षता में गठित हुआ था बोर्ड:
मुख्यमंत्री कॉरपोरेट सेक्टर से मिली मदद से हरियाणा सरकार न केवल अपने ध्येय वचन सबका साथ-सबका विकास को साकार कर सकी, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने में सफल साबित हुई। सरकार के प्रवक्ता ने बताया सीएसआर. फंड के समन्वय के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल के बीते दो वर्षों में किए गए प्रयास भी आपदा के इस दौर में सफलता से फलीभूत नजर आए।
हिसार और पानीपत के अस्पतालों को मिली लाइव ऑक्सीजन सपोर्ट
कोविड-19 महामारी के दौरान एक समय ऐसा भी आया जब ऑक्सीजन की मांग तेजी से बढ़ने लगी थी। हरियाणा सरकार ने तत्परता दिखाते हुए हिसार और पानीपत में 500-500 बेड क्षमता के दो नए अस्थाई अस्पताल तैयार किए। इन अस्पतालों में ऑक्सीजन की आपूर्ति का तत्कालिक समाधान भी हिसार स्थित जिंदल इंडस्ट्री व पानीपत में इंडियन ऑयल रिफाइनरी से निकला। इन इकाइयों से दोनों अस्पतालों को लाइव ऑक्सीजन सपोर्ट दी गई।
इनसेट:
छह करोड़ 31 लाख की सहायता मिली: मनोहर
हरियाणा सरकार ने कोरोना महामारी से बचाव के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए हैं। कार्पोरेट जगत ने भी इस दौर में खुलकर सरकार का साथ दिया है। बीते वर्ष जी-एंटरटेनमेंट समूह ने कोरोना मरीजों के लिए 20 एंबुलेंस वाहन उपलब्ध कराए, वहीं मारुति उद्योग ने भी वेंटिंलेटर्स उपलब्ध करवाए हैं। यही नहीं सीएसआर एडवाइजरी बोर्ड के माध्यम से कॉरपोरेट सेक्टर से सरकार को छह करोड़ 31 लाख 38 हजार 698 रुपये की वित्तीय सहायता कोरोना से लड़ाई के लिए मिली।
-मनोहर लाल, मुख्यमंत्री
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ऐसे ही एक प्रयास के तहत मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को गुरुग्राम के कॉरपोरेट सेक्टर से मिली मदद से हरियाणा सरकार न केवल अपने ध्येय वचन ‘सबका साथ-सबका विकास’ को साकार कर सकी, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने में सफल रही। सरकार का दावा है सीएसआर फंड के समन्वय के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल के बीते दो वर्षों में किए गए प्रयास भी आपदा के इस दौर में सफलता से फलीभूत नजर आए।
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ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में सुधार से बढ़ी हरियाणा की लोकप्रियता:
हरियाणा सरकार के मुताबिक तीन सरकारी अस्पतालों में चार ऑक्सीजन उत्पादन प्लांटों का वर्चुअली उद्घाटन किया गया। मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के सहयोग से गुरुग्राम में सिविल अस्पताल सेक्टर 10 में एक टन और आधे टन क्षमता के दो प्लांट से 100 से 150 बेड पर ऑक्सीजन की सप्लाई हो सकेगी। वहीं ईएसआई अस्पताल सेक्टर 9 ए में एक टन क्षमता और ईएसआई अस्पताल सेक्टर 3 मानेसर में एक टन क्षमता के प्लांट लगाए गए हैं। वहीं रायथोन टेक्नॉलॉजी की मदद से हरियाणा को सीएसआर एडवाइजरी बोर्ड के माध्यम से चार ऑक्सीट्रक भी मिले हैं। जर्मनी से आयातित इन ऑक्सीट्रक्स का इस्तेमाल सेना दुर्गम व संकटग्रस्त क्षेत्रों में अपने जवानों के लिए इस्तेमाल करती है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के प्रयासों से ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के मामले में तेजी से बढ़ते हरियाणा की आज इंडस्ट्री फ्रेंडली नीति दुनिया भर में पॉपुलर साबित हो रही है। सीएसआर गतिविधियों में तत्परता इसी नीति का परिणाम है।
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सीएम की अध्यक्षता में गठित हुआ था बोर्ड:
मुख्यमंत्री कॉरपोरेट सेक्टर से मिली मदद से हरियाणा सरकार न केवल अपने ध्येय वचन सबका साथ-सबका विकास को साकार कर सकी, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने में सफल साबित हुई। सरकार के प्रवक्ता ने बताया सीएसआर. फंड के समन्वय के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल के बीते दो वर्षों में किए गए प्रयास भी आपदा के इस दौर में सफलता से फलीभूत नजर आए।
हिसार और पानीपत के अस्पतालों को मिली लाइव ऑक्सीजन सपोर्ट
कोविड-19 महामारी के दौरान एक समय ऐसा भी आया जब ऑक्सीजन की मांग तेजी से बढ़ने लगी थी। हरियाणा सरकार ने तत्परता दिखाते हुए हिसार और पानीपत में 500-500 बेड क्षमता के दो नए अस्थाई अस्पताल तैयार किए। इन अस्पतालों में ऑक्सीजन की आपूर्ति का तत्कालिक समाधान भी हिसार स्थित जिंदल इंडस्ट्री व पानीपत में इंडियन ऑयल रिफाइनरी से निकला। इन इकाइयों से दोनों अस्पतालों को लाइव ऑक्सीजन सपोर्ट दी गई।
इनसेट:
छह करोड़ 31 लाख की सहायता मिली: मनोहर
हरियाणा सरकार ने कोरोना महामारी से बचाव के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए हैं। कार्पोरेट जगत ने भी इस दौर में खुलकर सरकार का साथ दिया है। बीते वर्ष जी-एंटरटेनमेंट समूह ने कोरोना मरीजों के लिए 20 एंबुलेंस वाहन उपलब्ध कराए, वहीं मारुति उद्योग ने भी वेंटिंलेटर्स उपलब्ध करवाए हैं। यही नहीं सीएसआर एडवाइजरी बोर्ड के माध्यम से कॉरपोरेट सेक्टर से सरकार को छह करोड़ 31 लाख 38 हजार 698 रुपये की वित्तीय सहायता कोरोना से लड़ाई के लिए मिली।
-मनोहर लाल, मुख्यमंत्री