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आंदोलनकारी किसानों के कारण पंजाब के गांवों में फैल रहा कोरोना : तृप्त बाजवा
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चंडीगढ़। पंजाब के ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा ने राज्य के ग्रामीण इलाकों में कोरोना के बढ़ते मामलों के लिए सिंघु बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों को जिम्मेदार ठहराया है। बाजवा का कहना है कि सिंघु बॉर्डर से पंजाब लौटने वाले किसानों के कारण ही प्रदेश के गांवों में कोरोना पांव फैलाने लगा है। उन्होंने पंजाब लौटने वाले आंदोलनकारी किसानों की प्रदेश में प्रवेश से पहले कोविड जांच कराने की भी मांग की है।
तृप्त बाजवा ने कहा कि सिंघु बॉर्डर और टीकरी बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसान जब भी पंजाब लौटते हैं, वे पहले अपना टेस्ट कराएं और जब तक टेस्ट की रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक खुद को एकांतवास में रखें। किसानों के पंजाब लौटने के बाद सबसे पहला खतरा उनके परिजनों को ही हो जाता है, जिससे बचने के लिए जरूरी है कि किसान अपना टेस्ट कराएं और अपने साथ-साथ अपने परिवार को भी सुरक्षित करें। बाजवा ने कहा कि पंजाब के किसान समझदार हैं और हालात को अच्छी तरह समझते हैं। वे इस बात को भी गंभीरता से लेंगे।
तृप्त बाजवा का कहना है कि दिल्ली के बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसान बारी-बारी से अपने गांवों में लौटकर खेती व परिवार के कामकाज देखते हैं और फिर वापस दिल्ली बॉर्डर पर लौट जाते हैं। लंबे समय से आंदोलनकारी किसान इसी तरीके से आंदोलन को चला रहे हैं। हालांकि उन्होंने इस बात से इनकार किया कि गांवों में कोरोना फैलने की मुख्य वजह आंदोलनकारी किसान हैं।
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तृप्त बाजवा ने कहा कि सिंघु बॉर्डर और टीकरी बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसान जब भी पंजाब लौटते हैं, वे पहले अपना टेस्ट कराएं और जब तक टेस्ट की रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक खुद को एकांतवास में रखें। किसानों के पंजाब लौटने के बाद सबसे पहला खतरा उनके परिजनों को ही हो जाता है, जिससे बचने के लिए जरूरी है कि किसान अपना टेस्ट कराएं और अपने साथ-साथ अपने परिवार को भी सुरक्षित करें। बाजवा ने कहा कि पंजाब के किसान समझदार हैं और हालात को अच्छी तरह समझते हैं। वे इस बात को भी गंभीरता से लेंगे।
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तृप्त बाजवा का कहना है कि दिल्ली के बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसान बारी-बारी से अपने गांवों में लौटकर खेती व परिवार के कामकाज देखते हैं और फिर वापस दिल्ली बॉर्डर पर लौट जाते हैं। लंबे समय से आंदोलनकारी किसान इसी तरीके से आंदोलन को चला रहे हैं। हालांकि उन्होंने इस बात से इनकार किया कि गांवों में कोरोना फैलने की मुख्य वजह आंदोलनकारी किसान हैं।
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