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Panchkula News: सेक्टर-7 में दूषित पानी की सप्लाई, 9 में से 8 सैंपल में मिले खतरनाक बैक्टीरिया

Fri, 26 Jun 2026 01:54 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 26 Jun 2026 01:54 AM IST
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Contaminated water supply in Sector 7; dangerous bacteria found in 8 out of 9 samples
निजी लैब रिपोर्ट में ई-कोलाई और टोटल कोलीफॉर्म की पुष्टि, मानसून से पहले बढ़ी लोगों की चिंता
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सेक्टर-7 के 9 घरों से लिए गए नमूनों में से 8 के सैंपल फेल, रेजिडेंट्स ने नगर निगम से जलापूर्ति लाइनों की तत्काल जांच की मांग की
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। मानसून की दस्तक से पहले सेक्टर-7 में दूषित पेयजल आपूर्ति का मामला सामने आने से लोगों में चिंता बढ़ गई है। निजी लैब में जांच के लिए भेजे गए 9 घरों के पानी के नमूनों में से 8 में ई-कोलाई और टोटल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया पाए गए हैं। रिपोर्ट सामने आने के बाद निवासियों ने जलापूर्ति व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए नगर निगम से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
सेक्टर-7 के निवासियों ने बताया कि पेयजल की गुणवत्ता को लेकर संदेह होने पर विभिन्न घरों से नमूने एकत्र कर निजी लैब में जांच कराई गई थी। जांच रिपोर्ट में अधिकांश नमूनों में ई-कोलाई और टोटल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया की मौजूदगी पाई गई, जो गंभीर स्वास्थ्य जोखिम का संकेत है।
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प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
रेजिडेंट्स का कहना है कि रिपोर्ट सामने आने के बाद नगर निगम और संबंधित विभागों को तत्काल जलापूर्ति लाइनों की जांच कर सुधारात्मक कदम उठाने चाहिए। पानी के नमूनों की जांच करवाने वाले गुरप्रीत सिंह ने बताया कि रिपोर्ट में दूषित पानी की पुष्टि हुई है और इसे गंभीरता से लेने की जरूरत है। निवासियों ने आरडब्ल्यूए से भी इस मुद्दे को प्राथमिकता के आधार पर उठाने की मांग की है, ताकि लोगों को सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।
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गरीब परिवारों और बच्चों पर ज्यादा खतरा
सेक्टर-16 निवासी सुभाष ओपनेजा ने कहा कि यह केवल सेक्टर-7 का नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से सक्षम परिवार तो आरओ सिस्टम के जरिए पानी को शुद्ध कर सकते हैं, लेकिन बड़ी आबादी, विशेषकर दिहाड़ी मजदूर और निम्न आय वर्ग के लोग सीधे नल का पानी पीने को मजबूर हैं। निवासियों ने बताया कि पूर्व में भी दूषित पानी के कारण कई लोग बीमार हो चुके हैं। ऐसे में मानसून के दौरान जलजनित बीमारियों के फैलने की आशंका और बढ़ गई है। लोगों ने प्रशासन से जलापूर्ति व्यवस्था की व्यापक जांच कर दोष दूर करने और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने की मांग की है।
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