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पुराने मोबाइल को एक महीने बाद नया बताकर बेचा, लौटाने होंगे 33 हजार
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पंचकूला। डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर डिस्पयूट्स रिड्रेसल फोरम, पंचकूला ने एक ऐसे मामले में फैसला सुनाया है, जिसमें मोबाइल शॉप के एक डीलर ने महिला कस्टमर को एक महीने पुराने मोबाइल को नया बताकर रसीद पर आईएमईआई नंबर लिखे बिना उसे बेच दिया। कस्टमर को एक वर्ष की वारंटी भी दी गई थी। इसका पता उस समय लगा जब महिला कस्टमर डॉ. श्रुति सम्याल के पति ले. कर्नल विक्रमजीत सिंह परमार बैटरी चार्जिंग की समस्या पर 13 अप्रैल 2018 को चंडीगढ़ अथॉराइज्ड सर्विस सेंटर सुपर टेक इंजि. पहुंचे।
फोरम ने फैसला सुनाया कि विरोधी पक्ष को कस्टमर को 33,210 रुपये नौ प्रतिशत ब्याज समेत लौटाने होंगे। साथ ही शिकायतकर्ता को परेशानी और मुकदमा खर्च के पांच-पांच हजार रुपये भी दिए जाएं। फोरम ने मामले के पांचों विरोधियों को पचास-पचास प्रतिशत अमांउट रिफंड करने के आदेश दिए हैं।
सर्विस सेंटर के कर्मचारियों ने उन्हें मोबाइल से संबंधित रिकॉर्ड की जांच के बाद मोबाइल की गारंटी-वारंटी एक महीने पहले ही समाप्त होने की जानकारी दी। लेकिन ले. कर्नल ने स्टाफ को बताया कि उनके मोबाइल की गारंटी-वारंटी एक वर्ष की समयावधि के तहत 23 अप्रैल 2017 से 22 अप्रैल 2018 तक है। लेकिन सर्विस सेंटर से उन्हें पता लगा कि मोबाइल बताई गई तारीख से एक महीने पहले 30 मार्च 2017 से इस्तेमाल में है। इस हिसाब से गारंटी-वारंटी की समयावधि 30 मार्च 2018 को समाप्त हो चुकी है। जबकि शिकायतकर्ता 13 अप्रैल 2018 को सर्विस सेंटर पहुंचे थे। इसके बाद डॉ. श्रुति सम्याल ने डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर डिस्पयूट्स रिड्रेसल फोरम, पंचकूला में केस फाइल किया था। उन्होंने सेक्टर-11 स्थित एससीओ नंबर-28 के मोबाइल मैजिक, एससीओ के ही नितेश गर्ग, दीपक, नवीन गर्ग समेत चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया के उक्त प्लॉट नंबर 182,34 स्थित सुपर टेक इंजि. सेमसंग कस्टमर सर्विस को आरोपी बनाया।
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संचालकों ने फोरम को बताया कि उन्होंने सील्ड पैक डिब्बे में मोबाइल बेचा था। मोबाइल खरीदने के समय सील को शिकायतकर्ता ने चेक भी किया था। यदि फिर भी मोबाइल में कोई समस्या थी तो वह कंपनी की जिम्मेदारी है। विरोधी पक्ष ने उनके पार्ट पर चूक नहीं होने पर फोरम से केस को खारिज करने की मांग की थी। फोरम द्वारा मामले के पांचवें विरोधी को भी रजिस्टर्ड पोस्ट द्वारा नोटिस भेजा गया था। लेकिन उनकी तरफ से फोरम के समक्ष किसी के पेश नहीं होने पर उसे एक्स-पार्टी घोषित किया गया।
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फोरम ने फैसला सुनाया कि विरोधी पक्ष को कस्टमर को 33,210 रुपये नौ प्रतिशत ब्याज समेत लौटाने होंगे। साथ ही शिकायतकर्ता को परेशानी और मुकदमा खर्च के पांच-पांच हजार रुपये भी दिए जाएं। फोरम ने मामले के पांचों विरोधियों को पचास-पचास प्रतिशत अमांउट रिफंड करने के आदेश दिए हैं।
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सर्विस सेंटर के कर्मचारियों ने उन्हें मोबाइल से संबंधित रिकॉर्ड की जांच के बाद मोबाइल की गारंटी-वारंटी एक महीने पहले ही समाप्त होने की जानकारी दी। लेकिन ले. कर्नल ने स्टाफ को बताया कि उनके मोबाइल की गारंटी-वारंटी एक वर्ष की समयावधि के तहत 23 अप्रैल 2017 से 22 अप्रैल 2018 तक है। लेकिन सर्विस सेंटर से उन्हें पता लगा कि मोबाइल बताई गई तारीख से एक महीने पहले 30 मार्च 2017 से इस्तेमाल में है। इस हिसाब से गारंटी-वारंटी की समयावधि 30 मार्च 2018 को समाप्त हो चुकी है। जबकि शिकायतकर्ता 13 अप्रैल 2018 को सर्विस सेंटर पहुंचे थे। इसके बाद डॉ. श्रुति सम्याल ने डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर डिस्पयूट्स रिड्रेसल फोरम, पंचकूला में केस फाइल किया था। उन्होंने सेक्टर-11 स्थित एससीओ नंबर-28 के मोबाइल मैजिक, एससीओ के ही नितेश गर्ग, दीपक, नवीन गर्ग समेत चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया के उक्त प्लॉट नंबर 182,34 स्थित सुपर टेक इंजि. सेमसंग कस्टमर सर्विस को आरोपी बनाया।
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संचालकों ने फोरम को बताया कि उन्होंने सील्ड पैक डिब्बे में मोबाइल बेचा था। मोबाइल खरीदने के समय सील को शिकायतकर्ता ने चेक भी किया था। यदि फिर भी मोबाइल में कोई समस्या थी तो वह कंपनी की जिम्मेदारी है। विरोधी पक्ष ने उनके पार्ट पर चूक नहीं होने पर फोरम से केस को खारिज करने की मांग की थी। फोरम द्वारा मामले के पांचवें विरोधी को भी रजिस्टर्ड पोस्ट द्वारा नोटिस भेजा गया था। लेकिन उनकी तरफ से फोरम के समक्ष किसी के पेश नहीं होने पर उसे एक्स-पार्टी घोषित किया गया।