फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   Congress reached Raj Bhavan against lathi charge and land acquisition law

हरियाणा : भूमि अधिग्रहण कानून में संशोधन, लाठीचार्ज के खिलाफ राजभवन पहुंची कांग्रेस

Wed, 01 Sep 2021 02:35 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Wed, 01 Sep 2021 02:35 AM IST
विज्ञापन
Congress reached Raj Bhavan against lathi charge and land acquisition law
पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा एवं अन्य कांग्रेसी एमएलए राज्यपाल को ज्ञापन देकर बाहर आते। फो?
चंडीगढ़। करनाल में किसानों पर हुए लाठीचार्ज पर विपक्षी अब सरकार को घेरने की तैयारी में हैं। राकेश टिकैत समेत संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने भी सरकार को चेतावनी दी है। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने मंगलवार राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय से मिले। उन्होंने किसानों पर लाठीचार्ज के मुद्दे और भूमि अधिग्रहण विधेयक पर ज्ञापन सौंपा। हुड्डा ने कहा, किसानों पर लाठीचार्ज गहन सोच और योजना के तहत हुआ। इसमें एक अधिकारी का वीडियो भी वायरल है, जिसमें वह किसानों का सिर फोड़ने की बात कह रहा है। राज्यपाल को अधिकारी की वीडियो भी सौंपी गई है। राज्यपाल से उच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश या सेवानिवृत्त न्यायाधीश से न्यायिक जांच की मांग की है ताकि घायल किसानों को पूर्ण न्याय मिल सके।
विज्ञापन

इसके साथ ही राज्यपाल से अनुरोध किया कि वे मॉनसून सत्र में पास किए गए नए भूमि अधिग्रहण विधेयक पर अपनी सहमति न दें। इसे संविधान के अनुच्छेद 200 के तहत पुनर्विचार के लिए हरियाणा विधानसभा को वापस भेजा जाए। यह विधेयक किसान, गरीब विरोधी और अप्रजातांत्रिक है। विधेयक को सदन में बिना विस्तृत चर्चा के जल्दबाजी में पारित किया गया है।
विज्ञापन

भूमि अधिग्रहण विधेयक किसान विरोधी और अप्रजातांत्रिक : हुड्डा
हुड्डा ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि नया विधेयक केंद्रीय प्रधान अधिनियम 2013 के इरादे और भावनाओं के विरुद्ध है। विधेयक उन किसानों के हितों और भावनाओं को आहत करेगा जो पहले से ही कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले 9 महीने से आंदोलनरत हैं। नए विधेयक के जरिये पुराने भूमि अधिग्रहण कानून के किसानों की सहमति, सेक्शन-4 व सेक्शन-6 के नोटिस की प्रक्रिया और जमीन के बदले मुआवजे के साथ रिहायशी प्लॉट देने जैसे तमाम प्रावधानों को समाप्त कर दिया गया है। इतना ही नहीं, पुराने कानून के तहत पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के अंदर सरकारी प्राधिकरण के लिए 75 प्रतिशत जमीन धारकों की सहमति जरूरी थी और एक्ट की धारा-10 के मुताबिक उपजाऊ जमीन का अधिग्रहण नहीं किया जा सकता था। नए कानून में इसको समाप्त कर दिया गया है। स्पष्ट है कि यह संशोधन किसानों के खिलाफ और पूंजीपतियों के हक में है। कानून का मकसद किसान की जमीन बिना उसकी सहमति के छीनना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

भाजपा सरकार का अब तक कार्यकाल विफलताओं से भरा
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार का 2500 दिनों का कार्यकाल विफलताओं भरा है। न कोई नई रेलवे लाइन, न मेट्रो ट्रेन लाइन, न कोई एम्स न नई यूनिवर्सिटी, पावर प्लांट, राष्ट्रीय स्तर का संस्थान आया और न ही कोई बड़ा उद्योग स्थापित हुआ। इस सरकार ने हरियाणा को बेरोजगारी, अपराध, नशे, घोटाले, किसान आंदोलन और प्रदूषण में नंबर वन बनाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed