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प्रदर्शन कर रहे कांग्रेसियों की पुलिस से झड़प, बंसल व छाबड़ा समेत कई हिरासत में
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भाजपा के खिलाफ सेक्टर-34 में प्रदर्शन करते चंडीगढ़ कांग्रेस के कार्यकर्ता।
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चंडीगढ़। सोनभद्र में हुए नरसंहार में पीड़ितों के परिजनों से संवेदना व्यक्त करने पहुंचीं राष्ट्रीय कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को रास्ते में रोकने और उन्हें अनैतिक तरीके से हिरासत में लेकर पीड़ित परिजनों से न मिलने देने के विरोध में शनिवार को चंडीगढ़ में भी कांग्रेसी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा और पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन बंसल सैकड़ों कार्यकर्ता के साथ कांग्रेस भवन सेक्टर-35 से बीजेपी ऑफिस का घेराव करने के लिए आगे बढ़े तो सेक्टर-34 में पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। पुलिस ने बैरिकेड्स लगा रखे थे। यहां पुलिस के साथ प्रदीप छाबड़ा, पवन बंसल व कार्यकर्ताओं की झड़प हो गई ओर खूब धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने बल का प्रयोग किया। स्थिति को बिगड़ता देखकर पुलिस ने सभी नेताओं व कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर सेक्टर-34 में थाने में नजरबंद कर दिया।
प्रदीप छाबड़ा ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि प्रियंका गांधी को सोनभद्र नरसंहार के पीड़ित परिजनों से मिलने क्यों नही दिया जा रहा। नरसंहार का दंश झेल रहे गरीब आदिवासियों से मिलने, उनकी व्यथा जानने का हक जनता के सेवक का धर्म भी है और नैतिक अधिकार भी, तो फिर किस कानून के अंतर्गत प्रियंका गांधी को सोनभद्र जाने से रोका गया और हिरासत में लिया गया। यह अलोकतांत्रिक है। योगी आदित्यनाथ के सिर पर सत्ता का नशा सर चढ़ कर बोल रहा है। उनकी सरकार अब तानाशाही पर उतर आई है, जिसे कांग्रेस पार्टी हरगिज बर्दाश्त नहीं करेगी। कहा कि हम धन्यवाद करते हैं प्रियंका गांधी का जिन्होंने अडिग रहकर पीड़ित परिजनों को मिले बिना वहां से नहीं लौटने का फैसला लिया और कामयाब भी हुईं। यूपी की योगी सरकार गरीब आदिवासियों की जमीनों को भूमाफिया के साथ मिलकर हड़प रही है, जिसका कांग्रेस डट कर विरोध करती है। प्रदर्शन में मौजूद वरिष्ठ नेताओं में डीडी जिंदल, दविंदर सिंह बबला, भूपिंदर सिंह बढ़ेरी, हरफूल चंद्र कल्याण, मोहम्मद सादिकशिलाफूल सिंह, गुरबख्श रावत, सतीश कैंथ, कमलेश बनारसी दास, गुरप्रीत सिंह गाबी, हरमेल केसरी, यादविंदर मेहता, धर्मवीर, जगजीत कंग, अनिता शर्मा, दीपा दुबे, भजन कोर, प्रेमलता, सतीश मचल, संजय भजनी, मनु दुबे, जतिंदर धामी, राज नागपाल, हरजिंदर बावा, अमनदीप सिंह, नरिंदर सिंह, मंजीत सिंह चौहान, संजीव गाबा, जेड पी खान, हीरालाल कुंद्रा, ममता, राणो, बरिन्द्र रावत, धर्मवीर सिसोदिया, प्रेमपाल चौहान, रवि ठाकुर, जतिंदर यादव, ज्योति, मीनू, राकेश बरोटिया, चंदा, ओमकला यादव, ओमवती, पूनम वर्मा आदि रहे। हिरासत में लिए गए नेताओं और कार्यकर्ताओं को बाद में छोड़ दिया गया।
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प्रदीप छाबड़ा ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि प्रियंका गांधी को सोनभद्र नरसंहार के पीड़ित परिजनों से मिलने क्यों नही दिया जा रहा। नरसंहार का दंश झेल रहे गरीब आदिवासियों से मिलने, उनकी व्यथा जानने का हक जनता के सेवक का धर्म भी है और नैतिक अधिकार भी, तो फिर किस कानून के अंतर्गत प्रियंका गांधी को सोनभद्र जाने से रोका गया और हिरासत में लिया गया। यह अलोकतांत्रिक है। योगी आदित्यनाथ के सिर पर सत्ता का नशा सर चढ़ कर बोल रहा है। उनकी सरकार अब तानाशाही पर उतर आई है, जिसे कांग्रेस पार्टी हरगिज बर्दाश्त नहीं करेगी। कहा कि हम धन्यवाद करते हैं प्रियंका गांधी का जिन्होंने अडिग रहकर पीड़ित परिजनों को मिले बिना वहां से नहीं लौटने का फैसला लिया और कामयाब भी हुईं। यूपी की योगी सरकार गरीब आदिवासियों की जमीनों को भूमाफिया के साथ मिलकर हड़प रही है, जिसका कांग्रेस डट कर विरोध करती है। प्रदर्शन में मौजूद वरिष्ठ नेताओं में डीडी जिंदल, दविंदर सिंह बबला, भूपिंदर सिंह बढ़ेरी, हरफूल चंद्र कल्याण, मोहम्मद सादिकशिलाफूल सिंह, गुरबख्श रावत, सतीश कैंथ, कमलेश बनारसी दास, गुरप्रीत सिंह गाबी, हरमेल केसरी, यादविंदर मेहता, धर्मवीर, जगजीत कंग, अनिता शर्मा, दीपा दुबे, भजन कोर, प्रेमलता, सतीश मचल, संजय भजनी, मनु दुबे, जतिंदर धामी, राज नागपाल, हरजिंदर बावा, अमनदीप सिंह, नरिंदर सिंह, मंजीत सिंह चौहान, संजीव गाबा, जेड पी खान, हीरालाल कुंद्रा, ममता, राणो, बरिन्द्र रावत, धर्मवीर सिसोदिया, प्रेमपाल चौहान, रवि ठाकुर, जतिंदर यादव, ज्योति, मीनू, राकेश बरोटिया, चंदा, ओमकला यादव, ओमवती, पूनम वर्मा आदि रहे। हिरासत में लिए गए नेताओं और कार्यकर्ताओं को बाद में छोड़ दिया गया।
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