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चंडीगढ़ः नगर निगम की बैठक में भिड़ गए कमिश्नर और अरुण सूद, पानी के प्रस्तावित रेट बने मुद्दे
Wed, 26 Feb 2020 12:35 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Wed, 26 Feb 2020 12:35 PM IST
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नगर निगम चंडीगढ़ की बैठक
- फोटो : अमर उजाला
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चंडीगढ़ नगर निगम सदन की बैठक में मंगलवार को जबरदस्त ड्रामा हुआ। रात 9 बजे तक चली बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पानी के रेट कम करने का एजेंडा लेकर आए। कमिश्नर केके यादव ने कहा कि पानी के रेट बढ़ाने का एजेंडा सदन ने पास किया है। अब अचानक रेट घटाने का एजेंडा लेकर क्यों आ रहे हैं, इसका कारण बताएं। बस इसी बात पर मामला इतना बढ़ गया कि मेयर राजबाला मलिक को हाथ जोड़कर दोनों को शांत कराना पड़ा।
सदन की बैठक में भाजपा पार्षद एक टेबल एजेंडा लेकर आए। शक्ति प्रकाश देवशाली ने पानी की दरों को पढ़कर बताया। तभी कमिश्नर ने पूछा कि अपने ही एजेंडों को फिर से सदन में लाने का कारण बताइए। अब गवर्नर की ओर से ड्राफ्ट नोटिफिकेशन हो चुका है। भाजपा पार्षद गुरप्रीत सिंह ने कहा कि कई लोग प्रदेश अध्यक्ष से अपनी समस्याएं लेकर आ रहे हैं।
कमिश्नर ने कहा कि ड्राफ्ट नोटिफिकेशन के बाद 200 लोगों ने आपत्तियां दी थीं, उसे प्रशासक वीपी सिंह बदनौर को दे दिया गया है। इस पर गुरप्रीत सिंह ने कहा कि अरुण सूद भी जनप्रतिनिधि हैं। कमिश्नर ने कहा कि क्या प्रशासक से बड़े हो गए हैं पार्टी अध्यक्ष। इस पर मामला काफी तूल पकड़ गया। मेयर ने दोनों से हाथ जोड़कर शांत होने को कहा, इसके बावजूद दोनों एक-दूसरे से बहस करते रहे। अंत में एजेंडा पास कर नए पानी के रेट का एजेंडा पास कर दिया।
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सदन की बैठक में भाजपा पार्षद एक टेबल एजेंडा लेकर आए। शक्ति प्रकाश देवशाली ने पानी की दरों को पढ़कर बताया। तभी कमिश्नर ने पूछा कि अपने ही एजेंडों को फिर से सदन में लाने का कारण बताइए। अब गवर्नर की ओर से ड्राफ्ट नोटिफिकेशन हो चुका है। भाजपा पार्षद गुरप्रीत सिंह ने कहा कि कई लोग प्रदेश अध्यक्ष से अपनी समस्याएं लेकर आ रहे हैं।
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कमिश्नर ने कहा कि ड्राफ्ट नोटिफिकेशन के बाद 200 लोगों ने आपत्तियां दी थीं, उसे प्रशासक वीपी सिंह बदनौर को दे दिया गया है। इस पर गुरप्रीत सिंह ने कहा कि अरुण सूद भी जनप्रतिनिधि हैं। कमिश्नर ने कहा कि क्या प्रशासक से बड़े हो गए हैं पार्टी अध्यक्ष। इस पर मामला काफी तूल पकड़ गया। मेयर ने दोनों से हाथ जोड़कर शांत होने को कहा, इसके बावजूद दोनों एक-दूसरे से बहस करते रहे। अंत में एजेंडा पास कर नए पानी के रेट का एजेंडा पास कर दिया।
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मेरे पास केवल दो माह की सैलरी के रुपये
एजेंडा पास होने के बाद कमिश्नर ने अपनी नोटिंग में लिखवाया कि निगम लगातार घाटे में है। पानी सप्लाई में पिछले छह साल में निगम को 82 करोड़ का घाटा हो गया है। पार्षदों ने विपक्ष केविरोध के बावजूद पहले एजेंडा पास कराया, अब फिर से नए रेट का एजेंडा लाए हैं, जो बिल्कुल गलत है। इस पर अरुण सूद ने कहा कि कमिश्नर ने प्रदेश अध्यक्ष पदा का अपमान किया है, इसलिए मेरी ओर से भी नोटिंग हो।
कृपया मेरा नाम कार्ड पर न छापें : रविकांत शर्मा
सदन की बैठक में भाजपा की गुटबाजी एक बार फिर सामने आई। जब सीनियर डिप्टी मेयर रविकांत शर्मा ने कहा कि रोज फेस्टिवल के लिए किसी भी बैठक में मुझे नहीं बुलाया गया, जबकि कार्यक्रम मेरे वार्ड में हो रहा है। मेरा नाम कार्ड पर न छापा जाए। वहीं, आशा जसवाल भी मेयर राजबाला मलिक से नाराज दिखीं।
सदन में रोज फेस्टिवल का जिक्र हुआ तो सीनियर डिप्टी मेयर ने कहा कि पिछली बैठक में तय हुआ था कि सभी पार्षद प्रायोजक लेकर आएंगे। अधिकारियों ने किसी पार्षद से चर्चा तक नहीं की। आशा जसवाल अपने क्षेत्र की समस्या बता रहीं थीं, तभी चाय टाइम हो गया। इस पर आशा जसवाल नाराज हो गईं। वहीं, मेयर ने नाराजगी जताते हुए कहा कि चाय टाइम हो गया इसलिए गए, नहीं तो सबकी बातें सुनते हैं।
अपने ही एजेंडे को लेकर पार्षद फिर से सदन में आ रहे हैं। कारण पूछने पर पार्टी विरोधी बता रहे हैं। निगम और शहरवासियों के प्रति मेरी भी जिम्मेदारी है, इसलिए मुझे इस एजेंडे से एतराज था।
- केकेयादव, कमिश्नर नगर निगम
कमिश्नर कह रहे हैं, क्या प्रदेश अध्यक्ष प्रशासक से बड़े हो गए हैं। लोग हमारे पास आते हैं। हमें उनकी समस्याओं को सुनना होता है। कोई एजेंडा पास हुआ तो उसे संशोधित करना भी हमारा काम है।
- अरुण सूद, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष
कृपया मेरा नाम कार्ड पर न छापें : रविकांत शर्मा
सदन की बैठक में भाजपा की गुटबाजी एक बार फिर सामने आई। जब सीनियर डिप्टी मेयर रविकांत शर्मा ने कहा कि रोज फेस्टिवल के लिए किसी भी बैठक में मुझे नहीं बुलाया गया, जबकि कार्यक्रम मेरे वार्ड में हो रहा है। मेरा नाम कार्ड पर न छापा जाए। वहीं, आशा जसवाल भी मेयर राजबाला मलिक से नाराज दिखीं।
सदन में रोज फेस्टिवल का जिक्र हुआ तो सीनियर डिप्टी मेयर ने कहा कि पिछली बैठक में तय हुआ था कि सभी पार्षद प्रायोजक लेकर आएंगे। अधिकारियों ने किसी पार्षद से चर्चा तक नहीं की। आशा जसवाल अपने क्षेत्र की समस्या बता रहीं थीं, तभी चाय टाइम हो गया। इस पर आशा जसवाल नाराज हो गईं। वहीं, मेयर ने नाराजगी जताते हुए कहा कि चाय टाइम हो गया इसलिए गए, नहीं तो सबकी बातें सुनते हैं।
अपने ही एजेंडे को लेकर पार्षद फिर से सदन में आ रहे हैं। कारण पूछने पर पार्टी विरोधी बता रहे हैं। निगम और शहरवासियों के प्रति मेरी भी जिम्मेदारी है, इसलिए मुझे इस एजेंडे से एतराज था।
- केकेयादव, कमिश्नर नगर निगम
कमिश्नर कह रहे हैं, क्या प्रदेश अध्यक्ष प्रशासक से बड़े हो गए हैं। लोग हमारे पास आते हैं। हमें उनकी समस्याओं को सुनना होता है। कोई एजेंडा पास हुआ तो उसे संशोधित करना भी हमारा काम है।
- अरुण सूद, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष
प्रस्तावित पानी के रेट
0-15 केएल तक तीन रुपये
16-30 केएल छह रुपये
31-60 केएल नौ रुपये
60 केएल से अधिक 25 रुपये
शिक्षण संस्थान और होटल्स 12 रुपये 25 रुपये प्रति केएल
हॉस्पिटल, क्लीनिक 12 रुपये 25 रुपये प्रति केएल
पीजीआई 12 रुपये प्रति केएल 25 रुपये प्रति केएल
कम्युनिटी सेंटर/क्लबस 12 रुपये 25 रुपये प्रति केएल
धोबी घाट, कोचिंग सेंटर 12 रुपये 25 रुपये प्रति केएल
सरकारी-अर्द्ध सरकारी कार्यालय 14 रुपये 25 रुपये प्रति केएल
लॉन की सिंचाई 25 रुपये प्रति केएल
नोट- पानी के रेट प्रति 3 साल में 10 प्रतिशत बढ़े
हमने पहले ही विरोध किया था। यह जनविरोधी एजेंडा पास किया गया था। अब भाजपा को अपनी गलती का अहसास हुआ तो नया एजेंडा ले आए। आज जो सदन में हुआ, वह गलत है।
- देवेंदर सिंह बबला, कांग्रेस पार्षद
16-30 केएल छह रुपये
31-60 केएल नौ रुपये
60 केएल से अधिक 25 रुपये
शिक्षण संस्थान और होटल्स 12 रुपये 25 रुपये प्रति केएल
हॉस्पिटल, क्लीनिक 12 रुपये 25 रुपये प्रति केएल
पीजीआई 12 रुपये प्रति केएल 25 रुपये प्रति केएल
कम्युनिटी सेंटर/क्लबस 12 रुपये 25 रुपये प्रति केएल
धोबी घाट, कोचिंग सेंटर 12 रुपये 25 रुपये प्रति केएल
सरकारी-अर्द्ध सरकारी कार्यालय 14 रुपये 25 रुपये प्रति केएल
लॉन की सिंचाई 25 रुपये प्रति केएल
नोट- पानी के रेट प्रति 3 साल में 10 प्रतिशत बढ़े
हमने पहले ही विरोध किया था। यह जनविरोधी एजेंडा पास किया गया था। अब भाजपा को अपनी गलती का अहसास हुआ तो नया एजेंडा ले आए। आज जो सदन में हुआ, वह गलत है।
- देवेंदर सिंह बबला, कांग्रेस पार्षद