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Panchkula News: ढाई साल से कागजों में ही उड़ान भर रहा सीएम का पैराग्लाइडिंग प्रोजेक्ट

Mon, 15 Apr 2024 03:58 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 15 Apr 2024 03:58 AM IST
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CM's paragliding project has been flying only on paper for two and a half years
माई सिटी रिपोर्टर
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पंचकूला। मोरनी के प्राकृतिक सौंदर्य और वाटर स्पोर्ट्स एंड एक्टिविटी का आनंद लेने के लिए 100 खतरनाक मोड़ों को पार कर पर्यटक टिक्कर ताल पहुंचते हैं। यहां पैराग्लाइडिंग की आस लेकर आने वाले पर्यटक मायूस हो जाते हैंं, क्योंकि ढाई साल बाद भी सीएम का पैराग्लाइडिंग का प्रोजेक्ट कागजों में ही उड़ान भर रहा है। इस प्रोजेक्ट के धरातल पर आने का कोई उम्मीद नहीं है।
हालांकि तत्कालीन मुख्यमंत्री ने 20 जून 2021 को शुभारंभ पर यह स्पष्ट कर दिया था कि पैराग्लाइडिंग शुरू होने में कागजी प्रक्रिया और अन्य नियमों को पूरा करने में दो-तीन माह का समय लग सकता है, लेकिन यह आज तक शुरू नहीं हो पाया है। सैलानी इन गतिविधियों के शुरू होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
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बता दें कि ट्राईसिटी के लोगों को वर्तमान में पैराग्लाइडिंग के लिए हिमाचल प्रदेश के मनाली जाना पड़ता है। मनाली में सोलंग वैली और मढ़ी दोनों ही फेमस पैराग्लाइडिंग स्पॉट्स हैं। यहां हर साल बड़ी तादाद में पर्यटक पैराग्लाइडिंग का मजा लेने आते हैं। अगर मोरनी में पैराग्लाइडिंग की सुविधा शुरू हो जाती है तो पर्यटकों को हिमाचल के चक्कर न लगाने पड़ते।
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मोरनी में जहां से पैराग्लाइडिंग की शुरुआत होनी थी। वह साइट ही फाइनल नहीं हो पाया है। इसके चलते प्रोजेक्ट कागजों में उड़ान भर रहा है। टूरिज्म विभाग के अधिकारिक सूत्रों से जिस जगह से पैराग्लाइडिंग की शुरुआत होनी थी, वह जमीन बिकने और कुछ मानक पूरे नहीं होने के चलते प्रोजेक्ट अधर में लटक गया है। अब मोरनी से पैराग्लाइडिंग की शुरुआत होने की कोई उम्मीद नहीं है।

कोट
चंडीगढ़ से मोरनी के टिक्कर ताल पैराग्लाइडिंग के लिए आया था। यहां आकर पता चला कि अभी शुरू नहीं हुआ है। यहां कोई स्पष्ट जानकारी भी नहीं दे रहा है कि पैराग्लाइडिंग कबतक शुरू होगी। - मलकित सिंह, पर्यटक।


टिक्कर ताल में सिंगल सीटर बाइक का एक हजार रुपये चार्ज किया जाता है। पैसा ज्यादा है। राइड महज तीन मिनट तक कराते हैं। इसकी समय सीमा बढ़ाकर करीब 10 मिनट तक करना चाहिए। - जसकरण, पयर्टक।


8 सीटर मोटर वोट का 1300 रुपये चार्ज कर रहे हैं। टिक्कर ताल में घुमाने के महज दस मिनट हैं। यहां आकर ठगा सा महसूस कर रहे हैं। यहां पर्यटन के नाम पर पर्यटकों को लूटा जा रहा है। - संदीप सिंह, पर्यटक।



गर्मी का दिन है। वोट के ऊपर छत नहीं है। इस पर छत होता चाहिए। इसके अलावा यहां मेडिकल सुविधा नहीं है। अगर कोई घायल हो गया तो उसे 13 किलोमीटर दूर जाना पड़ेगा। - विजय, पर्यटक।
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