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Panchkula News: बाढ़ सुरक्षा प्रबंधों के लिए सीएम मान ने 120 करोड़ रुपये की दी मंजूरी
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने वीरवार को पूरे पंजाब में बाढ़ सुरक्षा के लिए मास्टर प्लान को प्रभावी ढंग से लागू करने और पुख्ता योजनाबंदी की आवश्यकता पर जोर दिया। बाढ़ सुरक्षा कार्यों की प्रगति की निगरानी के लिए अपनी सरकारी आवास पर उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य मंत्री ने कहा कि मास्टर प्लान न केवल फंडों के तर्कसंगत उपयोग को सुनिश्चित करेगा, बल्कि बाढ़ पीड़ितों को फसलों और संपत्ति के नुकसान के लिए मुआवजा देने पर खर्च होने वाले करोड़ों रुपये की बचत में भी मदद करेगा। मुख्य मंत्री ने पंजाब के सभी 22 जिलों में बाढ़ सुरक्षा कार्यों और नालों की सफाई के लिए लगभग 120 करोड़ रुपये को मंजूरी दी। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां, बरिंदर गोयल, मुख्य सचिव केएपी सिन्हा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
सीएम मान ने कहा कि नालों और नदियों के प्रबंधन की योजना सिंचाई विभाग के इंजीनियरों के साथ सीधे समन्वय करके बनाई जानी चाहिए। इससे बाढ़ सुरक्षा बुनियादी ढांचे की नियमित सफाई और मजबूती सुनिश्चित की जा सकेगी। भगवंत मान ने कहा कि ये प्रबंध मानसून के दौरान बाढ़ के कारण होने वाली तबाही से राज्यवासियों को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। सीएम मान ने डिप्टी कमिश्नरों को निर्देश दिए कि ये प्रोजेक्ट मानसून की शुरुआत से पहले पूरे किए जाएं और इन्हें पूरा करने की समय-सीमा 30 जून तक निर्धारित की जाए। मान ने स्पष्ट किया कि सिंचाई विभाग का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी इन कार्यों को पूरा करने में लापरवाही के लिए व्यक्तिगत रूप से जवाबदेह होगा।
मास्टर प्लान के आधार पर व्यापक खाका तैयार करने के निर्देश दिए
मुख्य मंत्री ने अधिकारियों को मास्टर प्लान के आधार पर व्यापक खाका तैयार करने के निर्देश दिए ताकि बाढ़ सुरक्षा कार्यों को बारिश के मौसम से ठीक पहले पारंपरिक दृष्टिकोण की बजाय योजनाबद्ध तरीके से लागू किया जा सके। उन्होंने इन प्रयासों को नियमित आधार पर जारी रखने के लिए वार्षिक बजट में विशेष आवंटन की महत्ता पर भी जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि वे पिछले साल बाढ़ का सामना करने वाले नए प्रभावित क्षेत्रों, खासकर सड़क निर्माण के कारण आई रुकावटों का अच्छी तरह निरीक्षण करें और समस्याओं का समाधान करें। मानसून के दौरान बाढ़ को रोकना और राज्य के किसी भी हिस्से को नुकसान न होने देना सुनिश्चित करना प्राथमिकता है।
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चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने वीरवार को पूरे पंजाब में बाढ़ सुरक्षा के लिए मास्टर प्लान को प्रभावी ढंग से लागू करने और पुख्ता योजनाबंदी की आवश्यकता पर जोर दिया। बाढ़ सुरक्षा कार्यों की प्रगति की निगरानी के लिए अपनी सरकारी आवास पर उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य मंत्री ने कहा कि मास्टर प्लान न केवल फंडों के तर्कसंगत उपयोग को सुनिश्चित करेगा, बल्कि बाढ़ पीड़ितों को फसलों और संपत्ति के नुकसान के लिए मुआवजा देने पर खर्च होने वाले करोड़ों रुपये की बचत में भी मदद करेगा। मुख्य मंत्री ने पंजाब के सभी 22 जिलों में बाढ़ सुरक्षा कार्यों और नालों की सफाई के लिए लगभग 120 करोड़ रुपये को मंजूरी दी। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां, बरिंदर गोयल, मुख्य सचिव केएपी सिन्हा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
सीएम मान ने कहा कि नालों और नदियों के प्रबंधन की योजना सिंचाई विभाग के इंजीनियरों के साथ सीधे समन्वय करके बनाई जानी चाहिए। इससे बाढ़ सुरक्षा बुनियादी ढांचे की नियमित सफाई और मजबूती सुनिश्चित की जा सकेगी। भगवंत मान ने कहा कि ये प्रबंध मानसून के दौरान बाढ़ के कारण होने वाली तबाही से राज्यवासियों को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। सीएम मान ने डिप्टी कमिश्नरों को निर्देश दिए कि ये प्रोजेक्ट मानसून की शुरुआत से पहले पूरे किए जाएं और इन्हें पूरा करने की समय-सीमा 30 जून तक निर्धारित की जाए। मान ने स्पष्ट किया कि सिंचाई विभाग का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी इन कार्यों को पूरा करने में लापरवाही के लिए व्यक्तिगत रूप से जवाबदेह होगा।
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मास्टर प्लान के आधार पर व्यापक खाका तैयार करने के निर्देश दिए
मुख्य मंत्री ने अधिकारियों को मास्टर प्लान के आधार पर व्यापक खाका तैयार करने के निर्देश दिए ताकि बाढ़ सुरक्षा कार्यों को बारिश के मौसम से ठीक पहले पारंपरिक दृष्टिकोण की बजाय योजनाबद्ध तरीके से लागू किया जा सके। उन्होंने इन प्रयासों को नियमित आधार पर जारी रखने के लिए वार्षिक बजट में विशेष आवंटन की महत्ता पर भी जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि वे पिछले साल बाढ़ का सामना करने वाले नए प्रभावित क्षेत्रों, खासकर सड़क निर्माण के कारण आई रुकावटों का अच्छी तरह निरीक्षण करें और समस्याओं का समाधान करें। मानसून के दौरान बाढ़ को रोकना और राज्य के किसी भी हिस्से को नुकसान न होने देना सुनिश्चित करना प्राथमिकता है।
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