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शिअद को शिकार बनाने के लिए सीएम ने कराई सियासी जांच: मजीठिया
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बहिबल और बेअदबी मामले में शिरोमणि अकाली दल ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से इस्तीफे की मांग की है। शिअद नेता और विधायक बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि शिअद को शिकार बनाने के लिए पूरे मामले की मुख्यमंत्री और उनके सहयोगियों ने सियासी जांच कराई है। मामले की जांच कर रहे पूर्व आईजी को बचाने में कांग्रेस के इस कार्य में आप नेता हरपाल सिंह चीमा भी मदद कर रहे हैं।
शिअद मुख्यालय में रविवार को पत्रकारों से बातचीत में मजीठिया ने कहा कि कहा कि इस मामले में चार्जशीट तैयार करने के लिए बैठक करने वाले मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के अलावा नवजोत सिंह सिद्धू, सुखजिदंर रंधावा, तृप्त बाजवा, कुशलदीप सिह ढिल्लों शामिल हैं। मुख्यमंत्री तथा कैबिनेट मंत्रियों को जहां तुरंत कागजात लगाने चाहिए, वहीं मामले पर राजनीति करने वाले सभी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। मजीठिया ने कहा कि पूर्व आईजी कुंवर विजय प्रताप को मुख्यमंत्री तथा उनके मंत्रिमंडल के सहयोगियों ने चुना था। उन्होंने कहा कि जब यह एसआईटी बनाई गई तब नवजोत सिद्धू गठबंधन का हिस्सा थे और नवजोत कौर सिद्धू मुख्य संसदीय सचिव थीं। इसके बावजूद वे अब इस मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं। मजीठिया ने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी के नेता हरपाल चीमा भी कांग्रेस पार्टी के साथ मिलकर काम कर रहे हैं ताकि शिरोमणि अकाली दल को निशाना बनाया जा सके और साथ ही हाईकोर्ट के फैसले के बावजूद, पूर्व आईजी कुंवर विजय प्रताप का संरक्षण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी आप ने एसआईटी से पुलिस अधिकारी के तबादले की समीक्षा की मांग के लिए अप्रैल 2019 में चुनाव आयोग से भी संपर्क करके पूर्व आईजी के बचाव के लिए कांग्रेस के साथ मिलीभगत की थी। इस अवसर पर पूर्व मंत्री डॉ. दलजीत सिंह चीमा और चरनजीत सिंह बराड़ भी उपस्थित थे।
दोनों पार्टियों का गुरु ने किया पर्दाफाश
मजीठिया ने कहा कि कांग्रेस और आप की साजिश को गुरु जी ने उजागर कर दिया है। इन पार्टियों ने गुरु के नाम पर राजनीति की और यह गुरु साहिबान ही हैं, जिन्होंने इसे बेनकाब किया है और भविष्य में भी उन्हें बेनकाब करते रहेंगे। मैं यह भी प्रार्थना करता हूं कि इस मुद्दे पर राजनीति करने वालों का कुछ भी न रहे।
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शिअद मुख्यालय में रविवार को पत्रकारों से बातचीत में मजीठिया ने कहा कि कहा कि इस मामले में चार्जशीट तैयार करने के लिए बैठक करने वाले मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के अलावा नवजोत सिंह सिद्धू, सुखजिदंर रंधावा, तृप्त बाजवा, कुशलदीप सिह ढिल्लों शामिल हैं। मुख्यमंत्री तथा कैबिनेट मंत्रियों को जहां तुरंत कागजात लगाने चाहिए, वहीं मामले पर राजनीति करने वाले सभी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। मजीठिया ने कहा कि पूर्व आईजी कुंवर विजय प्रताप को मुख्यमंत्री तथा उनके मंत्रिमंडल के सहयोगियों ने चुना था। उन्होंने कहा कि जब यह एसआईटी बनाई गई तब नवजोत सिद्धू गठबंधन का हिस्सा थे और नवजोत कौर सिद्धू मुख्य संसदीय सचिव थीं। इसके बावजूद वे अब इस मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं। मजीठिया ने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी के नेता हरपाल चीमा भी कांग्रेस पार्टी के साथ मिलकर काम कर रहे हैं ताकि शिरोमणि अकाली दल को निशाना बनाया जा सके और साथ ही हाईकोर्ट के फैसले के बावजूद, पूर्व आईजी कुंवर विजय प्रताप का संरक्षण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी आप ने एसआईटी से पुलिस अधिकारी के तबादले की समीक्षा की मांग के लिए अप्रैल 2019 में चुनाव आयोग से भी संपर्क करके पूर्व आईजी के बचाव के लिए कांग्रेस के साथ मिलीभगत की थी। इस अवसर पर पूर्व मंत्री डॉ. दलजीत सिंह चीमा और चरनजीत सिंह बराड़ भी उपस्थित थे।
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दोनों पार्टियों का गुरु ने किया पर्दाफाश
मजीठिया ने कहा कि कांग्रेस और आप की साजिश को गुरु जी ने उजागर कर दिया है। इन पार्टियों ने गुरु के नाम पर राजनीति की और यह गुरु साहिबान ही हैं, जिन्होंने इसे बेनकाब किया है और भविष्य में भी उन्हें बेनकाब करते रहेंगे। मैं यह भी प्रार्थना करता हूं कि इस मुद्दे पर राजनीति करने वालों का कुछ भी न रहे।
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