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साफ-सुथरी आबोहवा से स्वस्थ रहेगा हर जन, सौ एकड़ में बनेगा ऑक्सीवन
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पंचकूला। शहर के घग्गर पार के लोगों को साफ-सुथरी आबोहवा देकर उन्हें स्वस्थ रखने के मकसद से क्षेत्र में वन विभाग की ओर से ऑक्सीवन विकसित किया जाएगा। करीब 100 एकड़ में बनने वाला यह ट्राइसिटी का पहला ऑक्सीजन देने वाला ऑक्सीवन होगा और इसमें अधिक से अधिक ऑक्सीजन प्रदान करने वाले पौधे ही लगाए जाएंगे। यह प्रोजेक्ट शहर की ही नहीं बल्कि आस-पास के पूरे क्षेत्र की आबोहवा को साफ सुथरी रखने में मददगार होगा। इसके लिए विभाग ने पूरी योजना तैयार कर ली है। अब विभाग को भारत सरकार की वाटर एंड पावर कंसलटेंसी सर्विसेज से डीपीआर मिलने का इंतजार है। उम्मीद है कि इसी सप्ताह यह डीपीआर मिल भी जाएगी। इसके बाद इस प्रोजेक्ट पर तेजी से काम शुरू कर दिया जाएगा।
पंचकूला जिला प्रदेश की राजधानी चंडीगढ़ से सटा हुआ है और ज्यादातर सरकारी विभागों के मुख्यालय भी पंचकूला में ही हैं। हालांकि शहर का प्रदूषण स्तर प्रदेश के अन्य जिलों से बेहतर है। मगर इसे और भी बेहतर बनाने के लिए वन विभाग ने यहां पर ऑक्सीवन बनाने का फैसला किया है। इसके लिए विभाग ने पूरा खाका तैयार करके सरकार के पास अप्रूवल के लिए भेजा हुआ है। विभाग ने इस पर 15 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान सरकार के पास भेजा है। विभाग ने इसकी डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट सबमिट कर दी है। सरकार की ओर से भी इस प्रोजक्ट को हरी झंडी मिल चुकी है। विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता भी जिले के विकास कार्यों की अपनी मासिक समीक्षा बैठक में इसको शामिल करते हैं।
वॉकिंग ब्रिज और अवेयरनेस सेंटर बनेंगे
ऑक्सीवन को पर्यटन स्थल के तौर पर भी विकसित किया जाएगा। यहां आने वाले लोगों के लिए वॉकिंग ब्रिज बनाए जाएंगे। इसके अलावा अवेयरनेस सेंटर भी बनाए जाएंगे। यहां पर लोगों को पर्यावरण को बचाने के लिए जागरूक किया जाएगा। उन्हें यह भी बताया जाएगा कि कौन-कौन सी चीजें पर्यावरण को नुकसान पहुंचाती हैं।
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नक्षत्र और सुगंध वाटिका भी बनेंगी
ऑक्सीवन में नक्षत्र और सुगंध वाटिका भी बनाई जाएंगी। ये दोनों वाटिका सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगी। नक्षत्र वाटिका में नौ ग्रहों के प्रतीक पौधे लगाए जाएंगे। इसमें पलाश-सोम, दूब-राहु, खैर-मंगल, गूलर-शुक्र, मदार-सूर्य, कुश-केतु, अपामार्ग-बुध, पीपी-गुरु और शमी-शनि शामिल रहेंगे। सुगंध वाटिका में अलग-अलग प्रकार की सुगंधित फूलों के पौधे लगाए जाएंगे।
रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे
ऑक्सीवन बनने के बाद शहर में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। यहां आने वाले पर्यटक आसपास के होटलों में ठहरने से लेकर खाने-पीने पर भी खर्चा करेंगे। इससे शहर के लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार और व्यवसाय मिलेगा।
वर्जन::
ऑक्सीवन की डिटेल्ड रिपोर्ट सबमिट कर दी गई है। उम्मीद है कि इस सप्ताह इसकी डीपीआर मिल जाएगी। यह प्रोजेक्ट जिले के लिए बहुत बेहतरीन होगा। शुरू होने के बाद इसको जल्द से जल्द पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। - भूपेंद्र राघव, डीएफओ, पंचकूला।
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पंचकूला जिला प्रदेश की राजधानी चंडीगढ़ से सटा हुआ है और ज्यादातर सरकारी विभागों के मुख्यालय भी पंचकूला में ही हैं। हालांकि शहर का प्रदूषण स्तर प्रदेश के अन्य जिलों से बेहतर है। मगर इसे और भी बेहतर बनाने के लिए वन विभाग ने यहां पर ऑक्सीवन बनाने का फैसला किया है। इसके लिए विभाग ने पूरा खाका तैयार करके सरकार के पास अप्रूवल के लिए भेजा हुआ है। विभाग ने इस पर 15 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान सरकार के पास भेजा है। विभाग ने इसकी डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट सबमिट कर दी है। सरकार की ओर से भी इस प्रोजक्ट को हरी झंडी मिल चुकी है। विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता भी जिले के विकास कार्यों की अपनी मासिक समीक्षा बैठक में इसको शामिल करते हैं।
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वॉकिंग ब्रिज और अवेयरनेस सेंटर बनेंगे
ऑक्सीवन को पर्यटन स्थल के तौर पर भी विकसित किया जाएगा। यहां आने वाले लोगों के लिए वॉकिंग ब्रिज बनाए जाएंगे। इसके अलावा अवेयरनेस सेंटर भी बनाए जाएंगे। यहां पर लोगों को पर्यावरण को बचाने के लिए जागरूक किया जाएगा। उन्हें यह भी बताया जाएगा कि कौन-कौन सी चीजें पर्यावरण को नुकसान पहुंचाती हैं।
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नक्षत्र और सुगंध वाटिका भी बनेंगी
ऑक्सीवन में नक्षत्र और सुगंध वाटिका भी बनाई जाएंगी। ये दोनों वाटिका सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगी। नक्षत्र वाटिका में नौ ग्रहों के प्रतीक पौधे लगाए जाएंगे। इसमें पलाश-सोम, दूब-राहु, खैर-मंगल, गूलर-शुक्र, मदार-सूर्य, कुश-केतु, अपामार्ग-बुध, पीपी-गुरु और शमी-शनि शामिल रहेंगे। सुगंध वाटिका में अलग-अलग प्रकार की सुगंधित फूलों के पौधे लगाए जाएंगे।
रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे
ऑक्सीवन बनने के बाद शहर में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। यहां आने वाले पर्यटक आसपास के होटलों में ठहरने से लेकर खाने-पीने पर भी खर्चा करेंगे। इससे शहर के लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार और व्यवसाय मिलेगा।
वर्जन::
ऑक्सीवन की डिटेल्ड रिपोर्ट सबमिट कर दी गई है। उम्मीद है कि इस सप्ताह इसकी डीपीआर मिल जाएगी। यह प्रोजेक्ट जिले के लिए बहुत बेहतरीन होगा। शुरू होने के बाद इसको जल्द से जल्द पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। - भूपेंद्र राघव, डीएफओ, पंचकूला।