{"_id":"5d2a3d518ebc3e6d0e206113","slug":"child-panchkula-news-pkl3442560121","type":"story","status":"publish","title_hn":"चाइल्ड फ्रेंडली पुलिसिंग के लिए सेमिनार, सभी थानों के एसएचओ पहुंचे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चाइल्ड फ्रेंडली पुलिसिंग के लिए सेमिनार, सभी थानों के एसएचओ पहुंचे
विज्ञापन
सीसीपीसीआर की तरफ से यूटी गेस्ट हाउस में पुलिस अफसरों के लिए क्षमता निर्माण प्रोग्राम का आयोजन।
- फोटो : 13cty978.jpg
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चाइल्ड फ्रेंडली पुलिसिंग के लिए चंडीगढ़ कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स (सीसीपीसीआर) ने चंडीगढ़ पुलिस थानों केे एसएचओ, जुवेनाइल और चाइल्ड वेलफेयर ऑफिसर्स, हेल्पलाइन 181, चाइल्ड 1098 और चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूट के सभी अधिकारियों के लिए एक क्षमता निर्माण प्रोग्राम का आयोजन किया गया। यूटी गेस्ट हाउस में आयोजित इस कार्यक्रम में सभी पुलिस थानों समेत कुल 48 पुलिस अफसरों ने भाग लिया। वहीं, हरियाणा स्टेट विजिसेंस ब्यूरो के डॉयरेक्टर जनरल डॉ. केपी सिंह गेस्ट स्पीकर के तौर पर शामिल हुए।
सीसीपीसीआर की चेयरपर्सन हरजिंदर कौर ने कहा कि मासूम बच्चों की मनोदशा समझने के लिए हम सभी को आपस में समानुभूति की भावना का निर्माण करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ में चाइल्ड फ्रेंडली सिटी बनने की क्षमता है और यह बनने की ओर अग्रसर भी है। हमें खुद अपने शहर को वैसा बनाने की जरूरत है, जैसा हम सपने मेें देखते हैं। वहीं, हरियाणा स्टेट विजिसेंस ब्यूरो के डॉयरेक्टर जनरल डॉ. केपी सिंह ने जुवेनाइल जस्टिस और पोक्सो एक्ट की बारीकियों को समझाया। उन्होंने वास्तविक जीवन के उदाहरणों के सीख लेने की बात कही। इसके साथ ही कहा कि जेजे अधिनियम बच्चों के लाभ के लिए है और इसका उद्देश्य उनके अधिकारों की रक्षा करना और उन्हें बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम के आखिर में हरजिंदर कौर ने कहा कि बच्चों की रक्षा करने में पुलिस की भूमिका काफी अहम है। चंडीगढ़ को बाल-भिखारी मुक्त शहर बनाने की दिशा में सभी का सहयोग और सामूहिक रूप से काम करना पड़ेगा। कार्यक्रम में शामिल होने वाले पुलिस के सभी अधिकारियों ने आयोग को आश्वासन दिया कि वे चंडीगढ़ को एक बाल-भिखारी मुक्त शहर बनाने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सीसीपीसीआर की चेयरपर्सन हरजिंदर कौर ने कहा कि मासूम बच्चों की मनोदशा समझने के लिए हम सभी को आपस में समानुभूति की भावना का निर्माण करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ में चाइल्ड फ्रेंडली सिटी बनने की क्षमता है और यह बनने की ओर अग्रसर भी है। हमें खुद अपने शहर को वैसा बनाने की जरूरत है, जैसा हम सपने मेें देखते हैं। वहीं, हरियाणा स्टेट विजिसेंस ब्यूरो के डॉयरेक्टर जनरल डॉ. केपी सिंह ने जुवेनाइल जस्टिस और पोक्सो एक्ट की बारीकियों को समझाया। उन्होंने वास्तविक जीवन के उदाहरणों के सीख लेने की बात कही। इसके साथ ही कहा कि जेजे अधिनियम बच्चों के लाभ के लिए है और इसका उद्देश्य उनके अधिकारों की रक्षा करना और उन्हें बढ़ावा देना है।
विज्ञापन
कार्यक्रम के आखिर में हरजिंदर कौर ने कहा कि बच्चों की रक्षा करने में पुलिस की भूमिका काफी अहम है। चंडीगढ़ को बाल-भिखारी मुक्त शहर बनाने की दिशा में सभी का सहयोग और सामूहिक रूप से काम करना पड़ेगा। कार्यक्रम में शामिल होने वाले पुलिस के सभी अधिकारियों ने आयोग को आश्वासन दिया कि वे चंडीगढ़ को एक बाल-भिखारी मुक्त शहर बनाने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करेंगे।
विज्ञापन