फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Chief engineer said, people can drink water in Chandigarh without RO

चंडीगढ़ का पानी शिमला से खराब, चीफ इंजीनियर बोले- बिना आरओ के पी सकते हैं लोग

Sun, 17 Nov 2019 11:15 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Sun, 17 Nov 2019 11:15 AM IST
विज्ञापन
Chief engineer said, people can drink water in Chandigarh without RO
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : water

भारतीय मानक ब्यूरो की रैंकिंग पर नगर निगम ने सवाल खड़े कर दिए हैं। चीफ इंजीनियर शैलेंद्र सिंह का दावा है कि चंडीगढ़ के लोग बिना आरओ के पानी पी सकते हैं। रैंकिंग के लिए सैंपल कहां से लिए गए, निगम को इसकी जानकारी तक नहीं है। निगम अधिकारियों का कहना है कि चंडीगढ़ से ही पंचकूला और चंडी मंदिर को पानी दिया जाता है। दूषित पानी की यहां कोई समस्या ही नहीं है।

विज्ञापन


हाल ही में भारतीय मानक ब्यूरो ने शुद्ध पानी देने वाले शहरों की रैंकिंग जारी की गई है। जिसमें चंडीगढ़ को आठवां स्थान दिया गया है। रैंकिंग जारी होने के बाद नगर निगम में हड़कंप मच गया है। निगम लगातार लोगों को शुद्ध पानी देने के लिए प्रयासरत है। हाल ही में अमृत योजना के तहत देश में चंडीगढ़ नंबर एक स्थान पर आया था।

विज्ञापन

 

अधिकारियों ने दावा किया है कि शहर की 11 लाख जनता को बिल्कुल साफ पानी दिया जा रहा है। चीफ इंजीनियर ने कहा कि इस सर्वे के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं मिली। साथ ही इसमें कौन से मानकों के आधार पर रैंकिंग तय की गई है, उसकी भी जानकारी नहीं है, लेकिन चंडीगढ़ का पानी इतना साफ है कि आरओ की भी आवश्यकता नहीं है। शुद्ध पानी देने के लिए लगातार प्रयास भी कर रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

शिमला से खराब तो देहरादून से अच्छा बताया पानी

रैंकिंग में चंडीगढ़ का पानी शिमला से भी खराब बताया गया है। शिमला को सातवीं रैंकिंग मिली है जबकि चंडीगढ़ आठवीं रैंकिंग पर है। वहीं देहरादून का पानी चंडीगढ़ से भी खराब बताया गया है। देहरादून को 18वीं रैंकिंग मिली है। अधिकारियों का कहना है कि विकिपीडिया पर भी देश में सबसे अच्छा पानी देने वाले शहरों की सूची में चंडीगढ़ नंबर एक पर है। ऐसे में रैंकिंग में कौन से मानक अपनाए गए हैं, इसकी जानकारी नहीं है।

डेढ़ करोड़ की लैबोरेटरी में होती है पानी की जांच
चीफ इंजीनियर ने बताया कि सेक्टर-39 में हाल ही में डेढ़ करोड़ रुपये से लैबोरेटरी को अपग्रेड किया है। पहले मैनुअल ही पानी को चेक किया जाता था, लेकिन अब कंप्यूटराइज्ड सिस्टम से पानी को पूरी तरह से चेक करने के बाद सप्लाई की जाती है। इस पानी को डब्ल्यूएचओ के मानक के अनुसार पीने योग्य बनाया जाता है। ऐसे में किसी भी तरह की पानी में अशुद्धि का सवाल ही नहीं उठता।

शहर में सप्लाई होता है 105 एमजी पानी
कजौली वाटर वर्क्स से पहले चार फेज में 55 एमजी पानी चंडीगढ़ सप्लाई होता था। वहीं 17 एमजी पानी ट्यूबवेल से सप्लाई होता था। पांचवें और छठे फेज से 35 एमजी पानी अतिरिक्त आने लगा। इसमें से 29 एमजी पानी चंडीगढ़ और शेष पानी पंचकूला व चंडी मंदिर के लिए सप्लाई होता है। इस तरह से चंडीगढ़ में कुल 105 एमजी पानी सप्लाई होता है। अधिकारियों का कहना है कि 11 लाख लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ नहीं कर सकते हम।

स्काडा सिस्टम से और बढ़ाएंगे पानी की शुद्धता
शहर के लोगों को शुद्ध पेयजल सप्लाई के लिए स्मार्ट सिटी पानी की पाइप लाइनों पर सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डाटा एक्वेजिशन (स्काडा सिस्टम) लगाएगा। इसके अंतर्गत पाइपों में अंदर तीन स्थानों पर डिसॉल्ड ऑक्सीजन सेंसर, क्लोरीन सेंसर और प्रेशर सेंसर लगाए जाएंगे। एक जहां से पानी छोड़ा जाता है, दूसरा बीच में और तीसरा जहां से पानी को अलग अलग क्षेत्र में छोड़ा जाना है। जिसकी मॉनीटरिंग स्मार्ट सिटी के ऑफिस से ही होगी।

यदि किन्हीं कारणों से गंदा पानी आता है या पानी से दुर्गंध आती है तो तत्काल उसकी जानकारी सिस्टम पर आ जाएगी। साथ ही किस स्थान से यह समस्या पैदा हो रही है, वहां की जानकारी भी आसानी से मिल सकेगी। वहीं इस सिस्टम से पानी प्रेशर से न आने की समस्या भी ऑफिस में बैठक कर्मचारियों को पता चल जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed