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प्रशासन हाउसिंग इंप्लाइज स्कीम की फाइल केंद्र को भेजेगा दोबारा
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चंडीगढ़। यूटी हाउसिंग इंप्लाइज स्कीम के तहत कर्मचारियों को सस्ते दामों के फ्लैट्स मुहैया कराने के लिए सांसद किरण खेर ने प्रशासन को प्रस्ताव भेज दिया है। प्रशासन को भेजे गए प्रस्ताव में खेर ने कहा कि कर्मचारियों को स्कीम के तहत जो फ्लैट्स मिलने हैं उसमें रोड और पार्क साइड की जमीन में राहत दी जाए। इस वजह से अब प्रशासन नए सिरे से केंद्र को फाइल भेजने जा रहा है। अभी इस प्रक्रिया में करीब 6 माह का समय लग सकता है।
चंडीगढ़ प्रशासन में करीब 22 हजार कर्मचारी हैं। ऐसे में कर्मचारियों को नाराज करना संभव नहीं है। यही वजह है कि चुनाव से पूर्व कर्मचारियों से किए गए वादों के मुताबिक सांसद खेर ने प्रशासन को कर्मचारियों को फ्लैट्स दिलाने के लिए लेटर भेज दिया है। इसमें कहा गया कि कर्मचारियों से केवल फ्लैट्स के निर्माण स्थल की जमीन के ही रेट लिए जाए। इस एरिया की रोड और पार्क साइड की जमीन के रेट इसमें नहीं जोड़े जाए। इस संदर्भ में पहले ही खेर कह चुकी हैं कि कर्मचारियों को हर संभव मदद दिलाई जाएगी। खेर का लेटर मिलने के बाद प्रशासन अब नए सिरे फाइल तैयार करके केंद्र को भेजने की तैयारी में है।
ऐसे कम होंगे फ्लैट्स के रेट
साल 2008 में वन बेड रूम फ्लैट की कीमत 13.53 लाख थी, वर्तमान मार्केट रेट में ये फ्लैट इंप्लाइज को 98 लाख में मिल रहा है। अगर प्रशासन के सुझाव पर केंद्र ने अमल किया तो पार्क और रोड साइड की जमीन से कर्मचारियों को छुटकारा मिल जाएगा। अगर छूट मिलती है तो 98 लाख का मिलने वाला फ्लैट 55 से 60 लाख के बीच मिल जाएगा। सिटी के सेक्टर-53, 56 में फ्लैट्स बनने हैं। साल 2008 में इनकी कीमत 5.76 लाख तय थी, वर्तमान में कलेक्टर रेट के हिसाब से कर्मचारियों को यह फ्लैट्स 58 लाख में मिल रहे हैं। यदि राहत मिली तो वन रूम फ्लैट लगभग 35 लाख का पड़ेगा। वहीं, सेक्टर- 53 में बनने वाले थ्री बेडरूम फ्लैट्स वर्तमान मे कर्मचारियों को 1.76 करोड़ में मिल रहे हैं, जबकि पहले इनकी कीमत 34.70 लाख थी।
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कर्मचारियों की मांग पर दोबारा शुरू हुई स्कीम
इंप्लाइज हाउसिंग स्कीम के लिए 4 अक्टूबर 2010 को ड्रॉ हुआ था। इसमें 7811 आवेदकों में से 3930 आवेदकों को पात्र पाया गया था। बता दें कि 2008 में गृह मंत्रालय ने यूटी प्रशासन की इंप्लाइज हाउसिंग स्कीम को रद्द कर दिया था, लेकिन भाजपा सांसद किरण खेर के प्रयास से वर्षों से लटकी हाउसिंग स्कीम को हरी झंडी मिली थी। अब एक बार फिर खेर के द्वारा कर्मचारियों राहत दिलवाने की पहल की है।
ऐसे कम होंगे फ्लैट्स के रेट
सीएचबी के पास मौजूदा समय में 1167 एकड़ जमीन है। इसमें इंप्लाइज के फ्लैट्स के 67 एकड़ जमीन जमीन चाहिए। प्रशासन के द्वारा सीएचबी को 74 हजार 131 रुपये गज के हिसाब से जमीन दी गई है। इस रेट पर कर्मचारियों को फ्लैट्स महंगे पड़ रहे हैं। सांसद खेर के प्रस्ताव के बाद प्रशासन की ओर से कर्मचारियों को मिलने वाले फ्लैट्स में पार्क और रोड़ साइड की जमीन से राहत देने की फाइल तैयार की गई है तो फ्लैट्स की कीमत 40 से 45 फीसदी तक कम हो जाएगी।
सांसद ने छूट दिलाने का प्रस्ताव भेजा
इस संदर्भ में कर्मचारी नेता डॉ. धर्मेंद्र का कहना है कि हम लोगों ने सांसद किरण खेर से पार्क और रोड साइड की जमीन से राहत दिलाने की मांग की है। सांसद ने हमारा प्रस्ताव के प्रशासन के पास भेज दिया है। प्रस्ताव की एक कॉपी हमें भी मिल गई हे। कर्मचारी नेता कर कहना है कि सांसद के प्रयास से यूटी इंप्लाइज स्क्रीम के तहत कर्मचारियों को सस्ते फ्लैट्स मिलेंगे।
दोबारा शुरू हुई हाउसिंग स्कीम
बताते चलें कि साल 2008 में प्रशासन ने यूटी इंप्लाइज को सस्ते घर मुहैया कराने के लिए ‘इंप्लाइज हाउसिंग स्कीम’ बनाई थी। इस योजना का लाभ पाने के लिए उस समय 3930 इंप्लाइज चयनित हुए थे। 10 साल के लंबे इंतजार के बाद 2 जनवरी, 2019 को यूटी इंप्लाइज के फ्लैट्स के लिए भूमि के आवंटन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। लेकिन साल 2008 में जब स्कीम बनी थी, उस समय के हिसाब से अब फ्लैट्स की कीमत दस गुना से अधिक बढ़ गई।
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चंडीगढ़ प्रशासन में करीब 22 हजार कर्मचारी हैं। ऐसे में कर्मचारियों को नाराज करना संभव नहीं है। यही वजह है कि चुनाव से पूर्व कर्मचारियों से किए गए वादों के मुताबिक सांसद खेर ने प्रशासन को कर्मचारियों को फ्लैट्स दिलाने के लिए लेटर भेज दिया है। इसमें कहा गया कि कर्मचारियों से केवल फ्लैट्स के निर्माण स्थल की जमीन के ही रेट लिए जाए। इस एरिया की रोड और पार्क साइड की जमीन के रेट इसमें नहीं जोड़े जाए। इस संदर्भ में पहले ही खेर कह चुकी हैं कि कर्मचारियों को हर संभव मदद दिलाई जाएगी। खेर का लेटर मिलने के बाद प्रशासन अब नए सिरे फाइल तैयार करके केंद्र को भेजने की तैयारी में है।
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ऐसे कम होंगे फ्लैट्स के रेट
साल 2008 में वन बेड रूम फ्लैट की कीमत 13.53 लाख थी, वर्तमान मार्केट रेट में ये फ्लैट इंप्लाइज को 98 लाख में मिल रहा है। अगर प्रशासन के सुझाव पर केंद्र ने अमल किया तो पार्क और रोड साइड की जमीन से कर्मचारियों को छुटकारा मिल जाएगा। अगर छूट मिलती है तो 98 लाख का मिलने वाला फ्लैट 55 से 60 लाख के बीच मिल जाएगा। सिटी के सेक्टर-53, 56 में फ्लैट्स बनने हैं। साल 2008 में इनकी कीमत 5.76 लाख तय थी, वर्तमान में कलेक्टर रेट के हिसाब से कर्मचारियों को यह फ्लैट्स 58 लाख में मिल रहे हैं। यदि राहत मिली तो वन रूम फ्लैट लगभग 35 लाख का पड़ेगा। वहीं, सेक्टर- 53 में बनने वाले थ्री बेडरूम फ्लैट्स वर्तमान मे कर्मचारियों को 1.76 करोड़ में मिल रहे हैं, जबकि पहले इनकी कीमत 34.70 लाख थी।
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कर्मचारियों की मांग पर दोबारा शुरू हुई स्कीम
इंप्लाइज हाउसिंग स्कीम के लिए 4 अक्टूबर 2010 को ड्रॉ हुआ था। इसमें 7811 आवेदकों में से 3930 आवेदकों को पात्र पाया गया था। बता दें कि 2008 में गृह मंत्रालय ने यूटी प्रशासन की इंप्लाइज हाउसिंग स्कीम को रद्द कर दिया था, लेकिन भाजपा सांसद किरण खेर के प्रयास से वर्षों से लटकी हाउसिंग स्कीम को हरी झंडी मिली थी। अब एक बार फिर खेर के द्वारा कर्मचारियों राहत दिलवाने की पहल की है।
ऐसे कम होंगे फ्लैट्स के रेट
सीएचबी के पास मौजूदा समय में 1167 एकड़ जमीन है। इसमें इंप्लाइज के फ्लैट्स के 67 एकड़ जमीन जमीन चाहिए। प्रशासन के द्वारा सीएचबी को 74 हजार 131 रुपये गज के हिसाब से जमीन दी गई है। इस रेट पर कर्मचारियों को फ्लैट्स महंगे पड़ रहे हैं। सांसद खेर के प्रस्ताव के बाद प्रशासन की ओर से कर्मचारियों को मिलने वाले फ्लैट्स में पार्क और रोड़ साइड की जमीन से राहत देने की फाइल तैयार की गई है तो फ्लैट्स की कीमत 40 से 45 फीसदी तक कम हो जाएगी।
सांसद ने छूट दिलाने का प्रस्ताव भेजा
इस संदर्भ में कर्मचारी नेता डॉ. धर्मेंद्र का कहना है कि हम लोगों ने सांसद किरण खेर से पार्क और रोड साइड की जमीन से राहत दिलाने की मांग की है। सांसद ने हमारा प्रस्ताव के प्रशासन के पास भेज दिया है। प्रस्ताव की एक कॉपी हमें भी मिल गई हे। कर्मचारी नेता कर कहना है कि सांसद के प्रयास से यूटी इंप्लाइज स्क्रीम के तहत कर्मचारियों को सस्ते फ्लैट्स मिलेंगे।
दोबारा शुरू हुई हाउसिंग स्कीम
बताते चलें कि साल 2008 में प्रशासन ने यूटी इंप्लाइज को सस्ते घर मुहैया कराने के लिए ‘इंप्लाइज हाउसिंग स्कीम’ बनाई थी। इस योजना का लाभ पाने के लिए उस समय 3930 इंप्लाइज चयनित हुए थे। 10 साल के लंबे इंतजार के बाद 2 जनवरी, 2019 को यूटी इंप्लाइज के फ्लैट्स के लिए भूमि के आवंटन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। लेकिन साल 2008 में जब स्कीम बनी थी, उस समय के हिसाब से अब फ्लैट्स की कीमत दस गुना से अधिक बढ़ गई।