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सीसीटीवी कैमरों का ट्रायल शुरू, चार चौराहों पर हो रही निगरानी
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चंडीगढ़। यातायात नियम तोड़ने वालों पर अत्याधुनिक कैमरों से नजर रखी जा रही है। सड़क पर चलने वाले हर व्यक्ति की गतिविधि कैमरे में कैद हो रही है। हल्लोमाजरा लाइट प्वाइंट के बाद शहर के चार अन्य चौराहों की भी कंपनी ने लाइव लोकेशन का ट्रायल शुरू कर दिया है। अब पंचकूला की तरफ जाने वाले रास्ते, ट्रिब्यून चौक और ट्रांसपोर्ट चौक का भी ट्रायल शुरू हो गया है। नियमों की अवहेलना करने वालों का भारत इलेक्ट्रॉनिक लिमिटेड (बेल) के ऑफिस में डाटा जमा हो रहा है।
स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत शहर में कुल 1100 कैमरे लगाए जाने हैं। इसके साथ ही 80 एलईडी डिस्प्ले लगाई जानी है। कंपनी ने अब तक लगभग 700 कैमरे लगा दिए हैं, वहीं सभी एलईडी भी लगा दी गई हैं। कंपनी को दिसंबर तक यह काम पूरा करना है। इसके लिए कंपनी की ओर से ट्रायल भी शुरू हो गया है, जिसका डाटा भारत इलेक्ट्रॉनिक लिमिटेड (बेल) के पंचकूला स्थित दफ्तर में मिनी सेंटर बनाकर इकट्ठा किया जा रहा है। इसके साथ ही चौराहों पर लगे डिस्प्ले आगे चौराहों पर जाम की जानकारी देंगे। इसका भी ट्रायल शुरू हो गया है। जल्द कुछ प्रमुख चौराहों का भी ट्रायल शुरू हो जाएगा।
केबल डलने के साथ शुरू हो रहा ट्रायल
स्मार्ट सिटी के जीएम एनपी शर्मा ने बताया कि बेल का दफ्तर पंचकूला में है। चौराहों पर लगे कैमरों के ट्रायल के लिए दूसरी कंपनी से कनेक्शन लिया गया है। जहां से कंपनी की केबल निकली है, वहां कैमरों की केबल कंपनी की केबल से जोड़कर ट्रायल शुरू करने की योजना है। इसके लिए तेजी से काम चल रहा है।
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पहले 20 कैमरों से हो चुका है ट्रायल
पिछले साल ट्रायल के तौर पर चुनिंदा चौराहों पर 20 कैमरे लगाए गए थे। बेल ने सेक्टर 16-17 के लाइट प्वाइंट, सेक्टर-17 के एंपायर, साहिब सिंह स्टोर पार्किंग के प्रवेश द्वार पर ये कैमरे लगाए थे। वहां मिली सफलता के बाद ही पूरे शहर में कैमरों को लगाने का काम शुरू हुआ। इससे शहर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी।
दिसंबर तक आईसीसीसी बनने का लक्ष्य
ट्रायल के बाद सेक्टर-17 में बन रहे इंटीग्रेटेड सिटी कमांड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) में इसका पूरा सेटअप लगाया जाएगा। इस सेंटर को दिसंबर 2021 तक बनाने का लक्ष्य है। इससे पहले सभी कैमरों का ट्रायल किया जाना है, ताकि शुरू होने के बाद कोई समस्या न हो। आईसीसीसी में ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर यातायात के नियमों को शहर में बेहतर तरीके से पालन कराया जाएगा। 60 फुट की वीडियो वॉल पर पूरे शहर के कैमरे एक साथ निगरानी करेंगे।
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स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत शहर में कुल 1100 कैमरे लगाए जाने हैं। इसके साथ ही 80 एलईडी डिस्प्ले लगाई जानी है। कंपनी ने अब तक लगभग 700 कैमरे लगा दिए हैं, वहीं सभी एलईडी भी लगा दी गई हैं। कंपनी को दिसंबर तक यह काम पूरा करना है। इसके लिए कंपनी की ओर से ट्रायल भी शुरू हो गया है, जिसका डाटा भारत इलेक्ट्रॉनिक लिमिटेड (बेल) के पंचकूला स्थित दफ्तर में मिनी सेंटर बनाकर इकट्ठा किया जा रहा है। इसके साथ ही चौराहों पर लगे डिस्प्ले आगे चौराहों पर जाम की जानकारी देंगे। इसका भी ट्रायल शुरू हो गया है। जल्द कुछ प्रमुख चौराहों का भी ट्रायल शुरू हो जाएगा।
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केबल डलने के साथ शुरू हो रहा ट्रायल
स्मार्ट सिटी के जीएम एनपी शर्मा ने बताया कि बेल का दफ्तर पंचकूला में है। चौराहों पर लगे कैमरों के ट्रायल के लिए दूसरी कंपनी से कनेक्शन लिया गया है। जहां से कंपनी की केबल निकली है, वहां कैमरों की केबल कंपनी की केबल से जोड़कर ट्रायल शुरू करने की योजना है। इसके लिए तेजी से काम चल रहा है।
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पहले 20 कैमरों से हो चुका है ट्रायल
पिछले साल ट्रायल के तौर पर चुनिंदा चौराहों पर 20 कैमरे लगाए गए थे। बेल ने सेक्टर 16-17 के लाइट प्वाइंट, सेक्टर-17 के एंपायर, साहिब सिंह स्टोर पार्किंग के प्रवेश द्वार पर ये कैमरे लगाए थे। वहां मिली सफलता के बाद ही पूरे शहर में कैमरों को लगाने का काम शुरू हुआ। इससे शहर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी।
दिसंबर तक आईसीसीसी बनने का लक्ष्य
ट्रायल के बाद सेक्टर-17 में बन रहे इंटीग्रेटेड सिटी कमांड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) में इसका पूरा सेटअप लगाया जाएगा। इस सेंटर को दिसंबर 2021 तक बनाने का लक्ष्य है। इससे पहले सभी कैमरों का ट्रायल किया जाना है, ताकि शुरू होने के बाद कोई समस्या न हो। आईसीसीसी में ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर यातायात के नियमों को शहर में बेहतर तरीके से पालन कराया जाएगा। 60 फुट की वीडियो वॉल पर पूरे शहर के कैमरे एक साथ निगरानी करेंगे।