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चालान से बचने के लिए 153 लोगों ने बदल दिया अपने घरों के पते
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चंडीगढ़। हजारों चालान का भुगतान न होने से चंडीगढ़ यातायात पुलिस की मुश्किलें बढ़ गई हैं। यातायात पुलिस ने चालान का भुगतान करवाने के लिए दो टीमें गठित कर लोगों के घर भेजना शुरू किया।
पिछले दो सप्ताह में टीम ने 469 घरों का दौरा किया। इसमें 153 लोग ऐसे मिले, जो अब उस मकान में नहीं रहते हैं। पुलिस अब इनके घर का पता लगाने में जुटी हुई है, ताकि चालान भरवाया जा सके। वहीं, 80 लोगों से चालान का भुगतान करवाकर दो लाख 63 हजार 400 रुपये की वसूली की गई है।
बता दें कि 70 हजार से ज्यादा चालान भुगतान के लिए लंबित हैं। पुलिस ने लोगों को कई बार रिमाइंडर भी भेजा, लेकिन लोगों ने चालान नहीं भुगता। इसके बाद यातायात पुलिस के उच्च अधिकारियों ने 15 जुलाई को चालान भुगतान की वसूली करने के लिए दो-दो सदस्यों की दो टीमें गठित कीं। टीम सिर्फ ई-चालान मशीन के माध्यम से ही चालान भुगतान करवा रही है। यातायात पुलिस जब लोगों के घर पहुंच रही है तो ज्यादातर लोग बहाना कर रहे हैं कि वह बाद में भुगतान कर देंगे, जबकि कई लोग शहर के बाहर थे, जिससे चालान का भुगतान नहीं करवाया जा सका है।
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कुछ इस तरह है स्थिति
घरों का दौरा 469
अब यहां नहीं रहते 153
बाद में भुगतान करना 184
वाहन बेच देना 06
वाहन मालिक की मौत 06
घरों में ताले 08
शहर के बाहर जाना 25
भुगतान करने से इनकार 07
भुगतान हुआ 80
पुलिस वाहन चालकों को कर रही जागरूक
शहर में यातायात पुलिस की मुस्तैदी की वजह से दूसरे राज्यों के मुकाबले काफी कम नियमों की अवहेलना होती है, लेकिन कुछ ऐसे भी वाहन चालक हैं, जिनका आए दिन चालान होना आम बात है। घर के दौरे के दौरान पुलिस लोगों को भी यातायात नियमों की अवहेलना न करने के बारे में भी जागरूक कर रही है। आंकड़ों के अनुसार, सबसे ज्यादा चालान साउथ और ईस्ट डिवीजन थाना क्षेत्र के अंतर्गत काटे गए हैं। इनमें तीन सवारी, जेबरा क्रासिंग, मोबाइल पर बात करना, सिग्नल तोड़ना, तेज रफ्तार, बिना हेलमेट समेत अन्य अवहेलना के तहत चालान काटा गया था।
कोट
दो टीमें घर-घर जाकर चालान भुगतान न करने वाले लोगों से चालान का भुगतान करवा रही हैं। इसके साथ ही कुछ ऐसे घर भी मिले हैं, जहां पर अब लोग नहीं रहते (घर बदल चुके) हैं। चालान भुगतान करवाने का प्रयास लगातार जारी है।
-केतन बंसल, एसपी यातायात, चंडीगढ़
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पिछले दो सप्ताह में टीम ने 469 घरों का दौरा किया। इसमें 153 लोग ऐसे मिले, जो अब उस मकान में नहीं रहते हैं। पुलिस अब इनके घर का पता लगाने में जुटी हुई है, ताकि चालान भरवाया जा सके। वहीं, 80 लोगों से चालान का भुगतान करवाकर दो लाख 63 हजार 400 रुपये की वसूली की गई है।
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बता दें कि 70 हजार से ज्यादा चालान भुगतान के लिए लंबित हैं। पुलिस ने लोगों को कई बार रिमाइंडर भी भेजा, लेकिन लोगों ने चालान नहीं भुगता। इसके बाद यातायात पुलिस के उच्च अधिकारियों ने 15 जुलाई को चालान भुगतान की वसूली करने के लिए दो-दो सदस्यों की दो टीमें गठित कीं। टीम सिर्फ ई-चालान मशीन के माध्यम से ही चालान भुगतान करवा रही है। यातायात पुलिस जब लोगों के घर पहुंच रही है तो ज्यादातर लोग बहाना कर रहे हैं कि वह बाद में भुगतान कर देंगे, जबकि कई लोग शहर के बाहर थे, जिससे चालान का भुगतान नहीं करवाया जा सका है।
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कुछ इस तरह है स्थिति
घरों का दौरा 469
अब यहां नहीं रहते 153
बाद में भुगतान करना 184
वाहन बेच देना 06
वाहन मालिक की मौत 06
घरों में ताले 08
शहर के बाहर जाना 25
भुगतान करने से इनकार 07
भुगतान हुआ 80
पुलिस वाहन चालकों को कर रही जागरूक
शहर में यातायात पुलिस की मुस्तैदी की वजह से दूसरे राज्यों के मुकाबले काफी कम नियमों की अवहेलना होती है, लेकिन कुछ ऐसे भी वाहन चालक हैं, जिनका आए दिन चालान होना आम बात है। घर के दौरे के दौरान पुलिस लोगों को भी यातायात नियमों की अवहेलना न करने के बारे में भी जागरूक कर रही है। आंकड़ों के अनुसार, सबसे ज्यादा चालान साउथ और ईस्ट डिवीजन थाना क्षेत्र के अंतर्गत काटे गए हैं। इनमें तीन सवारी, जेबरा क्रासिंग, मोबाइल पर बात करना, सिग्नल तोड़ना, तेज रफ्तार, बिना हेलमेट समेत अन्य अवहेलना के तहत चालान काटा गया था।
कोट
दो टीमें घर-घर जाकर चालान भुगतान न करने वाले लोगों से चालान का भुगतान करवा रही हैं। इसके साथ ही कुछ ऐसे घर भी मिले हैं, जहां पर अब लोग नहीं रहते (घर बदल चुके) हैं। चालान भुगतान करवाने का प्रयास लगातार जारी है।
-केतन बंसल, एसपी यातायात, चंडीगढ़