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आज शाम साढ़े 4 बजे सुखना पर दिखेगा एयर शो का रोमांच
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चंडीगढ़। 1971 के भारत-पाक युद्ध में विजय के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 22 सितंबर को शहर भारतीय वायुसेना के साथ जीत का जश्न मनाएगा। इस एयर शो की तैयारी जोर-शोर से चल रही है। मंगलवार को सूर्यकिरण एयरोबैटिक्स टीम (स्कैट) की ओर से सुखना लेक पर शाम साढ़े 4 बजे फुल ड्रेस रिहर्सल की जाएगी। इसे लेकर डीसी मनदीप सिंह बराड़ ने वायु सेना के अधिकारियों के साथ सुखना लेक पर तैयारियों का जायजा लिया।
वायु सेना की सूर्यकिरण टीम सुखना लेक के पास मंगलवार शाम 4.30 बजे आसमान में करतब दिखाएगी। यह रिहर्सल होगा और मुख्य कार्यक्रम बुधवार को शाम साढ़े 4 बजे किया जाएगा। एयरफोर्स विमानों की तेज गड़गड़ाहट शहरवासियों को रोमांचित करेगी। सुखना लेक पहुंचकर भी लोग इस एयर शो का आनंद ले सकते हैं। हालांकि, कोरोना के दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने लोगों से आग्रह किया है कि शहरवासी इसे अपने घर की छत से ही देखें। जो लोग मंगलवार को इसे देखेंगे, वे बुधवार को सुखना लेक न आएं, ताकि कोरोना सोशल डिस्टेंसिंग को बरकरार रखा जा सके।
चंडीगढ़ के बाद 26 सितंबर को सूर्यकिरण की यही टीम कश्मीर, 8 अक्तूबर को हिंडन और 16 अक्तूबर को पुणे में भी आसमान में करतब दिखाएगी। सूर्यकिरण भारतीय वायुसेना की एक एयरोबैटिक्स प्रदर्शन टीम है। साल 1996 में सूर्यकिरण एयरोबैटिक्स टीम (स्कैट) की स्थापना हुई थी और यह वायुसेना के 52वें स्क्वाड्रन का हिस्सा है। यह टीम कई बार 9 विमानों वाले फॉर्मेशन का प्रदर्शन कर चुकी है। विमान में डीजल का इस्तेमाल सफेद धुएं के लिए और डीजल के साथ रंग मिलाकर उसका इस्तेमाल रंगीन धुएं के लिए किया जाता है।
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वायु सेना की सूर्यकिरण टीम सुखना लेक के पास मंगलवार शाम 4.30 बजे आसमान में करतब दिखाएगी। यह रिहर्सल होगा और मुख्य कार्यक्रम बुधवार को शाम साढ़े 4 बजे किया जाएगा। एयरफोर्स विमानों की तेज गड़गड़ाहट शहरवासियों को रोमांचित करेगी। सुखना लेक पहुंचकर भी लोग इस एयर शो का आनंद ले सकते हैं। हालांकि, कोरोना के दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने लोगों से आग्रह किया है कि शहरवासी इसे अपने घर की छत से ही देखें। जो लोग मंगलवार को इसे देखेंगे, वे बुधवार को सुखना लेक न आएं, ताकि कोरोना सोशल डिस्टेंसिंग को बरकरार रखा जा सके।
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चंडीगढ़ के बाद 26 सितंबर को सूर्यकिरण की यही टीम कश्मीर, 8 अक्तूबर को हिंडन और 16 अक्तूबर को पुणे में भी आसमान में करतब दिखाएगी। सूर्यकिरण भारतीय वायुसेना की एक एयरोबैटिक्स प्रदर्शन टीम है। साल 1996 में सूर्यकिरण एयरोबैटिक्स टीम (स्कैट) की स्थापना हुई थी और यह वायुसेना के 52वें स्क्वाड्रन का हिस्सा है। यह टीम कई बार 9 विमानों वाले फॉर्मेशन का प्रदर्शन कर चुकी है। विमान में डीजल का इस्तेमाल सफेद धुएं के लिए और डीजल के साथ रंग मिलाकर उसका इस्तेमाल रंगीन धुएं के लिए किया जाता है।
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