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विज्ञान संकाय के सभी विभाग खोल दिए, कला व वाणिज्य के क्यों नहीं
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चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय ने विज्ञान संकाय के सभी विभाग खोल दिए, लेकिन कला व वाणिज्य संकाय के ताले अभी बंद हैं। इसका मुद्दा छात्रों ने उठाया है। कहा है कि सभी विद्यार्थियों के लिए पीजी की डिग्रियां एक जैसी हैं तो फिर कला व वाणिज्य के विद्यार्थियों के साथ भेदभाव क्यों किया गया। कुछ ही विभागों के विद्यार्थियों को बुलाया जाता, ताकि छात्रों को लगता कि पीयू प्रशासन के अधिकारी पक्षपात जैसा रवैया नहीं अपना रहे। छात्रों ने कहा है कि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो छात्र उग्र प्रदर्शन करेंगे।
छात्रों में बढ़ रहा गुस्सा, पीयू अफसर सो रहे
कोरोना के कारण पीयू बंद चल रही थी। दूसरी लहर के बाद तमाम शिक्षण संस्थान खुल गए, लेकिन पीयू ने कदम नहीं उठाया। छात्रों व शिक्षकों का दबाव पड़ा तो शुरुआत हुई। पीयू के अधिकारियों ने सबसे पहले विज्ञान संकाय के कुछ विभाग खोले और आखिर तक उसी संकाय के विभागों पर ध्यान केंद्रित किया। आज स्थिति यह है कि सभी विज्ञान संकाय के विभाग खुल गए पर कला, वाणिज्य के पीजी के विद्यार्थी कैंपस नहीं आ पाए। यह मुद्दा पहले भी छात्रों ने उठाया था, लेकिन अधिकारियों ने इसे नजरअंदाज कर दिया। अब छात्रों में गुस्सा तेज हो गया। पीयू प्रशासन का तर्क हैं कि विज्ञान संकाय में प्रैक्टिकल होते हैं, ऐसे में विद्यार्थियों का प्रयोगशालाओं में आना जरूरी है। दूसरे चरण में कला व वाणिज्य संकाय के विद्यार्थियों को बुलाया जाएगा।
छात्रों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं करेंगे : छात्र संगठन
एबीवीपी के मीडिया प्रभारी शुभम भारद्वाज का कहना है कि सभी छात्र एक समान हैं। पीयू को पूरा कैंपस एक साथ खोल देना चाहिए। इसके लिए हमने प्रदर्शन किया, लेकिन अधिकारी सो रहे हैं। कला व वाणिज्य संकाय के छात्रों के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। एनएसयूआई अध्यक्ष निखिल नरमेटा ने भी यह मुद्दा उठाया है। उन्होंने भी अधिकारियों को चेतावनी दी है कि इस पर गौर करें अन्यथा परिणाम ठीक नहीं होंगे। एसएफएस के पदाधिकारी संदीप कुमार का कहना है कि उन्होंने कैंपस खोलने को लेकर लंबा संघर्ष किया है। पूरा कैंपस अब तक खुल जाना चाहिए था। कला व वाणिज्य वर्ग के विद्यार्थियों को भी अब तक बुला लेना चाहिए था।
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छात्रों में बढ़ रहा गुस्सा, पीयू अफसर सो रहे
कोरोना के कारण पीयू बंद चल रही थी। दूसरी लहर के बाद तमाम शिक्षण संस्थान खुल गए, लेकिन पीयू ने कदम नहीं उठाया। छात्रों व शिक्षकों का दबाव पड़ा तो शुरुआत हुई। पीयू के अधिकारियों ने सबसे पहले विज्ञान संकाय के कुछ विभाग खोले और आखिर तक उसी संकाय के विभागों पर ध्यान केंद्रित किया। आज स्थिति यह है कि सभी विज्ञान संकाय के विभाग खुल गए पर कला, वाणिज्य के पीजी के विद्यार्थी कैंपस नहीं आ पाए। यह मुद्दा पहले भी छात्रों ने उठाया था, लेकिन अधिकारियों ने इसे नजरअंदाज कर दिया। अब छात्रों में गुस्सा तेज हो गया। पीयू प्रशासन का तर्क हैं कि विज्ञान संकाय में प्रैक्टिकल होते हैं, ऐसे में विद्यार्थियों का प्रयोगशालाओं में आना जरूरी है। दूसरे चरण में कला व वाणिज्य संकाय के विद्यार्थियों को बुलाया जाएगा।
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छात्रों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं करेंगे : छात्र संगठन
एबीवीपी के मीडिया प्रभारी शुभम भारद्वाज का कहना है कि सभी छात्र एक समान हैं। पीयू को पूरा कैंपस एक साथ खोल देना चाहिए। इसके लिए हमने प्रदर्शन किया, लेकिन अधिकारी सो रहे हैं। कला व वाणिज्य संकाय के छात्रों के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। एनएसयूआई अध्यक्ष निखिल नरमेटा ने भी यह मुद्दा उठाया है। उन्होंने भी अधिकारियों को चेतावनी दी है कि इस पर गौर करें अन्यथा परिणाम ठीक नहीं होंगे। एसएफएस के पदाधिकारी संदीप कुमार का कहना है कि उन्होंने कैंपस खोलने को लेकर लंबा संघर्ष किया है। पूरा कैंपस अब तक खुल जाना चाहिए था। कला व वाणिज्य वर्ग के विद्यार्थियों को भी अब तक बुला लेना चाहिए था।
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