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जीएमएसएच-16 ओपीडी में गिने-चुने मरीज फिर भी जांच के लिए मिल रही अगली तारीख
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ओपीडी में गिने-चुने मरीज फिर भी जांच के लिए मिल रही अगली तारीख
जीएमएसएच-16 का हाल, अल्ट्रासाउंड कराने के लिए मरीज लगा रहे अस्पताल का चक्कर
माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। कोरोना महामारी के चलते जीएमएसएच-16 में सीमित संख्या में मरीज देखे जा रहे हैं। इन मरीजों को इलाज के लिए अलग-अलग दिन अस्पताल आना पड़ रहा है। अस्पताल में डॉक्टर से परामर्श लेने के बाद मरीज को अल्ट्रासाउंड कराने केेलिए तीन से चार दिन बाद की तारीख दी जा रही है। इससे एक बार ओपीडी में पंजीकरण कराने व डॉक्टर को दिखाने केबाद मरीज को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए तारीख लेने और फिर जांच कराने केलिए आना पड़ रहा है। मरीजों व उनके परिजनों का कहना है कि संक्रमण के डर से ओपीडी बंद कर दी गई है। वहीं, मरीजों को एक बार केपरामर्श व दवा के लिए कई बार अस्पताल बुलाया जा रहा है। यह सही नहीं है। इस बारे में अस्पताल प्रशासन को सोचना चाहिए। उधर, जीएमएसएच-16 के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वीकेनागपाल ने कहा कि अल्ट्रासाउंड करने के लिए डॉक्टर को मरीज के नजदीक जाना पड़ता है। इस दौरान संक्रमण के खतरे को देखते हुए जांच से पहले मरीज की कोरोना जांच अनिवार्य कर दी गई है। इसमें आरटीपीसीआर रिपोर्ट जरूरी है, इसलिए दो से तीन दिन का समय लग रहा है। सीटी स्कैन, एक्स-रे उसी दिन किए जा रहे हैं।
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जीएमएसएच-16 का हाल, अल्ट्रासाउंड कराने के लिए मरीज लगा रहे अस्पताल का चक्कर
माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। कोरोना महामारी के चलते जीएमएसएच-16 में सीमित संख्या में मरीज देखे जा रहे हैं। इन मरीजों को इलाज के लिए अलग-अलग दिन अस्पताल आना पड़ रहा है। अस्पताल में डॉक्टर से परामर्श लेने के बाद मरीज को अल्ट्रासाउंड कराने केेलिए तीन से चार दिन बाद की तारीख दी जा रही है। इससे एक बार ओपीडी में पंजीकरण कराने व डॉक्टर को दिखाने केबाद मरीज को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए तारीख लेने और फिर जांच कराने केलिए आना पड़ रहा है। मरीजों व उनके परिजनों का कहना है कि संक्रमण के डर से ओपीडी बंद कर दी गई है। वहीं, मरीजों को एक बार केपरामर्श व दवा के लिए कई बार अस्पताल बुलाया जा रहा है। यह सही नहीं है। इस बारे में अस्पताल प्रशासन को सोचना चाहिए। उधर, जीएमएसएच-16 के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वीकेनागपाल ने कहा कि अल्ट्रासाउंड करने के लिए डॉक्टर को मरीज के नजदीक जाना पड़ता है। इस दौरान संक्रमण के खतरे को देखते हुए जांच से पहले मरीज की कोरोना जांच अनिवार्य कर दी गई है। इसमें आरटीपीसीआर रिपोर्ट जरूरी है, इसलिए दो से तीन दिन का समय लग रहा है। सीटी स्कैन, एक्स-रे उसी दिन किए जा रहे हैं।