फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   31 year old youth shot dead in Chandigarh

चंडीगढ़ में बड़ी वारदात: 10 लाख के लेनदेन में दोस्त को गोलियों से भूना, आरोपी ने सरेंडर कर कहा- मैं न मारता तो वह मुझे मार देता

Sat, 13 Nov 2021 11:30 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Sat, 13 Nov 2021 11:30 PM IST
सार

मृतक के भाई कुलविंदर ने बताया कि 9 लाख नहीं बल्कि मोंटी को 30 लाख रुपये देने थे। कार खरीदने और उसमें मुनाफे को मिलाकर यह रकम बनी है। यह रुपये जसप्रीत ने अपने पिता से लिए थे। जसप्रीत सिंह की एक छह माह की बच्ची है। वहीं उसके दो भाई और एक बहन हैं।

विज्ञापन
31 year old youth shot dead in Chandigarh
इस कार से आरोपी पहुंचा थाने व मृतक की फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

10 लाख रुपये के लेनदेन के विवाद में शनिवार शाम एक युवक ने अपने ही दोस्त पर ताबड़तोड़ पांच गोलियां बरसाकर उसकी हत्या कर दी। वारदात रेलवे स्टेशन के पास दड़वा लाइट प्वाइंट पर हुई। हत्या के बाद आरोपी कार चलाकर औद्योगिक क्षेत्र थाने पहुंचा और सरेंडर कर दिया। पुलिस ने आरोपी सेक्टर-19 निवासी जसप्रीत उर्फ मोंटी (21) को गिरफ्तार कर कार और पिस्टल को कब्जे में ले लिया।

विज्ञापन


मृतक की पहचान पडौल गांव निवासी जसप्रीत सिंह (31) के रूप में हुई है। सरेंडर के बाद मोंटी ने पुलिस से कहा कि अगर मैं जसप्रीत को नहीं मारता तो वह मुझे मार देता। पुलिस रविवार को उसे अदालत में पेश करेगी।
विज्ञापन


पुलिस के अनुसार, आरोपी जसप्रीत उर्फ मोंटी कार खरीदने और बेचने का काम करता है। उसका दोस्त जसप्रीत सिंह उसे कार खरीदने के लिए रुपये देता था। मोंटी दिल्ली से सस्ते दाम पर गाड़ियां खरीदकर चंडीगढ़ लाता था और बेचता था। मुनाफे को दोनों आधा-आधा बांट लेते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


मोंटी ने पुलिस को बताया कि 10 दिन पहले उसने जसप्रीत सिंह से 10 लाख रुपये उधार लिए थे। मंगलवार तक उसे रुपये लौटाने थे लेकिन कार न बिकने के कारण रुपये इकट्ठे नहीं हो सके जबकि जसप्रीत रुपयों के लिए दबाव बनाने लगा। लेनदेन का हिसाब करने के लिए जसप्रीत सिंह और उसका दोस्त जगदीप इनोवा कार से शाम को सेक्टर-28 पहुंचे। वहां जसप्रीत अपनी गाड़ी से उतरकर मोंटी की कार में जाकर बैठक गया।

मोंटी ने कहा कि वह औद्योगिक क्षेत्र स्थित दफ्तर से उसे रुपये देगा। इसके बाद दोनों कार से निकल पड़े जबकि जगदीप मोंटी की कार के पीछे गाड़ी लेकर चलने लगा। रास्ते में मोंटी और जसप्रीत की बहस हो गई। लगभग साढ़े चार बजे दड़वा लाइट प्वाइंट से रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाली सड़क पर जसप्रीत सिंह और मोंटी में हाथापाई शुरू हो गई। इतने में मोंटी ने .32 बोर की पिस्टल निकाली और जसप्रीत को ताबड़तोड़ पांच गोलियां मार दीं। एक गोली कमर पर, दो गोलियां छाती और दो गोलियां पेट में लगीं। छाती वाली एक गोली के दिल में लगने से जसप्रीत बेसुध हो गया। उधर, जगदीप जब तक गाड़ी से निकलता मोंटी कार लेकर भाग निकला और थाने जाकर सरेंडर कर दिया।

जगदीप ने 112 पर कॉल कर घटना की सूचना दी। साथ ही जसप्रीत के भाई कुलविंदर को भी बताया। जगदीप खुद ही जसप्रीत को लेकर मनीमाजरा सिविल अस्पताल पहुंचा। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। साथ ही जगदीप की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। वहीं शव को जीएमएसएच-16 के शवगृह में रखवा दिया गया है। उधर, पुलिस का दावा है कि आरोपी को उन्होंने पकड़ा है।

पहले दोनों बाउंसर थे, बाद में काम छोड़ शुरू किया व्यवसाय
मोंटी और जसप्रीत सिंह वर्ष 2008-2009 दोस्त थे। उस दौरान दोनों बाउंसर का काम करते थे। शादी के बाद वर्ष 2012 में जसप्रीत सिंह ने बाउंसर का काम छोड़ दिया। कुछ समय बाद मोंटी ने भी काम छोड़कर कार खरीदने और बेचने का धंधा शुरू कर दिया। लगभग चार माह पहले दोनों फिर से मिले। इस दौरान जसप्रीत इस काम में रुपये लगाता और मोंटी गाड़ी खरीदकर बेचता था। मोंटी ने पुलिस को बताया कि 10 लाख में से 1.40 लाख रुपये उसने जसप्रीत को वापस भी कर दिए थे।


जसप्रीत के पास भी थी पिस्टल, लाइसेंस हो चुका था खत्म
मृतक जसप्रीत के पास भी एक पिस्टल थी लेकिन उसका लाइसेंस की अवधि खत्म होने के कारण वह पिस्टल साथ लेकर नहीं चलता था। वहीं, मोंटी जसप्रीत से कई बार अपने लिए लाइसेंस बनवाने की बात कही थी लेकिन उसका लाइसेंस नहीं बना था। पुलिस जांच में पता चला है कि मोंटी से बरामद पिस्टल अवैध है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed